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मनी लॉन्ड्रिंग केस: संजय राउत के घर पहुंची ED की टीम, हिरासत में लिए जा सकते हैं शिवसेना सांसद, ये है मामला

प्रवर्तन निदेशालय (ED) की एक के बाद एक ताबड़तोड़ छापेमारी जारी है. अब जांच एजेंसी की टीम शिवसेना से राज्यसभा सांसद संजय राउत के मुंबई के भांडुप स्थित घर पहुंची है.
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मनी लॉन्ड्रिंग केस: संजय राउत के घर पहुंची ED की टीम, हिरासत में लिए जा सकते हैं शिवसेना सांसद, ये है मामला

प्रवर्तन निदेशालय (ED) की एक के बाद एक ताबड़तोड़ छापेमारी जारी है. अब जांच एजेंसी की टीम शिवसेना से राज्यसभा सांसद संजय राउत के मुंबई के भांडुप स्थित घर पहुंची है. उन्हें पूछताछ के लिए ईडी दफ्तर ले जाया जा सकता है. राउत 1034 करोड़ रुपये के पात्रा चॉल घोटाले में जांच के दायरे में हैं.

ईडी की टीम के पहुंचने के बाद संजय राउत के घर के बाहर उनके समर्थकों का जमावड़ा लग गया है. राउत के समर्थक जांच एजेंसी और भारतीय जनता पार्टी के खिलाफ नारेबाजी कर रहे हैं.

उन्हें 1 जुलाई को हुई पूछताछ के बाद 20 और 27 जुलाई को तलब किया गया था, लेकिन उन्होंने अपने वकीलों के जरिए सूचना भेजी कि संसद सत्र के कारण वह 7 अगस्त के बाद ही पेश हो सकते हैं. ईडी इस मामले में दादर और अलीबाग में राउत की संपत्तियों को कुर्क कर चुकी है.

इससे पहले ईडी का समन जारी होने पर राउत ने उपराष्ट्रपति चुनाव के लिए चल रहे प्रचार अभियान का हवाला देते हुए पेशी के लिए और समय मांगा था. संजय राउत इस मामले में मुख्य आरोपी हैं.

भाजपा का राउत पर निशाना

इस मामले पर भाजपा नेता राम कदम ने कहा कि जांच के बाद फ्रॉड सामने आने पर ईडी पूछताछ के लिए बुलाती है. ईडी के पास राउत के खिलाफ सबूत हैं. इसलिए उन्हें पूछताछ के लिए बुलाया जा रहा है. लेकिन राउत बार-बार जांच एजेंसी से बचने की कोशिश कर रहे हैं. कदम ने आगे कहा कि राउत से ये अपेक्षा थी कि वे ईडी को जांच में सहयोग करेंगे. लेकिन वे प्रेस कांफ्रेंस कर आरोप-प्रत्यारोप लगाने का काम कर रहे हैं.

27 जुलाई को भी नहीं पेश हुए थे राउत

इससे पहले 27 जुलाई को ईडी ने मामले में राऊत को समन भेजकर पूछताछ के लिए हाजिर रहने को कहा था, लेकिन भी राउत पेश नहीं हुए थे और उन्होंने पेशी से छूट मांगी थी. लेकिन तब ईडी ने इसे स्वीकार नहीं किया था.

यह है पात्रा चॉल घोटाला मामला

- ED के मुताबिक, गुरु आशीष कंस्ट्रक्शन को पात्रा चॉल को पुनर्विकसित करने का काम मिला था. यह काम MHADA ने उसे सौंपा था. इसके तहत मुंबई के गोरेगांव में 47 एकड़ में पात्रा चॉल में 672 किरायेदारों के घरों पुनर्विकसित होने थे.

- ED के मुताबिक गुरु आशीष कंस्ट्रक्शन ने MHADA को गुमराह किया और बिना फ्लैट बनाए ही यह जमीन 9 बिल्डरों को 901.79 करोड़ रुपये में बेच दी. बाद में गुरु आशीष कंस्ट्रक्शन ने Meadows नाम से एक प्रोजेक्ट शुरू किया और घर खरीदारों से फ्लैट के लिए 138 करोड़ रुपये जुटाए.

- जांच में सामने आया कि कंस्ट्रक्शन कंपनी ने गैरकानूनी तरीके से 1,034.79 करोड़ रुपये से ज्यादा की कमाई की. आगे चलकर उसने गैरकानूनी तरीके से ही इस रकम को अपने सहयोगियों को ट्रांसफर कर दी.

- ED के मुताबिक गुरु आशीष कंस्ट्रक्शन प्राइवेट लिमिटेड हाउसिंग डेवलपमेंट एंड इन्फ्रास्ट्रक्चर लिमिटेड (HDIL) की सिस्टर कंपनी है. जांच में सामने आया कि HDIL ने करीब 100 करोड़ रुपये प्रवीण राउत के खाते में जमा कराए थे.

- 2010 में प्रवीण राउत की पत्नी माधुरी ने संजय राउत की पत्नी वर्षा राउत के खाते में 83 लाख रुपये ट्रांसफर किए थे. इस रकम से वर्षा राउत ने दादर में एक फ्लैट खरीदा. ED की जांच शुरू होने के बाद वर्षा राउत ने माधुरी राउत के खाते में 55 लाख रुपये भेजे थे.

- ED के मुताबिक, प्रवीण राउत ने राकेश वधावन और सारंग वधावन के साथ मिलकर हजार करोड़ रुपये से ज्यादा की हेराफेरी की है.

- ED ने प्रवीण राउत और उसके करीबी सुजीत पाटकर से जुड़े ठिकानों पर छापेमारी की थी. प्रवीण राउत और संजय राउत कथित तौर पर दोस्त हैं. वहीं, सुजीत पाटकर को भी संजय राउत का करीबी माना जाता है. सुजीत पाटकर संजय राउत की बेटी के साथ एक वाइन ट्रेडिंग कंपनी में पार्टनर भी है.