देहरादून, 05 अप्रैल 2026 (दून हॉराइज़न)। राजधानी देहरादून को आधुनिक, व्यवस्थित और जाम मुक्त शहर बनाने की दिशा में मसूरी-देहरादून विकास प्राधिकरण (एमडीडीए) ने मास्टर प्लान 2041 (Dehradun Master Plan 2041) के अंतिम ड्राफ्ट पर काम तेज कर दिया है।
शनिवार को प्राधिकरण दफ्तर में सचिव आवास डॉ. आर राजेश कुमार की अध्यक्षता में हुई हाई-लेवल मीटिंग में मास्टर प्लान के हर पहलू को बारीकी से खंगाला गया। सचिव ने साफ निर्देश दिए हैं कि मास्टर प्लान को बंद कमरों के बजाय जन-केंद्रित बनाया जाए, जिसके लिए नगर निगम के हर वार्ड में विशेष कैंप लगाए जाएंगे। इन कैंपों में नागरिक अपनी आपत्तियां और सुझाव सीधे दर्ज करा सकेंगे।
बैठक में राजधानी के बुनियादी ढांचे को मजबूत करने के लिए नए कॉरिडोर, बाईपास और स्मार्ट ट्रैफिक मैनेजमेंट सिस्टम के प्रस्तावों को हरी झंडी दिखाई गई। प्राधिकरण का मुख्य फोकस शहर की सड़कों पर बढ़ते दबाव को कम करना और पार्किंग सुविधाओं का विस्तार करना है। सचिव आवास ने नई आवासीय योजनाओं और तलपट मानचित्रों के साथ-साथ शहरी क्षेत्रों में ग्रीन जोन बढ़ाने पर जोर दिया है।
एमडीडीए उपाध्यक्ष बंशीधर तिवारी ने भविष्य के विजन को साझा करते हुए बताया कि मास्टर प्लान 2041 महज एक दस्तावेज नहीं, बल्कि दून की नई आर्थिक रीढ़ बनेगा। शहर में प्रस्तावित कन्वेंशन सेंटर, हेल्थ सिटी और गिफ्ट सिटी निवेश के नए द्वार खोलेंगे। उन्होंने स्पष्ट किया कि विकास के साथ पर्यावरण संरक्षण से कोई समझौता नहीं होगा और नदी तटों को संरक्षित कर वहां ग्रीन बेल्ट विकसित की जाएगी।
वहीं, मसूरी को लेकर भी बड़ी योजना पर चर्चा हुई। अधिकारियों ने बताया कि मसूरी को ‘मॉडल हिल स्टेशन’ के रूप में विकसित करने के लिए संबंधित विभागों से डेटा जुटाया जा रहा है। इसका मकसद पर्यटन को बढ़ावा देने के साथ पहाड़ों की पारिस्थितिकी को सुरक्षित रखना है।
एमडीडीए सचिव मोहन सिंह बर्निया ने बताया कि आपत्तियों के निस्तारण के लिए एक तीन सदस्यीय पावरफुल कमेटी बनाई गई है। इसमें उपाध्यक्ष, सचिव और संयुक्त सचिव शामिल रहेंगे। यह कमेटी समयबद्ध तरीके से लोगों की शिकायतों को सुनेगी, जिसमें उपाध्यक्ष को जटिल मामलों के त्वरित समाधान के लिए विशेष अधिकार दिए गए हैं। बैठक में संयुक्त सचिव प्रत्यूष सिंह, गौरव चटवाल समेत कई वरिष्ठ अधिकारी और कार्यदायी संस्था के प्रतिनिधि मौजूद रहे।









