High Blood Pressure Causes : आज की तेज़ रफ़्तार ज़िंदगी में हाई ब्लड प्रेशर (High Blood Pressure) अब सिर्फ बुज़ुर्गों की नहीं बल्कि युवाओं की भी आम समस्या बन गया है।
काम का तनाव, नींद की कमी, जंक फूड की आदत और एक्सरसाइज़ से दूरी — ये सब हमारी लाइफस्टाइल को असंतुलित कर चुके हैं। अगर आप भी अक्सर सिर दर्द, थकान या चक्कर जैसी परेशानी महसूस करते हैं, तो यह आपके बढ़ते बीपी का संकेत हो सकता है।
लाइफस्टाइल से जुड़ी बीमारी, लेकिन नियंत्रण आपके हाथ में
हाई बीपी किसी संक्रमण की तरह अचानक नहीं होता, बल्कि यह धीरे-धीरे हमारे खान-पान और जीवनशैली से जुड़ता है। समय रहते इसे नियंत्रित न किया जाए तो दिल का दौरा (Heart Attack), किडनी फेलियर या स्ट्रोक जैसी गंभीर स्थितियां सामने आ सकती हैं।
अच्छी बात यह है कि इसे दवाओं के साथ-साथ डाइट और रूटीन बदलकर आसानी से कंट्रोल किया जा सकता है।
प्रोसेस्ड फूड बन रहे हैं सबसे बड़ा दुश्मन
पैकेटबंद नूडल्स, चिप्स, नमकीन, बिस्किट और तैयार स्नैक्स हमारे घरों में आम हो चुके हैं। लेकिन क्या आप जानते हैं कि इनमें मौजूद सोडियम, ट्रांस फैट और प्रिज़र्वेटिव्स हाई बीपी को तेजी से बढ़ाते हैं?
इन चीजों का बार-बार सेवन करने से शरीर में पानी रुकता है, जिससे ब्लड प्रेशर बढ़ जाता है। अगर आपका बीपी पहले से हाई रहता है, तो इन चीजों से दूरी बनाना ही समझदारी है।
ज्यादा तले-भुने खाने से भी बढ़ता है खतरा
समोसे, पकौड़े, बर्गर और पिज्ज़ा खाने में भले ही स्वादिष्ट लगते हों, लेकिन इनमें तेल, मैदा और नमक की मात्रा बहुत अधिक होती है। ये सब मिलकर धमनियों को सख्त करते हैं और ब्लड प्रेशर स्पाइक कर देते हैं।
अगर आप बीपी को नियंत्रित रखना चाहते हैं, तो अपने खाने में स्टीम्ड, उबला या हल्का भुना हुआ भोजन शामिल करें।
अचार और पापड़ में छिपा सोडियम बम
भारतीय खाने में अचार और पापड़ का स्वाद अलग ही जगह रखता है, लेकिन यही स्वाद बीपी रोगियों के लिए खतरे की घंटी भी है।
अचार में तेल, नमक और सिरका की मात्रा काफी अधिक होती है। वहीं, पापड़ में भी सोडियम लेवल इतना ज़्यादा होता है कि रोज़ाना सेवन से बीपी नियंत्रण से बाहर जा सकता है। बेहतर होगा कि इनका सेवन हफ्ते में एक-दो बार तक सीमित रखें।
मीठा भी उतना ही खतरनाक जितना नमक
अक्सर लोग सोचते हैं कि ब्लड प्रेशर केवल ज्यादा नमक खाने से बढ़ता है, लेकिन मीठा भी इसका बड़ा कारण है। ज्यादा शुगर लेने से शरीर में इंसुलिन का स्तर तेजी से बढ़ता है, जिससे नसें सख्त हो जाती हैं और ब्लड फ्लो पर दबाव बढ़ता है।
एक्सपर्ट्स का कहना है कि जो लोग ज्यादा मिठाइयां, चॉकलेट या बेकरी आइटम खाते हैं, उनमें हाई बीपी का खतरा दोगुना हो जाता है।
तनाव और नींद की कमी: छिपे हुए दुश्मन
सिर्फ खान-पान ही नहीं, मानसिक तनाव और नींद की कमी भी ब्लड प्रेशर को बढ़ाने में अहम भूमिका निभाते हैं। लंबे समय तक तनाव में रहने से शरीर में कॉर्टिसोल हार्मोन बढ़ जाता है, जो बीपी को असंतुलित करता है।
हर दिन कम से कम 6-7 घंटे की नींद लेना और मेडिटेशन जैसी गतिविधियों को अपनाना बीपी नियंत्रण में मददगार साबित हो सकता है।
सही खान-पान और जीवनशैली से रखें बीपी को नियंत्रण में हाई बीपी का इलाज सिर्फ दवाओं से नहीं, बल्कि अपने रूटीन में छोटे-छोटे बदलावों से भी किया जा सकता है।
संतुलित भोजन, ताजे फल-सब्जियां, कम नमक-कम शुगर वाली डाइट और नियमित व्यायाम – ये सब आपकी हेल्थ को लंबे समय तक बेहतर रख सकते हैं।
ब्लड प्रेशर बढ़ना अब सिर्फ उम्र से नहीं जुड़ा, बल्कि हमारी गलत आदतों का परिणाम है। अगर आप इन छिपे कारणों को पहचानकर समय रहते कदम उठा लेते हैं, तो दिल और किडनी जैसी बीमारियों से आसानी से बचा जा सकता है।









