---Advertisement---

Dehradun News : देहरादून में स्वास्थ्य विभाग की छापेमारी, प्रशासन ने बंद कराए ये दो मेडिकल स्टोर

---Advertisement---

देहरादून के रायपुर सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (CHC) में दवाओं की कालाबाजारी और अनियमितता पर जिलाधिकारी सविन बंसल ने बड़ी कार्रवाई की है। जन औषधि केंद्र संचालक द्वारा मरीजों को महंगी दवाएं खरीदने पर मजबूर करने और रिकॉर्ड में हेराफेरी मिलने पर प्रशासन ने जन औषधि केंद्र और निजी मेडिकल स्टोर दोनों के लाइसेंस निरस्त कर दिए हैं। जांच में सामने आया कि संचालक जानबूझकर सरकारी पोर्टल का उपयोग नहीं कर रहा था ताकि निजी स्टोर को फायदा पहुंचा सके।

Dehradun News : उत्तराखंड की राजधानी देहरादून में स्वास्थ्य सेवाओं के नाम पर खिलवाड़ करने वालों के खिलाफ जिला प्रशासन ने सख्त रुख अख्तियार कर लिया है। रायपुर स्थित सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (CHC) में संचालित प्रधानमंत्री जन औषधि केंद्र में भारी अनियमितताओं की शिकायत मिलने के बाद जिलाधिकारी सविन बंसल के आदेश पर बड़ी कार्रवाई की गई है।

प्रशासन ने न केवल जन औषधि केंद्र, बल्कि उसके बगल में चल रहे निजी मेडिकल स्टोर ‘रावत मेडिकोज’ का लाइसेंस भी तत्काल प्रभाव से निरस्त कर दिया है। यह कार्रवाई उस शिकायत के बाद हुई है जिसमें कहा गया था कि केंद्र संचालक जानबूझकर सरकारी स्टोर पर दवाएं उपलब्ध नहीं कराता था, ताकि लोग उसके निजी स्टोर से महंगी दवाएं खरीदें।

जनता दर्शन में मिली शिकायत पर डीएम का एक्शन

इस पूरे मामले की शुरुआत 4 दिसंबर 2025 को जिलाधिकारी सविन बंसल की अध्यक्षता में आयोजित जनता दर्शन कार्यक्रम से हुई। वहां एक शिकायतकर्ता ने साक्ष्यों के साथ बताया कि रायपुर CHC के जन औषधि केंद्र पर सस्ती दवाएं नहीं मिल रही हैं। शिकायत में आरोप लगाया गया कि केंद्र संचालक बलवीर सिंह रावत ने केंद्र के पास ही अपना निजी मेडिकल स्टोर खोल रखा है और वह जानबूझकर जन औषधि केंद्र को निष्क्रिय रखता है। डीएम ने मामले की गंभीरता को देखते हुए संयुक्त मजिस्ट्रेट राहुल कुमार और वरिष्ठ औषधि निरीक्षक की एक संयुक्त टीम गठित कर मौके पर जांच के निर्देश दिए थे।

जांच में खुली पोल: सॉफ्टवेयर के बजाय व्हाट्सएप से होता था खेल

संयुक्त मजिस्ट्रेट की जांच रिपोर्ट में चौंकाने वाले खुलासे हुए हैं। जांच टीम ने पाया कि जन औषधि केंद्र में दवाओं की उपलब्धता दर्शाने वाले पीएमबीआई (PMBI) के आधिकारिक सॉफ्टवेयर का वर्षों से उपयोग ही नहीं किया गया। नियमानुसार दवाओं की मांग और आपूर्ति पोर्टल के माध्यम से होनी चाहिए, लेकिन यहां सारा काम अनौपचारिक रूप से व्हाट्सएप के जरिए किया जा रहा था। बिलिंग भी मैनुअल तरीके से की जा रही थी, जिससे स्टॉक और इन्वेंट्री का कोई सही रिकॉर्ड नहीं मिल सका। यह सब इसलिए किया गया ताकि मरीजों को सस्ती दवाओं के अभाव में बाहर से दवा खरीदने को मजबूर किया जा सके।

दस्तावेजों में हेराफेरी और हितों का टकराव

जांच में यह भी सामने आया कि जन औषधि केंद्र और निजी स्टोर ‘रावत मेडिकोज’ के बीच महज 25 मीटर की दूरी थी, जो सीधे तौर पर हितों के टकराव (Conflict of Interest) का मामला है। इसके अलावा, लाइसेंस नवीनीकरण के लिए भी फर्जीवाड़े का सहारा लिया गया। एक ही रेफ्रिजरेटर बिल का उपयोग दोनों जगह किया गया और एसी की कार्यशीलता को लेकर भी गलत घोषणाएं की गईं। यहां तक कि किरायानामा अनुबंध समाप्त होने के बाद भी फर्जी तरीके से संचालन जारी था। इन गंभीर अनियमितताओं को देखते हुए वरिष्ठ औषधि निरीक्षक ने दोनों स्टोर के लाइसेंस निरस्त करने की संस्तुति की, जिसे प्रशासन ने लागू कर दिया है।


भारत के भले ही किसी कोने में आप रह रहे हों, Doon Horizon वेबसाइट पर मिलेगी आपको हर राज्य की छोटी-बड़ी खबर। राजनीति, खेल, चुनाव, बिजनेस, सिनेमा, इस प्लैटफॉर्म पर बस एक क्लिक करते ही हमेशा पाएं ताजा खबरें। उत्तर प्रदेश, उत्तराखंड, पंजाब, हरियाणा, दिल्ली एनसीआर और जम्मू-कश्मीर समेत देश के बाकी राज्यों और शहरों की कोई जानकारी हो, हम आपको देते हैं। सियासी रण हो या बजट का मौसम, कहां चल रहा क्या सियासी दांव-पेच, आपके गांव में किसकी सरकार, हर अपडेट यहां आपको मिलेंगे। तो फिर अपने राज्य की हर हलचल के लिए जुड़े रहिए Doon Horizon के साथ।


Join WhatsApp

Join Now
---Advertisement---

Leave a Comment