देहरादून। राजधानी के प्रेमनगर इलाके में बीटेक छात्र दिव्यांशु जटराना (Divyanshu Jatrana Murder Case) की बेरहमी से की गई हत्या के मामले में खाकी अब आर-पार के मूड में है।
गुरुवार को पुलिस ने बड़ी कार्रवाई करते हुए घटनास्थल के केंद्र रहे ‘बाबा की रसोई’ रेस्टोरेंट और उसके बगल में स्थित ‘चंपारण होटल’ को पूरी तरह सील कर दिया। एसएसपी प्रमेंद्र डोबाल के मुताबिक, खूनी संघर्ष की शुरुआत इन्हीं ठिकानों से हुई थी और ये होटल देर रात तक अवैध रूप से संचालित हो रहे थे।
पुलिस ने इस हत्याकांड में शामिल एक और आरोपी अंकित भारद्वाज (19 वर्ष) को नंदा की चौकी के पास से गिरफ्तार करने में सफलता हासिल की है। अंकित मूल रूप से बिहार के गया जिले का रहने वाला है और वर्तमान में जीआरडी कॉलेज के पीछे केहरी गांव में रह रहा था। हालांकि, वारदात के मुख्य किरदार अब भी दून पुलिस की गिरफ्त से बाहर हैं, जिनकी तलाश में टीमें पसीने बहा रही हैं।
हत्याकांड को अंजाम देने के बाद फरार हुए 11 नामजद और अन्य अज्ञात आरोपियों को पकड़ने के लिए एसओजी और प्रेमनगर पुलिस की संयुक्त टीमें उत्तर प्रदेश और बिहार के संभावित ठिकानों पर छापेमारी कर रही हैं। पुलिस को पुख्ता इनपुट मिले हैं कि मुख्य आरोपी अपने गृह राज्यों में शरण लिए हुए हैं। गुरुवार को दिनभर पुलिस ने आरोपियों के करीबियों और संदिग्ध ठिकानों को खंगाला, लेकिन मुख्य सफलता हाथ नहीं लगी।
सीओ प्रेमनगर विवेक कुटियाल ने साफ किया है कि पुलिस पर आरोपियों को जल्द दबोचने का भारी दबाव है और घेराबंदी तेज कर दी गई है। इस बीच, प्रेमनगर में छात्रों के बढ़ते आतंक को देखते हुए एसएसपी ने सख्त लहजे में चेतावनी दी है। उन्होंने स्पष्ट किया है कि रात के समय कॉलेजों या विश्वविद्यालयों के छात्रों का बेवजह घूमना और हुड़दंग करना बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
एसएसपी ने सभी थाना प्रभारियों को निर्देश दिए हैं कि यदि कोई छात्र किसी भी तरह के अपराध या अराजकता में लिप्त पाया जाता है, तो न केवल उस पर कानूनी कार्रवाई होगी, बल्कि संबंधित संस्थान को रिपोर्ट भेजकर उसका नाम भी कटवाया जाएगा।
बुधवार की रात पुलिस ने इसी सख्ती के तहत 288 लोगों से पूछताछ की और 156 संदिग्धों को थाने लाकर उनकी कुंडली खंगाली। इनमें से 99 लोगों का पुलिस एक्ट में चालान कर 49,500 रुपये का जुर्माना भी वसूला गया है।









