देहरादून के जिलाधिकारी सविन बंसल के निर्देश पर प्रशासन ने भिक्षावृत्ति के खिलाफ कड़ा अभियान चलाया है। कोलागढ़ और चकराता रोड इलाके से दो नाबालिग बच्चों को रेस्क्यू कर सुरक्षित स्थान पर पहुंचाया गया। प्रशासन का लक्ष्य बच्चों को भिक्षावृत्ति के दलदल से निकालकर उन्हें पुनर्वास और बेहतर भविष्य प्रदान करना है।
देहरादून : देहरादून के जिलाधिकारी सविन बंसल के निर्देश पर जिले में भिक्षावृत्ति और कूड़ा बीनने वाली गतिविधियों में लिप्त बच्चों को बचाने के लिए विशेष अभियान चलाया गया। बुधवार को भिक्षावृत्ति निरोधक टीम ने शहर के भीड़भाड़ वाले इलाकों में छापेमारी की। इस दौरान टीम ने चकराता रोड के पंडितवारी और कोलागढ़ चौक से दो नाबालिग बच्चों को रेस्क्यू किया।
प्रशासनिक टीम ने रेस्क्यू के तुरंत बाद बच्चों की जनरल डायरी (GD) दर्ज की और उनकी सुरक्षा सुनिश्चित की। इसके साथ ही दोनों बालकों का नियमानुसार चिकित्सकीय परीक्षण भी कराया गया। प्रशासन की इस कार्रवाई का मुख्य उद्देश्य बच्चों को शोषण से बचाकर समाज की मुख्यधारा से जोड़ना है।
सुरक्षित पुनर्वास की तैयारी
मेडिकल जांच और सभी जरूरी कानूनी औपचारिकताएं पूरी होने के बाद प्रशासन ने दोनों बालकों को बाल कल्याण समिति (CWC) के सामने पेश किया। बच्चों की वर्तमान स्थिति और सुरक्षा को देखते हुए समिति ने उन्हें ‘समर्पण’ बाल संरक्षण गृह भेजने का आदेश दिया। अब इन बच्चों की देखरेख और शिक्षा की जिम्मेदारी संरक्षण गृह संभालेगा।
जिला प्रशासन ने साफ कर दिया है कि भिक्षावृत्ति में लिप्त बच्चों के पुनर्वास और उनके सर्वांगीण विकास के लिए यह मुहिम थमने वाली नहीं है। जिलाधिकारी ने स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि सभी संबंधित विभाग आपसी समन्वय बनाकर काम करें ताकि बाल अधिकारों की पूरी तरह रक्षा हो सके।
जनता से सहयोग की अपील
जिलाधिकारी सविन बंसल ने आम जनता से भी इस नेक काम में भागीदार बनने की अपील की है। उन्होंने कहा कि लोग भिक्षावृत्ति को बढ़ावा न दें और बच्चों को भीख देने के बजाय प्रशासन को सूचित करें। समय पर मिली सूचना से इन बच्चों को सड़क से निकालकर एक सुरक्षित और उज्ज्वल भविष्य की ओर ले जाया जा सकता है।
सामान्यतः पूछे जाने वाले प्रश्न
प्रश्न: देहरादून में किन इलाकों से बच्चों को रेस्क्यू किया गया?
उत्तर: प्रशासन ने कोलागढ़ चौक और चकराता रोड स्थित पंडितवारी क्षेत्र से दो बच्चों को रेस्क्यू किया।
प्रश्न: रेस्क्यू के बाद बच्चों को कहां रखा गया है?
उत्तर: बाल कल्याण समिति के आदेश पर बच्चों को ‘समर्पण’ बाल संरक्षण गृह में सुरक्षित रखा गया है।
प्रश्न: प्रशासन इस अभियान को क्यों चला रहा है?
उत्तर: यह अभियान बच्चों को भिक्षावृत्ति से मुक्त करने, उनके संरक्षण और बेहतर पुनर्वास के लिए चलाया जा रहा है।









