देहरादून, 05 अप्रैल 2026 (दून हॉराइज़न)। राजधानी की सड़कों पर वीकेंड की मस्ती के बीच पुलिस ने अपराधियों पर नकेल कसने के लिए ‘ऑपरेशन नाइट स्ट्राइक’ का बिगुल फूंक दिया है। एसएसपी देहरादून के कड़े रुख के बाद जिले भर की पुलिस टीमों ने शनिवार रात होटल, पब और बार में औचक छापेमारी कर हड़कंप मचा दिया।
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के ‘ड्रग्स फ्री देवभूमि’ और अपराधियों पर लगाम लगाने के अभियान ‘ऑपरेशन प्रहार’ को धार देते हुए यह एक्शन लिया गया है। एसपी ऋषिकेश के नेतृत्व में पुलिस की अलग-अलग टुकड़ियों ने नगर और देहात क्षेत्रों में एक साथ मोर्चा संभाला। इस दौरान पुलिस ने न केवल वांछित अपराधियों को दबोचा, बल्कि सार्वजनिक स्थानों पर शांति भंग करने वालों को भी सबक सिखाया।
प्रेमनगर क्षेत्र में पुलिस की छापेमारी के दौरान दो बड़े होटलों—संघरीला होटल (बंसीवाला) और संगम होटल एंड रेस्टोरेंट—की पोल खुल गई। यहाँ बिना लाइसेंस के अवैध रूप से ग्राहकों को शराब परोसी जा रही थी। पुलिस ने संचालक अरविंद और निकुल को मौके से गिरफ्तार कर आबकारी अधिनियम में मुकदमा दर्ज किया है। मौके से शराब पीते पकड़े गए 8 लोगों सहित जिले भर से कुल 44 पियक्कड़ों को थाने लाकर कड़ी चेतावनी दी गई।
अपराधियों के खिलाफ इस प्रहार में पुलिस को बड़ी कामयाबी हाथ लगी है। ऋषिकेश और विकासनगर में चेकिंग के दौरान एक अंतरराज्यीय वाहन चोर गिरोह का भंडाफोड़ हुआ। पुलिस ने फरदीन, अमन और विकास तिवारी नाम के तीन चोरों को गिरफ्तार कर उनके कब्जे से तीन वाहन बरामद किए हैं। इनमें से एक पल्सर बाइक हिमाचल प्रदेश से चोरी की गई थी। गिरोह में शामिल एक नाबालिग को भी पुलिस संरक्षण में लिया गया है।
रात के अंधेरे में फरार चल रहे 9 वारंटियों को भी पुलिस ने ढूंढ निकाला। पटेलनगर और क्लेमेंट टाउन इलाके से इन अपराधियों को गिरफ्तार किया गया है। वहीं, डोईवाला, कैंट और क्लेमेंट टाउन में हुड़दंग मचाकर माहौल बिगाड़ने वाले 10 युवकों को सलाखों के पीछे भेजा गया। पुलिस ने पूरी रात में 657 से अधिक संदिग्धों से पूछताछ की, जिनमें से 67 को सत्यापन के लिए थाने लाया गया।
सड़क सुरक्षा को लेकर भी दून पुलिस सख्त नजर आई। ड्रिंक एंड ड्राइव के मामले में 09 चालकों को गिरफ्तार कर उनके वाहन सीज कर दिए गए। कुल 122 वाहनों के खिलाफ एमवी एक्ट में कार्रवाई हुई, जिसमें 32 वाहनों को सीज किया गया और कुल ₹81,250 का जुर्माना वसूला गया। पुलिस की इस कार्रवाई ने साफ कर दिया है कि राजधानी में नियम तोड़ने वालों के लिए कोई जगह नहीं है।









