Income Tax Notice : टैक्स फाइलिंग का सीजन आते ही हर कोई घबरा जाता है। लेकिन क्या आप जानते हैं कि आपकी जिंदगी की छोटी-मोटी फाइनेंशियल गलतियां भी आपको मुसीबत में डाल सकती हैं? जी हां, अगर आपको लगता है कि आपके सेविंग्स अकाउंट में रोजाना के ट्रांजेक्शन पर किसी की नजर नहीं है, तो ये सोचना बड़ी भूल है।
आयकर विभाग (Income Tax Department) अब हर बड़ी बैंकिंग एक्टिविटी पर पैनी नजर रखता है। स्टेटमेंट ऑफ फाइनेंशियल ट्रांजेक्शन (Statement of Financial Transactions – SFT) के तहत बैंक, एनबीएफसी और बाकी फाइनेंशियल इंस्टीट्यूशंस हर शक की लेन-देन की डिटेल सीधे डिपार्टमेंट को भेज देते हैं।
दरअसल, फाइनेंशियल डीलिंग्स के लिए PAN कार्ड सबसे अहम है। अगर आपने इसमें कोई छोटी सी चूक भी की, तो आपके अकाउंट पर इनक्वायरी शुरू हो सकती है। आयकर विभाग (Income Tax Department) SFT रिपोर्ट्स से आपकी इनकम और खर्चों की क्रॉस-चेकिंग करता है। आइए, जानते हैं ऐसी 8 आम गलतियां जो ITR (Income Tax Return) में नजरअंदाज करने से Income Tax Notice थमा सकती हैं। इनसे बचें, तो टेंशन फ्री रहें!
साल भर में ₹10 लाख से ज्यादा कैश डिपॉजिट
अगर आप एक फाइनेंशियल ईयर में अपने सभी सेविंग अकाउंट्स में ₹10 लाख से ज्यादा कैश जमा कर देते हैं, तो बैंक ये डिटेल आयकर विभाग (Income Tax Department) को रिपोर्ट कर देता है।
ये गैरकानूनी तो नहीं, लेकिन आपको पैसे का सोर्स क्लियर करना पड़ता है। जैसे, प्रॉपर्टी बेचने की रसीद या गिफ्ट डीड। SFT के तहत ये ट्रांजेक्शन फ्लैग हो जाता है, और ITR (Income Tax Return) से मैच न खाने पर Income Tax Notice आ सकता है। हमेशा डॉक्यूमेंट्स रेडी रखें।
क्रेडिट कार्ड बिल का ₹1 लाख से ऊपर कैश पेमेंट
क्रेडिट कार्ड यूजर्स सावधान! अगर आप ₹1 लाख से ज्यादा कैश से या कुल ₹10 लाख (चेक, ऑनलाइन सब मिलाकर) क्रेडिट कार्ड बिल चुकाते हैं, तो ये SFT रिपोर्ट में एंटर हो जाता है। आयकर विभाग (Income Tax Department) आपके एक्सपेंसेस को आपकी रिपोर्टेड इनकम से कंपेयर करता है। अगर मैच न हो, तो Income Tax Notice का खतरा। ITR (Income Tax Return) में हर पेमेंट का हिसाब रखें, वरना सवालों का सिलसिला शुरू!
बार-बार कैश विड्रॉल
अपने सेविंग अकाउंट से बार-बार बड़ी अमाउंट निकालना? अगर ये आपकी कमाई के हिसाब से फिट न बैठे, तो बैंक इसे शक की नजर से देखता है। हर विड्रॉल का रिकॉर्ड रखें – जैसे बिजनेस एक्सपेंस या पर्सनल यूज। SFT के जरिए आयकर विभाग (Income Tax Department) चेक करता है, और ITR (Income Tax Return) में न दिखाने पर Income Tax Notice भेज सकता है। स्मार्ट रहें, रिकॉर्ड्स अपडेट रखें।
₹30 लाख से महंगी प्रॉपर्टी डील
प्रॉपर्टी खरीद-बेच रहे हैं? ₹30 लाख या उससे ज्यादा वैल्यू की डील पर रजिस्ट्री ऑफिस सीधे आयकर विभाग (Income Tax Department) को सूचना देता है। फिर डिपार्टमेंट बायर्स और सेलर्स के ITR (Income Tax Return) से मैचिंग करता है। अगर डिस्क्रिपेंसी मिले, तो Income Tax Notice। हमेशा ट्रांजेक्शन डिटेल्स ITR में सही डालें, ताकि SFT रिपोर्ट से टेंशन न हो।
पुराना बंद अकाउंट अचानक एक्टिव
लंबे समय से बंद पड़ा अकाउंट अगर अचानक हाई-वैल्यू ट्रांजेक्शन दिखाए, तो बैंक इसे संदिग्ध मान लेता है। हो सकता है विरासत या बिजनेस रीजन हो, लेकिन डॉक्यूमेंट्स जरूरी। SFT के तहत ये फ्लैग होता है, और आयकर विभाग (Income Tax Department) ITR (Income Tax Return) चेक कर Income Tax Notice भेज सकता है। पुराने अकाउंट्स को एक्टिवेट करने से पहले प्लानिंग करें।
₹10 लाख से ज्यादा फॉरेक्स ट्रांजेक्शन
ट्रैवल या इनवेस्टमेंट के लिए फॉरेन करेंसी यूज? एक साल में ₹10 लाख या ज्यादा फॉरेक्स स्पेंड या रिसीव करने पर SFT रिपोर्ट जनरेट होती है। इंटरनेशनल क्रेडिट कार्ड या फॉरेक्स कार्ड से एक्सपेंस अगर ITR (Income Tax Return) की इनकम से मैच न करे, तो आयकर विभाग (Income Tax Department) जांच शुरू कर सकता है। Income Tax Notice से बचने के लिए हर फॉरेन डील का रिकॉर्ड रखें।
ब्याज आय में ITR से मिसमैच
बैंक ने जो ब्याज इनकम रिपोर्ट की (फॉर्म 26AS या AIS में), अगर वो आपके ITR (Income Tax Return) से अलग हो, तो आयकर विभाग (Income Tax Department) नोटिस भेज सकता है। हर साल ब्याज और इनवेस्टमेंट डिटेल्स वेरिफाई करें। SFT के तहत ये डेटा क्रॉस-चेक होता है, वरना Income Tax Notice का डर। सिंपल स्टेप – ऑनलाइन पोर्टल से चेक करते रहें।
ब्याज-डिविडेंड में गैप
बैंक, एनबीएफसी और म्यूचुअल फंड्स आपके ब्याज, डिविडेंड और कैपिटल गेन्स की डिटेल्स SFT में रिपोर्ट करते हैं। अगर ITR (Income Tax Return) में ये मैच न करें, तो ऑटोमेटेड टैक्स वेरिफिकेशन चालू हो जाता है। कई सेविंग अकाउंट्स हैं? कुल ब्याज इनकम न छिपाएं, वरना टैक्स एवेजन माना जाएगा। आयकर विभाग (Income Tax Department) सख्त है, Income Tax Notice से बचने के लिए ट्रांसपेरेंट रहें।









