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Female Metabolism : सिर्फ वजन बढ़ना नहीं, इस जगह का फैट बिगाड़ सकता है महिलाओं का हार्मोन बैलेंस

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Female Metabolism : हममें से ज़्यादातर लोग जब वजन बढ़ता देखते हैं, तो उसे साधारण मोटापा मानकर नज़रअंदाज कर देते हैं। लेकिन क्या आपने कभी सोचा है कि अगर फैट सिर्फ शरीर के कुछ हिस्सों जैसे जांघों, पैरों या नितंबों में जमा हो रहा है, तो यह कोई साधारण बात नहीं है?

मेनोपॉज़ के दौरान महिलाओं के शरीर में हार्मोनल बदलाव तेज़ी से होते हैं। इस दौर में एस्ट्रोजेन का स्तर घटने लगता है, जिससे फैट का वितरण बदल जाता है।

नतीजा — पेट, हिप्स और जांघों के आस-पास चर्बी जमा होने लगती है। कई महिलाएं इसे सामान्य वजन बढ़ना मान लेती हैं, पर यही सबसे बड़ी भूल होती है।

हार्मोनल असंतुलन: एक अदृश्य लेकिन गहरा प्रभाव

जब शरीर के हार्मोन संतुलन से बाहर हो जाते हैं, तो इसका असर न केवल वजन पर, बल्कि मूड, त्वचा और नींद पर भी दिखता है।

चेहरे पर बार-बार निकलने वाले मुंहासे, पीरियड्स का अनियमित होना, या अचानक बढ़ता वजन — ये सब संकेत हैं कि शरीर मदद मांग रहा है।

अगर इन संकेतों पर उसी समय ध्यान दिया जाए, तो आगे चलकर न सिर्फ मोटापा बल्कि पीसीओडी, थायरॉइड और अन्य हार्मोनल समस्याओं से भी बचा जा सकता है।

लिपिडेमा: जब फैट बीमारी का रूप ले लेता है

भारत में बहुत-सी महिलाएं लिपिडेमा नाम की इस स्थिति से जूझ रही हैं, बिना जाने कि ये क्या है। लिपिडेमा में शरीर के निचले हिस्से — यानी जांघों, नितंबों और पैरों में — असामान्य रूप से फैट जमा होता है।

यह मोटापा नहीं, बल्कि एक मेडिकल स्थिति है, जिसमें डाइट और एक्सरसाइज का असर भी बहुत कम दिखता है।

मुख्य लक्षण हैं:

  • चलने या सीढ़ियां चढ़ने में भारीपन या दर्द महसूस होना
  • शरीर का ऊपरी और निचला हिस्सा अनुपात से बाहर दिखना
  • वज़न घटाने के प्रयासों के बावजूद कोई फर्क न पड़ना

डॉक्टरों के अनुसार, यह स्थिति आनुवंशिक हो सकती है और किशोरावस्था, गर्भावस्था या मेनोपॉज़ के दौरान और बढ़ जाती है। इसलिए अगर आपको संदेह हो कि यह सामान्य मोटापा नहीं है — तो तुरंत विशेषज्ञ से सलाह लें।

अब बात करें एक और चुपचाप पनपते खतरे की — रसोई के स्पंज में छिपे बैक्टीरिया की। आपको यह जानकर हैरानी होगी कि एक सामान्य रसोई स्पंज में 300 से ज्यादा तरह के बैक्टीरिया हो सकते हैं, जिनमें से कई टॉयलेट सीट जितने खतरनाक होते हैं!

क्यों होता है ऐसा?

स्पंज हमेशा गीले रहते हैं, और उनकी झरियों में नमी बैक्टीरिया के लिए स्वर्ग बन जाती है। जब इन्हें बार-बार इस्तेमाल किया जाता है लेकिन ठीक से सुखाया नहीं जाता, तो ये तेजी से फैलते हैं।

घर में संक्रमण से कैसे बचें?

स्पंज को रोज़ाना गर्म पानी से धोकर अच्छी तरह निचोड़ें। हफ्ते में एक बार माइक्रोवेव में दो मिनट गर्म करें ताकि कीटाणु मर जाएं।

बहुत पुराने या फटे स्पंज का तुरंत निपटान करें। इस्तेमाल के बाद स्पंज को पानी या साबुन में डूबा न छोड़ें। ये छोटी-छोटी सावधानियां बड़े संक्रमणों को रोक सकती हैं।

महिलाओं के लिए यह ज़रूरी है कि वे अपने शरीर के संकेतों को हल्के में न लें। जांघों या निचले हिस्से में बढ़ता फैट सिर्फ मोटापा नहीं, बल्कि हार्मोनल असंतुलन या लिपिडेमा का संकेत हो सकता है।

सही समय पर जांच, संतुलित आहार और सक्रिय दिनचर्या इस स्थिति को संभालने में मदद करते हैं।

साथ ही, रसोई की स्वच्छता को भी नज़रअंदाज न करें। एक साफ स्पंज और हाइजीनिक रसोई आपके परिवार की सेहत की पहली ढाल है।

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