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Dhanteras Broom Vastu : धनतेरस पर झाड़ू खरीदना क्यों होता है इतना शुभ, जानिए इसका रहस्य

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Dhanteras Broom Vastu : धनतेरस का पर्व दीपावली की शुरुआत का प्रतीक माना जाता है। इस दिन लोग सोना, चांदी, बर्तन, वाहन और यहां तक कि झाड़ू भी खरीदते हैं।

झाड़ू खरीदने की यह परंपरा कोई साधारण रीति नहीं है, बल्कि इसके पीछे गहरी धार्मिक और आध्यात्मिक मान्यताएं जुड़ी हुई हैं।

कहा जाता है कि धनतेरस पर खरीदी गई नई झाड़ू मां लक्ष्मी के आगमन का संकेत होती है और यह घर से दरिद्रता तथा नकारात्मक ऊर्जा को दूर करती है।

झाड़ू क्यों मानी जाती है मां लक्ष्मी का प्रतीक

पुराणों और शास्त्रों में झाड़ू को मां लक्ष्मी का प्रतीक बताया गया है। झाड़ू घर को स्वच्छ, सुसज्जित और पवित्र बनाती है, और जहां स्वच्छता होती है, वहां मां लक्ष्मी का वास होता है।

इसी कारण दीपावली से पहले हर घर में सफाई का विशेष महत्व होता है। लोग पुरानी झाड़ू को निकालकर नई झाड़ू खरीदते हैं ताकि घर में नई ऊर्जा और समृद्धि का स्वागत हो सके।

नई झाड़ू खरीदना केवल सफाई का प्रतीक नहीं है, बल्कि यह एक संकेत है कि अब आपके घर में सकारात्मक बदलाव और खुशहाली का नया अध्याय शुरू होने वाला है।

धनतेरस पर झाड़ू खरीदने के पीछे धार्मिक मान्यता

धनतेरस पर झाड़ू खरीदना केवल एक परंपरा नहीं बल्कि वास्तविक रूप से शुभ कार्य माना गया है। माना जाता है कि इस दिन खरीदी गई झाड़ू पूरे वर्ष घर में बरकत बनाए रखती है।

झाड़ू का उपयोग नकारात्मक ऊर्जा और बुरी शक्तियों को दूर करने में सहायक होता है। यही कारण है कि कई लोग इसे मां लक्ष्मी की कृपा प्राप्त करने का आसान उपाय मानते हैं।

झाड़ू खरीदते समय रखें ये बातें ध्यान में

अगर आप धनतेरस पर झाड़ू खरीदने जा रहे हैं, तो कुछ बातों का विशेष ध्यान रखें

झाड़ू सीकों वाली या फूलों वाली अच्छी गुणवत्ता की होनी चाहिए।

झाड़ू मजबूत हो और हाथ से बनी हुई (हस्तनिर्मित) हो तो और भी शुभ मानी जाती है, क्योंकि इसमें सकारात्मक ऊर्जा और मेहनत का आशीर्वाद होता है।

टूटी या खराब झाड़ू कभी न खरीदें, क्योंकि यह अशुभता का प्रतीक मानी जाती है।

नई झाड़ू को घर में लाने का सही तरीका

जब आप नई झाड़ू घर लेकर आएं, तो उस पर सफेद धागा बांध दें। यह मां लक्ष्मी को स्थिर रखने का प्रतीक है। इस झाड़ू को तुरंत उपयोग में न लें — बल्कि अगले दिन या

दीपावली की रात लक्ष्मी पूजन के बाद इसे इस्तेमाल करें। माना जाता है कि इस विधि से घर में सुख, शांति और धन की स्थिरता बनी रहती है।

झाड़ू को हमेशा आदरपूर्वक रखें

कई धार्मिक ग्रंथों में झाड़ू को केवल सफाई का साधन नहीं, बल्कि आध्यात्मिक वस्तु बताया गया है। इसलिए इसे कभी भी पैरों से नहीं छूना चाहिए और इसे हमेशा सम्मानजनक स्थान पर रखना चाहिए।

धनतेरस के दिन पुरानी झाड़ू निकालकर नई झाड़ू घर में रखनी चाहिए। ऐसा करने से घर की नकारात्मकता दूर होती है और आर्थिक प्रगति के द्वार खुलते हैं।

शुभ मुहूर्त में झाड़ू खरीदना क्यों जरूरी है

धनतेरस पर झाड़ू खरीदते समय शुभ मुहूर्त का ध्यान रखना भी उतना ही आवश्यक है। जब ग्रह-नक्षत्र अनुकूल होते हैं, तब खरीदी गई वस्तु घर में स्थायी सुख और सौभाग्य लाती है।

इस दिन झाड़ू के साथ पीली कौड़ी, बताशे या लक्ष्मीजी की मूर्ति खरीदना और भी शुभ माना जाता है।

झाड़ू को लक्ष्मी पूजन के दौरान पूजा घर में रखकर पूजन करना चाहिए। ऐसा करने से देवी लक्ष्मी प्रसन्न होती हैं और घर में धन-धान्य का आशीर्वाद बरसाती हैं।

धनतेरस पर झाड़ू खरीदना केवल परंपरा नहीं, बल्कि एक आध्यात्मिक और ऊर्जावान संकेत है। यह हमें याद दिलाता है कि जैसे हम अपने घर की सफाई करते हैं, वैसे ही हमें अपने मन और वातावरण को भी सकारात्मकता से भरना चाहिए।

साफ-सुथरा घर, शांत मन और श्रद्धा से भरा हृदय यही हैं असली सुख और समृद्धि के स्रोत।

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