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Diabetes Diet : शुगर कंट्रोल करने वाले लोग इन दालों को डाइट से करें बाहर, जानिए वजह

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Diabetes Diet : आजकल बदलते खानपान और भागदौड़ भरी ज़िंदगी की वजह से डायबिटीज (Diabetes) एक आम समस्या बन चुकी है।

एक बार यह बीमारी हो जाए तो हर चीज़ खाते समय बहुत सोच-समझकर खाना पड़ता है, क्योंकि जरा सी लापरवाही ब्लड शुगर लेवल को तेजी से बढ़ा सकती है।

डॉक्टर और न्यूट्रिशन एक्सपर्ट्स का कहना है कि डायबिटीज के मरीजों को अपनी डाइट में दालों का सही चुनाव बहुत जरूरी है।

हमारी भारतीय थाली में दाल रोज़ाना का हिस्सा होती है, लेकिन हर दाल शुगर के मरीजों के लिए फायदेमंद नहीं होती। कुछ दालें ऐसी हैं जो शरीर को पोषण तो देती हैं, लेकिन ब्लड शुगर लेवल बढ़ाने का काम भी करती हैं।

इन दालों से करें परहेज़

स्वास्थ्य विशेषज्ञों के अनुसार, उड़द की दाल, राजमा और सफेद छोले डायबिटीज के मरीजों के लिए अच्छे नहीं माने जाते।

इन तीनों में कार्बोहाइड्रेट की मात्रा अधिक होती है और ये पचने में भी भारी होती हैं।

उड़द की दाल का ज्यादा सेवन शरीर में यूरिक एसिड बढ़ा सकता है, जिससे जोड़ों में दर्द और सूजन की समस्या हो सकती है।

राजमा और सफेद छोले गैस, पेट फूलना और बादी जैसी दिक्कतें बढ़ाते हैं, जिससे शरीर में ग्लूकोज लेवल बढ़ने का खतरा रहता है।

इन दालों को अगर कभी खाना भी पड़े तो बहुत कम मात्रा में और दिन के समय ही खाएं, ताकि पाचन को ज्यादा भार न पड़े।

शुगर के मरीजों के लिए फायदेमंद दालें

अब बात करते हैं उन दालों की जो ब्लड शुगर को कंट्रोल में रखने में मदद करती हैं।

मूंग की दाल – इसमें प्रोटीन, फाइबर और एंटीऑक्सीडेंट्स प्रचुर मात्रा में होते हैं। यह ब्लड शुगर को धीरे-धीरे बढ़ाती है, जिससे इंसुलिन लेवल स्थिर रहता है।

अरहर (तूर) की दाल – यह हल्की, सुपाच्य और पौष्टिक होती है। इसमें मौजूद अमीनो एसिड्स शरीर की मसल्स को स्ट्रॉन्ग बनाते हैं और ग्लूकोज का स्तर संतुलित रखते हैं।

चना दाल – इसमें लो ग्लाइसेमिक इंडेक्स होता है, यानी यह धीरे-धीरे शुगर रिलीज करती है। साथ ही इसमें मौजूद आयरन, कैल्शियम और फोलेट शरीर को एनर्जी देते हैं।

इन दालों को कम तेल और मसालों के साथ बनाना चाहिए ताकि इनकी पौष्टिकता बनी रहे और शरीर पर अतिरिक्त लोड न पड़े।

दाल खाने के सही तरीके

रोज़ाना एक कटोरी दाल पर्याप्त होती है। दाल के साथ हरी सब्जियां, सलाद और साबुत अनाज की रोटी शामिल करें।

तली हुई या तड़केदार दाल से बचें। रात के बजाय दिन में दाल खाना बेहतर रहता है।

डायबिटीज के मरीज अगर दालों का चुनाव समझदारी से करें, तो यह शरीर को प्रोटीन और एनर्जी देने के साथ ब्लड शुगर को कंट्रोल में रखने में भी मदद करती हैं। बस ज़रूरत है सही मात्रा और सही दाल की पहचान की। याद रखें “दाल भी खाएं, मगर सोच-समझकर।”

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