Diwali Bhog : दीवाली का पर्व हर साल कार्तिक अमावस्या के दिन पूरे देश में बड़ी धूमधाम से मनाया जाता है। यह सिर्फ रोशनी और सजावट का त्योहार नहीं, बल्कि समृद्धि, खुशहाली और आस्था का प्रतीक भी है।
मान्यता है कि इस दिन मां लक्ष्मी, भगवान गणेश और कुबेर देवता की पूजा करने से घर में धन, सौभाग्य और सकारात्मक ऊर्जा का आगमन होता है।
कहा जाता है कि जब भगवान श्रीराम 14 वर्षों के वनवास के बाद माता सीता और लक्ष्मण के साथ अयोध्या लौटे थे, तब अयोध्यावासियों ने दीपक जलाकर उनका स्वागत किया था।
उसी शुभ अवसर की याद में हर साल दीपावली का पर्व मनाया जाता है। इस दिन देवी-देवताओं को प्रसन्न करने के लिए विशेष भोग चढ़ाने की परंपरा है। आइए जानते हैं, कौन-से भोग लगाना शुभ और फलदायी माना जाता है
खीर का भोग – मां लक्ष्मी को प्रिय
दीवाली की पूजा में सबसे शुभ मानी जाने वाली खीर मां लक्ष्मी को अत्यंत प्रिय है। दूध, चावल और चीनी से बनी यह खीर मां लक्ष्मी को प्रसन्न करती है।
ऐसा माना जाता है कि खीर का भोग लगाने से घर में स्थायी सुख-समृद्धि आती है और धन की बरकत बनी रहती है।
पंचमेवा लड्डू – भगवान गणेश के लिए शुभ
दीवाली की रात भगवान गणेश को पंचमेवा वाले लड्डू का भोग लगाना अत्यंत मंगलकारी माना जाता है।
ये लड्डू बुद्धि और विवेक के देवता को प्रसन्न करते हैं, जिससे परिवार में निर्णय शक्ति और सफलता बढ़ती है।
धान के लावे का भोग – परंपरा और समृद्धि का प्रतीक
भारत के कई राज्यों में दीवाली पर धान के लावे (भुने हुए धान) का भोग लगाने की प्रथा है।
यह प्रतीक है अन्न की समृद्धि और घर के सुख-शांति का। ऐसा कहा जाता है कि इस भोग से देवी लक्ष्मी घर में स्थायी रूप से निवास करती हैं।
मिश्री या खांड – भगवान कुबेर के प्रिय
धन के देवता भगवान कुबेर को मीठा बहुत पसंद है। इसलिए उन्हें मिश्री या खांड का भोग लगाना अत्यंत शुभ माना जाता है। इससे धन-धान्य की प्राप्ति होती है और घर में आर्थिक स्थिरता आती है।
कमल गट्टे और बताशे – लक्ष्मी पूजन का मुख्य भोग
कमल गट्टे (मखाने) और बताशे मां लक्ष्मी के प्रिय भोगों में गिने जाते हैं। पूजा थाल में इन्हें रखना अनिवार्य माना गया है। ऐसा करने से मां लक्ष्मी का आशीर्वाद बना रहता है और घर में धन की वृद्धि होती है।
गन्ना – समृद्धि और सुख का प्रतीक
कई जगहों पर लोग दीवाली की रात गन्ने का भोग लगाते हैं। यह भोग खुशहाली और उन्नति का प्रतीक माना जाता है। कहा जाता है कि इससे घर में सकारात्मक ऊर्जा बनी रहती है और रिश्तों में मिठास आती है।
खिचड़ी का भोग – सादगी में समृद्धि
कुछ राज्यों में दीवाली पर खिचड़ी का भी भोग लगाने की परंपरा है। यह सरल भोग मां अन्नपूर्णा और लक्ष्मी दोनों को प्रसन्न करता है। माना जाता है कि इससे घर में अन्न का कभी अभाव नहीं होता।
दीवाली सिर्फ दीयों और मिठाइयों का त्योहार नहीं, बल्कि श्रद्धा और समृद्धि का प्रतीक है। इस दिन शुद्ध मन से पूजा कर, सही भोग लगाने से देवी-देवता प्रसन्न होते हैं और घर में सुख, शांति और समृद्धि का वास होता है।
इस बार दीवाली पर मां लक्ष्मी, भगवान गणेश और कुबेर देवता को ये सात शुभ भोग जरूर लगाएं, ताकि आपकी जिंदगी में रोशनी और खुशियों की बौछार बनी रहे।









