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Mann Ki Baat: PM मोदी कर रहे हैं मन की बात, सोशल मीडिया प्रोफाइल में तिरंगा लगाने की दी सलाह

Mann Ki Baat 31 July: प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी आज सुबह 11 बजे अपने मासिक रेडियो कार्यक्रम 'मन की बात' के 91वें एपिसोड को संबोधित कर रहे हैं.
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Mann Ki Baat: PM मोदी कर रहे हैं मन की बात, सोशल मीडिया प्रोफाइल में तिरंगा लगाने की दी सलाह

Mann Ki Baat 31 July: प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी आज सुबह 11 बजे अपने मासिक रेडियो कार्यक्रम 'मन की बात' के 91वें एपिसोड को संबोधित कर रहे हैं. इससे पहले पीएम मोदी ने मन की बात कार्यक्रम को लेकर एक ट्वीट किया.

इस ट्वीट के जरिए पीएम मोदी ने देशवासियों को मन की बात कार्यक्रम के आमंत्रित किया था. इस कार्यक्रम में पीएम कई तरह के मुद्दों पर चर्चा करते हैं और अपनी मन की बात को लोगों तक पहुंचाने का काम करते हैं.

हर घर तिरंगा अभियान

पीएम मोदी ने कहा कि इस बार वो अपील करते हैं कि 13 अगस्त से लेकर 15 अगस्त तक पूरे देशभर के लोग हर घर तिरंगा अभियान का हिस्सा बनें. इस बार का स्वतंत्रता दिवस अभियान बहुत खास है. इसे लेकर पूरे देश में बहुत सी तैयारियां की गई है.

पीएम ने अपने संबोधन में ये भी कहा कि साथियों आज़ादी के अमृत महोत्सव में हो रहे इन सारे आयोजनों का सबसे बड़ा सन्देश यही है कि हम सभी देशवासी अपने कर्तव्य का पूरी निष्ठा से पालन करें. तभी हम उन अनगिनत स्वतंत्रता सेनानियों का सपना पूरा कर पायेंगे और उनके सपनों का भारत बना पाएंगे.

सफलताओं की चर्चा

पीएम मोदी ने आगे कहा कि 'मन की बात' में हम हर बार देशवासियों की ऐसी सफलताओं की चर्चा करते हैं जो हमारे चेहरे पर मीठी मुस्कान बिखेर देती हैं. अगर कोई सक्सेस स्टोरी, मीठी मुस्कान भी बिखेरे, और स्वाद में भी मिठास भरे, तब तो आप इसे जरुर सोने पर सुहागा कहेंगे.

हमारे किसान इन दिनों शहद के उत्पादन में ऐसा ही कमाल कर रहे हैं. शहद की मिठास हमारे किसानों का जीवन भी बदल रही है, उनकी आय भी बढ़ा रही है. हरियाणा में, यमुनानगर में, एक मधुमक्खी पालक साथी रहते हैं सुभाष कंबोज जी.

उन्होंने वैज्ञानिक तरीके से मधुमक्खी पालन का प्रशिक्षण लिया. इसके बाद उन्होंने केवल 6 बॉक्स के साथ अपना काम शुरू किया था. आज वो करीब दो हजार बक्सों में मधुमक्खी पालन कर रहे हैं. और उनका शहद कई राज्यों में सप्लाई होता है.

इसी तरह कर्नाटक के एक और किसान हैं मधुकेश्वर हेगड़े उन्होंने, भारत सरकार से 50 मधुमक्खी कॉलोनियों के लिए सब्सिडी ली थी. आज उनके पास 800 से ज्यादा कॉलोनियां हैं, और वो कई टन शहद बेचते हैं. उन्होंने अपने काम में इनोवेशन किया, और वो जामुन शहद, तुलसी शहद, आंवला शहद जैसे वानस्पतिक शहद भी बना रहे हैं.

मधुकेश्वर जी, मधु उत्पादन में आपके इनोवेशन और सफलता, आपके नाम को भी सार्थक करती है. इसी तरह जम्मू के पल्ली गांव में विनोद कुमार जी भी डेढ़ हज़ार से ज्यादा कॉलोनियों में मधुमक्खी पालन कर रहे हैं. उन्होंने पिछले साल, रानी मक्खी पालन का प्रशिक्षण लिया है. इस काम से, वो, सालाना 15 से 20 लाख रूपए कमा रहे हैं.

साथियो, आप सब जानते हैं कि, शहद को, हमारे पारंपरिक स्वास्थ्य विज्ञान में कितना महत्व दिया गया है. आयुर्वेद ग्रंथों में तो शहद को अमृत बताया गया है. शहद, न केवल हमें स्वाद देता है, बल्कि आरोग्य भी देता है. ऐसे ही एक युवा हैं यूपी में गोरखपुर के निमित सिंह उन्होंने बी.टेक किया है उनके पिता डॉक्टर हैं, लेकिन, पढाई के बाद नौकरी की जगह निमित जी ने स्वरोजगार का फैसला लिया.

उन्होंने भी शहद उत्पादन का काम शुरू किया. उन्होंने क्वालिटी चेक के लिए लखनऊ में अपनी एक लैब भी बनवाई. निमित जी अब शहद और Bee Wax से अच्छी कमाई कर रहे हैं, और अलग-अलग राज्यों में जाकर किसानों को प्रशिक्षित भी कर रहे हैं.

ऐसे युवाओं की मेहनत से ही आज देश इतना बड़ा शहद उत्पादक बन रहा है. आपको जानकार ख़ुशी होगी कि देश से शहद का निर्यात भी बढ़ गया है. देश ने National Beekeeping and Honey Mission जैसे अभियान चलाए, किसानों ने पूरा परिश्रम किया, और हमारे शहद की मिठास, दुनिया तक पहुंचने लगी.