Eyes Pus Infection : अक्सर लोग सुबह आंखों से हल्का कीचड़ या सैंड निकलने को सामान्य मान लेते हैं। नींद के बाद आंखों में जमा हल्का डिस्चार्ज नॉर्मल होता है।
लेकिन अगर ये लगातार ज्यादा मात्रा में निकलने लगे या रंग बदल जाए, तो यह किसी संक्रमण या आई प्रॉब्लम की ओर इशारा कर सकता है। आंखों से निकलने वाले डिस्चार्ज का रंग और मात्रा दोनों ही संकेत देते हैं कि आपकी आंखों में क्या समस्या हो सकती है।
आंखों से निकलने वाले कीचड़ के रंग और उनकी वजह
आंखों से हल्का पीला या हरा डिस्चार्ज अक्सर वायरल इंफेक्शन का संकेत होता है।
कंजक्टिवाइटिस यानी आंखों की लालिमा के कारण ऐसा दिखाई देता है। इस दौरान आंखें लाल और जलन महसूस कर सकती हैं।
अगर डिस्चार्ज गाढ़ा, चिपचिपा और पीले रंग का है, तो यह स्टाई (stye) या ब्लेफेरिटिस जैसी समस्या का संकेत देता है। ब्लेफेरिटिस में आंखों के किनारों पर सूजन और लालिमा भी देखने को मिलती है।
डिस्चार्ज की मात्रा और स्वास्थ्य संकेत
आंखों से निकलने वाला डिस्चार्ज सिर्फ रंग ही नहीं, बल्कि मात्रा भी आई स्वास्थ्य के बारे में जानकारी देता है। ज्यादा डिस्चार्ज होने पर यह एलर्जी या संक्रमण का संकेत हो सकता है।
वाटरी डिस्चार्ज अक्सर ठंड, जुकाम या कंप्यूटर व स्क्रीन के लंबे समय तक इस्तेमाल से होता है।
धूल-मिट्टी या पालतू जानवरों से होने वाली एलर्जी में आंखों में खुजली, लालिमा और वाटरी डिस्चार्ज बढ़ जाता है।
कब डॉक्टर से मिलना जरूरी है
अगर आंखों से निकलने वाला डिस्चार्ज लगातार बढ़ रहा है, गाढ़ा और चिपचिपा है, साथ ही आंखों में दर्द, खुजली या लालिमा है, तो इसे हल्के में न लें। ऐसे मामलों में तुरंत आई विशेषज्ञ से संपर्क करना चाहिए।
आंखों की सुरक्षा के लिए सरल उपाय
आंखों की सफाई का ध्यान रखें। स्क्रीन पर लंबे समय तक काम करते समय ब्रेक लें और आंखों को पर्याप्त आराम दें। धूल या एलर्जी से बचने के लिए आंखों को नियमित धोएं और आंखों पर हाथ न लगाएं।









