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Gond Ke Laddu : सर्दियों के लिए बेस्ट स्नैक, जानें गोंद के लड्डू कैसे तैयार करें

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Gond Ke Laddu : सर्दियां शुरू होते ही शरीर को गर्म और मजबूत रखने की जरूरत बढ़ जाती है। ऐसे समय में दादी-नानी के नुस्खों में एक चीज सबसे पहले याद आती है—गोंद के लड्डू।

ये लड्डू न सिर्फ स्वाद में बेहतरीन होते हैं, बल्कि शरीर को अंदर से पोषण देने की क्षमता भी रखते हैं। गोंद, जिसे खाने वाला गोंद कहा जाता है, पेड़ की छाल से निकला एक प्राकृतिक पदार्थ है जो शरीर में गर्माहट, हड्डियों की मजबूती और ऊर्जा बढ़ाने के लिए जाना जाता है।

गोंद के लड्डू क्यों होते हैं सर्दियों में खास?

भारतीय घरों में गोंद के लड्डू सदियों से बनाए जा रहे हैं। खासकर ठंड के मौसम में इन्हें नियमित रूप से खाने की सलाह दी जाती है, क्योंकि यह शरीर को ठंड से बचाकर अंदर से गर्म रखता है।

घी, ड्राई फ्रूट्स और गोंद का मेल इसे एक ऐसी मिठाई बनाता है जो स्वाद और सेहत—दोनों में ही जीतती है। कमजोर शरीर, जोड़ों के दर्द और प्रसव के बाद रिकवरी के लिए यह खास फायदेमंद माने जाते हैं।

गोंद के लड्डू बनाने के लिए जरूरी सामग्री

लड्डू बनाने में कम समय लगता है, लेकिन इसका स्वाद पूरी तरह सामग्री की क्वालिटी पर निर्भर करता है। आमतौर पर इसमें इस्तेमाल होने वाली सामग्रियां घरों में आसानी से मिल जाती हैं।

  • खाने वाला गोंद – 1 कप
  • गेहूं का आटा – 2 कप
  • देसी घी – 1 कप
  • पिसी चीनी या बूरा – 1 कप
  • बादाम, काजू, पिस्ता – आधा कप
  • सूखा नारियल – 2 बड़े चम्मच
  • इलायची पाउडर – आधा छोटा चम्मच

यह बेसिक रेसिपी है, जिसे स्वाद और जरूरत के अनुसार हल्का-फुल्का बदला भी जा सकता है।

गोंद के लड्डू की पारंपरिक रेसिपी

सबसे पहले एक कढ़ाही में देसी घी गर्म करें और उसमें गोंद डाल दें। धीमी आंच पर धीरे-धीरे तलते रहें। जैसे ही गोंद फूलने लगे और हल्का सुनहरा दिखे, इसे बाहर निकालकर पूरी तरह ठंडा होने दें।

ठंडा होने पर इसे हाथ से या मथनी से हल्का सा क्रश कर लें। उसी कढ़ाही में बचा हुआ घी डालें और गेहूं के आटे को धीमी आंच पर भूनें।

यह प्रोसेस थोड़ा समय लेता है, लेकिन यहीं पर लड्डुओं का असली स्वाद बनता है। आटा हल्का सुनहरा और सुगंधित हो जाए, तो समझिए यह बिल्कुल सही भुन गया है।

भुने हुए आटे में कटे हुए ड्राई फ्रूट्स, नारियल, इलायची पाउडर और क्रश किया हुआ गोंद मिला दें। गैस बंद करने के बाद इसमें पिसी चीनी मिलाने से स्वाद और टेक्सचर दोनों बेहतर बनते हैं।

मिश्रण गुनगुना रहे तभी लड्डू बनाए जाते हैं। यह नरम और आसानी से बंधने योग्य होता है। हाथ में थोड़ा सा घी लगाकर इच्छानुसार आकार के लड्डू तैयार कर लें।

गोंद के लड्डू स्टोर करने के आसान तरीके

गोंद के लड्डू लंबे समय तक खराब नहीं होते, बस इन्हें सही तरीके से रखना जरूरी है। एयरटाइट कंटेनर में भरकर सूखी जगह पर रखें, और बेहतर होगा कि धूप और नमी से दूर रखे जाएं। ऐसे में ये हफ्तों तक स्वाद और ताज़गी बनाए रखते हैं।

गोंद के लड्डू खाने के फायदे

सर्दियों में गर्माहट देते हैं

गोंद में प्राकृतिक गर्मी होती है। यह शरीर को ठंड से बचाने में मदद करता है, इसलिए इसे सर्दियों में खास तौर पर खाना चाहिए।

तुरंत ऊर्जा देने वाला फूड

घी, ड्राई फ्रूट्स और गोंद का मेल शरीर को तुरंत और लंबे समय तक चलने वाली एनर्जी देता है। यह बच्चों और बुजुर्गों के लिए भी उपयोगी माना जाता है।

हड्डियों की मजबूती बढ़ाता है

गोंद में कैल्शियम, मैग्नीशियम जैसे पोषक तत्व होते हैं जो हड्डियों को मजबूती प्रदान करते हैं। कमजोर हड्डियों वाले लोगों के लिए यह एक बढ़िया घरेलू उपाय है।

प्रसव के बाद शरीर को ताकत देता है

डिलीवरी के बाद महिलाओं को गोंद के लड्डू जरूर खिलाए जाते हैं। यह शरीर की रिकवरी तेज करते हैं और दूध उत्पादन बढ़ाने में भी मददगार होते हैं।

जोड़ों और मांसपेशियों के दर्द में राहत

नियमित रूप से गोंद के लड्डू खाने से जोड़ों का दर्द, कमजोरी और थकान कम होती है। ठंड में जोड़ों में जकड़न की समस्या हो तो यह खास तौर पर लाभकारी है।

पाचन को मजबूत बनाता है

घी और इलायची पाचन तंत्र को संतुलित करते हैं, जिससे खाना सही तरीके से पचता है और गैस-एसिडिटी जैसी समस्याएं भी कम होती हैं।

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