Dhanteras Muhurat इस साल धनतेरस का त्योहार बेहद शुभ संयोग लेकर आ रहा है। इस बार न सिर्फ धनतेरस पर तीन अलग-अलग शुभ मुहूर्त बन रहे हैं, बल्कि ग्रहों की स्थिति भी खरीदारी के लिए अत्यंत मंगलकारी मानी जा रही है।
इस दिन धन, समृद्धि और सुख-शांति के लिए सोना, चांदी, बर्तन और झाड़ू की खरीदारी शुभ फल देती है। धनतेरस कार्तिक मास के कृष्ण पक्ष की त्रयोदशी तिथि को मनाया जाता है।
इस दिन भगवान धन्वंतरि और मां लक्ष्मी की विशेष पूजा का विधान है। कहा जाता है कि इस दिन किए गए खरीददारी से घर में सालभर लक्ष्मी का वास बना रहता है।
धनतेरस 2025 की तिथि और शुभ मुहूर्त
पंचांग के अनुसार, धनतेरस 2025 में 20 अक्टूबर (सोमवार) को मनाया जाएगा।
इस दिन तीन अलग-अलग शुभ मुहूर्त बन रहे हैं जिनमें खरीदारी करना अत्यंत लाभदायक रहेगा।
सुबह का मुहूर्त: 8:45 AM से 10:30 AM तक — सोना-चांदी खरीदने के लिए शुभ
दोपहर का मुहूर्त: 1:15 PM से 2:45 PM तक — इलेक्ट्रॉनिक वस्तुओं या वाहन खरीदने के लिए श्रेष्ठ
शाम का मुहूर्त: 5:45 PM से 8:00 PM तक — बर्तन, दीपक और झाड़ू खरीदने के लिए शुभ माना गया है
धनतेरस के दिन प्रदोष काल में खरीदारी करना सबसे अधिक फलदायक माना जाता है क्योंकि इस समय धन की देवी मां लक्ष्मी पृथ्वी पर विचरण करती हैं।
क्यों जरूरी है धनतेरस पर खरीदारी करना
धनतेरस का अर्थ ही होता है “धन” और “तेरस”, यानी धन की प्राप्ति का दिन। मान्यता है कि इस दिन जो व्यक्ति नई वस्तु खरीदता है, उसके घर में पूरे वर्ष समृद्धि बनी रहती है।
इस दिन धन्वंतरि जयंती भी मनाई जाती है, जो आयु, आरोग्य और जीवनशक्ति का प्रतीक है। इसलिए बहुत से लोग इस दिन सोना, चांदी, बर्तन या नए कपड़े खरीदते हैं, जबकि कुछ लोग वाहन, मोबाइल या घर जैसी बड़ी खरीददारी भी करते हैं।
क्या खरीदना है शुभ और क्या नहीं
शुभ खरीदारी: सोना, चांदी, बर्तन, झाड़ू, दीपक, धनिया बीज, नए कपड़े
अशुभ खरीदारी: तेल, काला कपड़ा, कांच की वस्तुएं, कैंची या चाकू जैसी चीजें
ध्यान रखें कि खरीदारी करते समय वस्तु को दक्षिण दिशा की ओर न रखें और उसे घर के मंदिर में रखकर मां लक्ष्मी से आशीर्वाद अवश्य लें।
धनतेरस पर करें ये उपाय
शाम के समय मुख्य द्वार पर दो दीपक जलाएं, एक तेल का और एक घी का।
मां लक्ष्मी और भगवान कुबेर की पूजा करें और “ॐ श्रीं ह्रीं क्लीं महालक्ष्म्यै नमः” मंत्र का जाप करें।
घर के उत्तर-पूर्व दिशा में दीपक जलाना बेहद शुभ माना गया है।
इस बार का संयोग क्यों है विशेष
2025 की धनतेरस पर त्रिपुष्कर योग और सर्वार्थ सिद्धि योग का संगम हो रहा है। इन योगों में की गई खरीदारी कई गुना फलदायी होती है। ऐसे में इस बार की धनतेरस अपने आप में बेहद खास रहने वाली है।
ज्योतिषाचार्यों का कहना है कि इन तीनों मुहूर्तों में से शाम का समय सबसे उत्तम रहेगा क्योंकि यह प्रदोष काल में आता है और मां लक्ष्मी की आराधना के लिए सर्वोत्तम माना गया है।
धनतेरस सिर्फ खरीदारी का त्योहार नहीं बल्कि समृद्धि, स्वास्थ्य और खुशहाली का प्रतीक है। इस बार तीन शुभ मुहूर्तों के साथ धनतेरस बेहद खास बन गई है।
सही समय पर की गई खरीदारी आपके जीवन में सकारात्मक ऊर्जा और सुख-समृद्धि का संचार कर सकती है।









