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DM Savin Bansal : पिता को घर से निकालने वाले बेटे की खैर नहीं, देहरादून प्रशासन ने जारी की रिकवरी

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देहरादून में अपने बुजुर्ग पिता की देखभाल न करने और भरण-पोषण राशि न देने वाले कलयुगी बेटे पर जिलाधिकारी सविन बंसल ने कड़ी कार्रवाई करते हुए 1.50 लाख रुपये की आरसी जारी करने के निर्देश दिए हैं। पीड़ित पिता ने जनदर्शन में शिकायत की थी कि प्रतिमाह 6 लाख रुपये कमाने के बावजूद उनका बेटा उन्हें कोर्ट द्वारा निर्धारित गुजारा भत्ता नहीं दे रहा है और उनके साथ मारपीट कर रहा है। जिलाधिकारी ने स्पष्ट किया है कि वरिष्ठ नागरिकों के अधिकारों का हनन किसी भी सूरत में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा और आदेश की अवहेलना पर कठोर दंडात्मक कार्रवाई

DM Savin Bansal : उत्तराखंड की राजधानी देहरादून में वरिष्ठ नागरिकों के अधिकारों की सुरक्षा को लेकर जिला प्रशासन ने एक बड़ा नजीर पेश किया है। जिलाधिकारी सविन बंसल ने जनदर्शन कार्यक्रम में आए एक 68 वर्षीय बीमार बुजुर्ग पिता अशोक धवन की शिकायत पर तत्काल संज्ञान लेते हुए उनके बेटे के खिलाफ 1.50 लाख रुपये का रिकवरी सर्टिफिकेट (आरसी) जारी करने का निर्देश दिया है।

यह मामला माता-पिता और वरिष्ठ नागरिकों का भरण-पोषण एवं कल्याण अधिनियम के तहत दर्ज किया गया है, जिसमें कोर्ट के आदेश के बावजूद पुत्र द्वारा अपने पिता को आर्थिक सहायता नहीं दी जा रही थी।

बेटे की आय 6 लाख पर पिता दाने-दाने को मोहताज

पीड़ित अशोक धवन ने जिलाधिकारी को बताया कि उनका बेटा नितिन धवन प्रतिमाह लगभग 6 लाख रुपये का मोटा वेतन पाता है, लेकिन वह अपने बीमार पिता को एक रुपया भी देने को तैयार नहीं है। बुजुर्ग ने आरोप लगाया कि जब भी वह अपनी दवा और खर्च के लिए पैसे मांगते हैं, तो उनके साथ गाली-गलौच और मारपीट की जाती है। इतना ही नहीं, बेटों ने उन्हें उनकी अपनी ही संपत्ति से बेदखल करने और घर से बाहर निकालने की भी कोशिश की है।

अदालती आदेशों की धज्जियां उड़ाने पर कार्रवाई

मामले की गंभीरता तब और बढ़ गई जब यह सामने आया कि एसडीएम कोर्ट देहरादून ने 23 सितंबर 2023 को नितिन धवन को 4,000 रुपये प्रतिमाह देने का आदेश दिया था। इसके बाद 5 जुलाई 2025 को कोर्ट ने इस राशि को बढ़ाकर 10,000 रुपये प्रतिमाह कर दिया था। इसके बावजूद आरोपी पुत्र ने एक भी किस्त जमा नहीं की। जिलाधिकारी ने इसे न्यायालय की अवमानना और वरिष्ठ नागरिक के अधिकारों का उल्लंघन मानते हुए सख्त रुख अपनाया है।

जिलाधिकारी सविन बंसल की कड़ी चेतावनी

जिलाधिकारी ने स्पष्ट कहा कि बुजुर्गों के साथ दुर्व्यवहार और न्यायिक आदेशों की अनदेखी कतई क्षम्य नहीं होगी। उन्होंने संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिए कि बुजुर्ग पिता को उनकी बकाया 1.50 लाख की राशि अविलंब दिलाई जाए। साथ ही, उन्होंने पुलिस प्रशासन को निर्देश दिए हैं कि पीड़ित बुजुर्ग की जान-माल की सुरक्षा सुनिश्चित की जाए और उनके घर पर किसी भी तरह का अवैध कब्जा या उत्पीड़न न होने पाए। प्रशासन की इस कार्रवाई से जिले के उन लोगों में हड़कंप है जो बुजुर्गों की अनदेखी करते हैं।

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