देहरादून, 07 अप्रैल 2026 (दून हॉराइज़न)। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी आगामी 14 अप्रैल को उत्तराखंड के बहुप्रतीक्षित दिल्ली-देहरादून इकोनॉमिक कॉरिडोर (एक्सप्रेसवे) का औपचारिक शुभारंभ करेंगे। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने इस मेगा इवेंट को राज्य के इतिहास का ‘स्वर्णिम अध्याय’ करार दिया है। राजधानी देहरादून में मुख्यमंत्री आवास पर आयोजित एक उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक में धामी ने तैयारियों का खाका खींचा।
मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया है कि यह केवल एक सरकारी उद्घाटन भर नहीं है, बल्कि उत्तराखंड की लोक संस्कृति का प्रदर्शन करने वाला एक विराट जन-उत्सव होगा। उन्होंने अधिकारियों को सख्त निर्देश दिए कि आयोजन में गढ़वाली, कुमाऊनी और जौनसारी संस्कृतियों का संगम दिखना चाहिए। कार्यक्रम स्थल को पारंपरिक और आधुनिक शैली के मिश्रण से सजाया जाएगा, जिसमें कलाकारों की बड़ी टीम अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन करेगी।
सुरक्षा और व्यवस्था के मोर्चे पर मुख्यमंत्री ने जिलाधिकारी और वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक को मुस्तैद रहने को कहा है। 14 अप्रैल को प्रधानमंत्री के प्रस्तावित रोड शो के दौरान आम जनता से तिरंगे के साथ शामिल होने की अपील की गई है। मुख्यमंत्री ने साफ कहा कि इस ऐतिहासिक पल का गवाह हर उत्तराखंडी को बनना चाहिए, ताकि विकास की यह लहर घर-घर तक पहुंचे।
परियोजना की अहमियत समझाते हुए मुख्यमंत्री ने बताया कि यह कॉरिडोर दिल्ली और देहरादून के बीच सफर के समय को क्रांतिकारी ढंग से कम कर देगा। इसका सीधा असर प्रदेश के पर्यटन उद्योग पर पड़ेगा, क्योंकि सैलानियों की आवाजाही सुगम होगी। साथ ही, औद्योगिक क्षेत्रों में निवेश के नए रास्ते खुलेंगे जिससे स्थानीय युवाओं के लिए बड़े पैमाने पर रोजगार के अवसर पैदा होंगे। लॉजिस्टिक्स और ट्रांसपोर्ट सेक्टर में भी यह एक्सप्रेसवे मील का पत्थर साबित होगा।
इस बड़ी तैयारी में प्रशासनिक अमला पूरी तरह जुट गया है। मुख्यमंत्री ने कार्यक्रम से पहले पूरे प्रदेश में व्यापक स्वच्छता अभियान चलाने का आह्वान किया है। बैठक में राज्यसभा सांसद महेंद्र भट्ट, सचिव शैलेश बगौली, कमिश्नर विनय शंकर पांडे और जिलाधिकारी सविन बंसल समेत तमाम आला अफसर मौजूद रहे। सभी को आपसी तालमेल के साथ इस ऐतिहासिक आयोजन को त्रुटिहीन बनाने की जिम्मेदारी सौंपी गई है।









