Hormonal Imbalance Foods : बिगड़ी हुई जीवनशैली, गलत खानपान और वर्कआउट की कमी से शरीर में कई तरह की सेहत संबंधी परेशानियां पैदा हो सकती हैं।
इनमें से एक गंभीर समस्या है हार्मोनल असंतुलन। जब शरीर में हॉर्मोन संतुलित नहीं रहते, तो यह हमारे शरीर के कामकाज पर गंभीर असर डाल सकता है।
आइए जानें हार्मोनल असंतुलन क्या है, इसके लक्षण और किन फूड्स से इसे बढ़ने से रोक सकते हैं।
हार्मोनल असंतुलन क्या है?
हार्मोन शरीर के रसायन हैं जो अलग-अलग हिस्सों में संदेश पहुँचाते हैं और शरीर के कामकाज को नियंत्रित करते हैं।
जब कोई हॉर्मोन बहुत अधिक या बहुत कम बनने लगता है, तो शरीर का संतुलन बिगड़ जाता है और इसे हार्मोनल असंतुलन कहा जाता है।
हार्मोनल असंतुलन के सामान्य लक्षण
- अचानक वजन बढ़ना या घटना
- सेक्स की इच्छा में कमी
- मुंहासे और त्वचा संबंधी समस्याएं
- अनियमित पीरियड्स
- पेट संबंधी परेशानियां
- बालों का झड़ना
हार्मोनल असंतुलन के कारण
हार्मोनल असंतुलन के कई कारण हो सकते हैं। इनमें मुख्य हैं:
- गलत जीवनशैली और खानपान की आदतें
- विषाक्त पदार्थों का संपर्क
- आनुवंशिकी
- पॉलीसिस्टिक ओवरी सिंड्रोम (PCOS) जैसी स्वास्थ्य समस्याएं
हार्मोनल असंतुलन से बचने के लिए किन चीजों से बचें
डेयरी उत्पाद
डेयरी उत्पाद कैल्शियम का अच्छा स्रोत हैं, लेकिन अधिक सेवन करने पर हॉर्मोन संतुलन प्रभावित हो सकता है।
रेड मीट
रेड मीट में संतृप्त और हाइड्रोजनीकृत वसा अधिक होती है, जो शरीर में एस्ट्रोजन के स्तर को बढ़ा सकती है। बेहतर है कि आप इसे अंडे, सैल्मन मछली या ओमेगा-3 से भरपूर फूड्स से बदलें।
प्रोसेस्ड फूड्स
प्रोसेस्ड फूड्स में प्रिज़र्वेटिव्स, सोडियम और चीनी अधिक होती है। ये ग्रंथियों में सूजन और तनाव बढ़ा सकते हैं, जिससे हॉर्मोन असंतुलित हो जाते हैं।
नियमित वर्कआउट, संतुलित आहार और जीवनशैली में छोटे बदलाव हार्मोनल असंतुलन को नियंत्रित करने में मदद कर सकते हैं।









