---Advertisement---

देहरादून का ‘किडनी कांड’: 18 बीघा जमीन बेचने वाला Ayush Chaudhary निकला शातिर खिलाड़ी, खुल गई पोल!

---Advertisement---

बेगूसराय, 07 अप्रैल 2026 (दून हॉराइज़न)। आर्थिक तंगी और कॉलेज की भारी-भरकम फीस चुकाने के बहाने अपनी किडनी का सौदा करने वाले Ayush Chaudhary की असलियत अब सामने आने लगी है। कानपुर में बेनकाब हुए इस सनसनीखेज किडनी रैकेट का शिकार होने का दावा करने वाले आयुष का अतीत सहानुभूति के बजाय संगीन अपराध और बदहाली की दास्तां बयां कर रहा है।

बेगूसराय जिले के भगवानपुर थाना क्षेत्र के औगान गांव का निवासी आयुष कभी मेधावी छात्र हुआ करता था, जिसने 2015 में प्रथम श्रेणी से इंटर पास किया। डॉक्टर बनने का सपना लिए वह विशाखापट्टनम गया, लेकिन वहां पढ़ाई के बजाय वह मटिहानी की एक युवती के साथ प्रेम प्रसंग और गलत संगत में पड़ गया। नशे की लत और खराब आचरण के कारण 2017 में उसके पिता राजेश चौधरी ने हार मानकर आत्महत्या कर ली थी।

पिता की मौत के बाद आयुष ने सुधरने के बजाय पुश्तैनी जायदाद पर हाथ साफ करना शुरू कर दिया। ग्रामीणों के मुताबिक, उसने अय्याशी और महंगे शौक पूरे करने के लिए गांव की करीब 18 बीघा जमीन टुकड़ों में बेच दी। इस दौरान उसने सोशल मीडिया के जरिए एक एयर होस्टेस को अपने जाल में फंसाया और देवघर में शादी कर ली, लेकिन उसकी हरकतों से तंग आकर पत्नी ने तीन महीने के भीतर ही नाता तोड़ लिया।

साल 2021 में आयुष जब आखिरी बार गांव लौटा, तो उसके छोटे भाई ऋषभ ने उसे घर में घुसने तक नहीं दिया। तब से परिवार ने उससे नाता तोड़ लिया है। फिलहाल उसकी मां रीता देवी भी घर पर नहीं हैं और मकान में ताला लटका हुआ है। देहरादून के एक मैनेजमेंट कॉलेज से एमबीए करने का दावा करने वाले आयुष ने पुलिस को बताया था कि 9 लाख में किडनी का सौदा हुआ था, जिसमें से उसे केवल 3.50 लाख रुपये मिले।

हालांकि, भगवानपुर थानाध्यक्ष नीरज कुमार ठाकुर ने स्पष्ट किया है कि उन्हें सोशल मीडिया से ही इस मामले की जानकारी मिली है। पुलिस के पास अब तक किसी अन्य राज्य की पुलिस ने कोई आधिकारिक संपर्क नहीं किया है और न ही आयुष के घर पर कोई जांच टीम पहुंची है। स्थानीय लोग इसे मजबूरी नहीं, बल्कि शातिराना तरीके से पैसे कमाने का एक और हथकंडा मान रहे हैं।

Join WhatsApp

Join Now
---Advertisement---

Leave a Comment