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Gold Price Today 29 Novemeber 2025 : अभी और महंगा होगा सोना, 46 साल बाद आई सबसे बड़ी तेजी

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नई दिल्ली : इस साल सोने ने जो तूफान मचाया है, उसने हर निवेशक को हैरान कर दिया है। जनवरी से लेकर अब तक हर महीने सोने की कीमतें ऊपर ही चढ़ती दिख रही हैं। 46 साल बाद गोल्ड (Gold Price) ऐसा जबरदस्त सालाना प्रदर्शन करने जा रहा है।

सोमवार को एमसीएक्स (MCX) पर फरवरी 2026 डिलीवरी वाला गोल्ड फ्यूचर्स (Gold Futures) 700 रुपये से ज्यादा उछला। कल का बंद भाव था 1,27,667 रुपये प्रति 10 ग्राम, जबकि आज यह 1,28,352 रुपये पर खुला और सुबह 11:15 बजे तक 713 रुपये की तेजी के साथ 1,28,380 रुपये प्रति 10 ग्राम पर ट्रेड कर रहा था। मतलब साफ है – गोल्ड (Gold Price) की रफ्तार अभी रुकने का नाम नहीं ले रही।

आखिर क्यों नहीं रुक रहा सोने का उछाल?

सोने की इस रैली के पीछे सबसे बड़ा हाथ अमेरिका का है। निवेशकों को पूरा यकीन है कि फेडरल रिजर्व (Federal Reserve) दिसंबर में एक और दर कटौती कर सकता है। जैसे ही ब्याज दरें गिरती हैं, गोल्ड (Gold Price) जैसी गैर-ब्याज वाली संपत्ति और चमकने लगती है क्योंकि उसका विकल्प कम हो जाता है। ऊपर से अमेरिका में सरकारी शटडाउन की वजह से आर्थिक आंकड़े आने में देरी हो रही है, जिससे अनिश्चितता बढ़ गई है। ऐसे में लोग सुरक्षित ठिकाना समझकर गोल्ड (Gold Price) की तरफ भाग रहे हैं।

अंतरराष्ट्रीय बाजार में भी कमाल हो रहा है। शुक्रवार को गोल्ड (Gold Price) 4,170 डॉलर प्रति औंस के करीब पहुंच गया और सिर्फ एक हफ्ते में 2% से ज्यादा की छलांग लगाई। यानी पूरी दुनिया में गोल्ड (Gold Price) को लेकर बुलिश मूड बना हुआ है।

4000 डॉलर के ऊपर अडिग सोना

नवंबर में थोड़ा करेक्शन आया था, लेकिन गोल्ड (Gold Price) 4,000 डॉलर प्रति औंस के नीचे नहीं गया। यह साफ बताता है कि गिरावट सिर्फ सतही थी, असली ताकत अभी बाकी है। पिछले तीन हफ्तों से गोल्ड ईटीएफ (Gold ETF) में लगातार पैसा आ रहा है। निवेशक लंबी रेस के लिए गोल्ड (Gold Price) को सबसे सुरक्षित मान रहे हैं।

दुनिया के सेंट्रल बैंक भी पीछे नहीं हैं। तीसरी तिमाही में उन्होंने कुल 220 टन सोना खरीदा, जो पिछले साल से करीब 10% ज्यादा है। इस भारी-भरकम खरीदारी ने गोल्ड (Gold Price) को नीचे आने का मौका ही नहीं दिया।

क्या 1979 जैसा इतिहास दोहराएगा सोना?

एक्सपर्ट्स का कहना है कि 1979 के बाद पहली बार गोल्ड (Gold Price) इतनी जबरदस्त सालाना तेजी दिखा रहा है। उस समय भी वैश्विक तनाव और आर्थिक अनिश्चितता ने सोने को आसमान पर पहुंचा दिया था। आज भी अमेरिका, यूरोप और एशिया में हालात कुछ ठीक नहीं हैं। भू-राजनीतिक तनाव, मुद्रा में उतार-चढ़ाव और ब्याज दरों का नीचे आना – सब मिलकर गोल्ड (Gold Price) को नई ऊंचाई देने का काम कर रहे हैं।

ज्यादातर जानकारों का मानना है कि अगर ब्याज दरें और नीचे आईं तो आने वाले महीनों में गोल्ड (Gold Price) और तेज दौड़ सकता है। यानी अभी तो बस ट्रेलर है, पिक्चर अभी बाकी है।

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