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Haridwar News: अमित शाह के दौरे से पहले हरिद्वार बॉर्डर पर बवाल, 3 घंटे रोकी गईं कांग्रेस नेत्री ज्योति रौतेला

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Haridwar News : केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के उत्तराखंड दौरे को लेकर प्रशासन पूरी तरह अलर्ट मोड पर है। इसी मुस्तैदी के बीच मंगलवार देर रात हरिद्वार के चिड़ियापुर बॉर्डर पर भारी हंगामा देखने को मिला।

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पुलिस ने हल्द्वानी से हरिद्वार आ रहीं महिला कांग्रेस की प्रदेश अध्यक्ष ज्योति रौतेला और प्रभारी सुनीता गावड़े की गाड़ी को बॉर्डर पर ही रोक लिया। सुरक्षा कारणों का हवाला देकर पुलिस ने बैरीकेडिंग लगा दी, जिससे कांग्रेस नेता करीब तीन घंटे तक वहीं फंसी रहीं।

आधी रात तक चला हंगामा और नारेबाजी

महिला कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष को बॉर्डर पर रोकने की खबर मिलते ही स्थानीय कांग्रेस कार्यकर्ता मौके पर जमा हो गए। कार्यकर्ताओं ने पुलिस कार्रवाई के खिलाफ जमकर नारेबाजी शुरू कर दी।

मौके का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होते ही पुलिस प्रशासन दबाव में आ गया। विरोध बढ़ता देख पुलिस को अपने कदम पीछे खींचने पड़े। रात करीब साढ़े बारह बजे ज्योति रौतेला और सुनीता गावड़े को हरिद्वार में एंट्री दी गई। इस पूरे घटनाक्रम पर महिला कांग्रेस की राष्ट्रीय अध्यक्ष अलका लांबा ने सोशल मीडिया पर तीखी प्रतिक्रिया दी और पुलिस पर डराने-धमकाने का आरोप लगाया।

 

आखिर गृह मंत्री से क्या शिकायत करना चाहती थी कांग्रेस?

ज्योति रौतेला और उनकी टीम का मकसद गृह मंत्री अमित शाह से मिलकर उन्हें एक ज्ञापन सौंपना था। ज्योति रौतेला ने बताया कि वे मुख्य रूप से दो मुद्दों को लेकर गृह मंत्री से मिलना चाहती थीं। पहला मामला रुद्रपुर में किसान सुखवंत सिंह की आत्महत्या से जुड़ा है।

रौतेला ने आरोप लगाया कि किसान ने पुलिस प्रताड़ना से तंग आकर जान दी थी। इस केस में प्रशासन ने निचले स्तर के कर्मचारियों पर तो कार्रवाई कर दी, लेकिन उच्च अधिकारियों को बचाया जा रहा है। कांग्रेस इस मामले में बड़े अफसरों की जवाबदेही तय करने की मांग कर रही है।

मंत्री के पति पर कार्रवाई की मांग

कांग्रेस का दूसरा मुद्दा कैबिनेट मंत्री रेखा आर्या के पति गिरधारी लाल साहू से जुड़ा है। ज्योति रौतेला ने कहा कि साहू ने महिलाओं के व्यापार को लेकर कथित तौर पर आपत्तिजनक बयान (20-25 हजार में व्यापार की बात) दिया था।

कांग्रेस का कहना है कि अब तक उनके खिलाफ मुकदमा दर्ज क्यों नहीं किया गया? इन्हीं मांगों को लेकर कांग्रेस नेत्री गृह मंत्री के सामने अपनी बात रखना चाहती थीं, लेकिन उन्हें बॉर्डर पर ही जबरन रोक दिया गया।

हरिद्वार ग्रामीण कांग्रेस के पूर्व जिला अध्यक्ष राजीव चौधरी ने इस कार्रवाई को तानाशाही बताया। उन्होंने दावा किया कि पुलिस अधिकारी उनसे लिखित में मांग रहे थे कि कोई प्रदर्शन नहीं किया जाएगा।

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चौधरी ने कहा कि बिना किसी कारण के महिला नेताओं को ढाई घंटे तक सड़क पर खड़ा रखना निंदनीय है, लेकिन पूरी कांग्रेस एकजुट होकर इस मनमानी का विरोध कर रही है।

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