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Diwali Diya Vastu : दीवाली पर दीए जलाने के नियम: कब, कितने और किस दिशा में जलाएं दीपक

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Diwali Diya Vastu : दीपों का त्योहार दीवाली केवल रोशनी का नहीं, बल्कि सकारात्मक ऊर्जा और समृद्धि का प्रतीक भी है। इस पावन अवसर पर मां लक्ष्मी, भगवान गणेश और कुबेर देव की पूजा का विशेष विधान होता है।

माना जाता है कि इस दिन घर में जलाए गए दीपक सिर्फ अंधकार नहीं मिटाते, बल्कि नकारात्मकता को दूर कर सुख-समृद्धि का मार्ग भी खोलते हैं।

दीपावली का धार्मिक महत्व

हिंदू मान्यता के अनुसार, दीवाली का संबंध भगवान राम के अयोध्या लौटने से जुड़ा है। 14 साल के वनवास के बाद जब श्रीराम माता सीता और भाई लक्ष्मण के साथ अयोध्या पहुंचे, तो पूरे नगर ने दीपों से उनका स्वागत किया।

तभी से हर वर्ष इस दिन को दीपों के पर्व के रूप में मनाया जाता है।

कितने दीए जलाना शुभ माना जाता है?

अक्सर लोग यह सोचते हैं कि दीवाली पर कितने दीए जलाने चाहिए। ज्योतिष शास्त्र और परंपरा के अनुसार, दीए हमेशा विषम संख्या में जलाना शुभ माना गया है।
यानि 2, 4, 6, 10 जैसी सम संख्याओं में दीपक जलाना अशुभ माना जाता है।

शुभ फल प्राप्त करने के लिए निम्नलिखित संख्या के दीपक जलाए जा सकते हैं
5, 7, 9, 11, 21, 51 या 101 दीए।

यह माना जाता है कि विषम संख्या में दीप जलाने से घर में संतुलित ऊर्जा प्रवाहित होती है और लक्ष्मी कृपा बनी रहती है।

दीए रखने की सही दिशा

दीवाली पर सिर्फ दीपक जलाना ही नहीं, बल्कि उन्हें सही दिशा में रखना भी अत्यंत महत्वपूर्ण माना गया है।

उत्तर या उत्तर-पूर्व दिशा (ईशान कोण) में दीपक जलाना सबसे शुभ माना जाता है।

मुख्य द्वार पर दीया जलाने से घर में सकारात्मकता आती है और मां लक्ष्मी का आगमन होता है।

रसोईघर (Kitchen) में दीपक अवश्य जलाना चाहिए। ऐसा करने से भोजन में शुद्धता बनी रहती है और परिवार में बरकत आती है।

दीप जलाने के पीछे का आध्यात्मिक संदेश

दीवाली का हर दीपक हमें यह संदेश देता है कि अंधकार कितना भी गहरा क्यों न हो, एक छोटा सा प्रकाश भी उसे मिटा सकता है।

इसलिए जब आप दीवाली की रात दीप जलाएं, तो केवल दिखावे के लिए नहीं, बल्कि अपने मन और घर में प्रकाश फैलाने के भाव से जलाएं।

दीए जलाते समय ध्यान रखने योग्य बातें

घी या सरसों के तेल के दीए सबसे शुभ माने जाते हैं। दीपक की लौ पूर्व या उत्तर दिशा की ओर रहे तो और अधिक फलदायक होती है।

दीए को जमीन पर सीधे रखने की बजाय छोटी थाली या दीपदान पर रखें। रात के समय घर के सभी कोनों में कम से कम एक-एक दीप अवश्य जलाएं।

दीवाली पर दीप जलाना केवल परंपरा नहीं, बल्कि एक ऊर्जा परिवर्तन का प्रतीक है। सही संख्या, सही दिशा और श्रद्धा से जलाए गए दीपक घर में सुख, शांति और लक्ष्मी कृपा लाते हैं।

इस बार दीवाली पर विषम संख्या में दीप जलाएं और अपने घर-आंगन को सकारात्मकता से भर दें।

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