देहरादून, 12 अप्रैल 2026 (दून हॉराइज़न)।
ISI Agent arrested in Dehradun : प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के प्रस्तावित उत्तराखंड दौरे से पहले सुरक्षा एजेंसियों ने देहरादून में एक बड़े आतंकी नेटवर्क का भंडाफोड़ किया है। प्रेमनगर के झाझरा इलाके से गिरफ्तार विक्रांत कश्यप नामक युवक पाकिस्तानी खुफिया एजेंसी आईएसआई (ISI) और आतंकी शहजाद भट्टी के सीधे संपर्क में था।
पुलिस और एसटीएफ की संयुक्त कार्रवाई के बाद आरोपी को कोर्ट में पेश किया गया, जहां से उसे न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया गया है। पुलिस अब उसे रिमांड पर लेकर पूछताछ की तैयारी कर रही है।
कोडवर्ड में बातचीत: ‘आलू’ गिराने की थी तैयारी
जांच एजेंसियों को विक्रांत के मोबाइल फोन से चौंकाने वाली व्हाट्सएप चैट मिली है। इसमें वह अपने पाकिस्तानी आकाओं से कोडवर्ड में बात कर रहा था। आरोपी बम और हैंड ग्रेनेड के लिए ‘आलू’ शब्द का प्रयोग करता था। चैट में वह जल्द ही ‘आलू गिराने’ यानी धमाका करने का टास्क पूरा करने का दावा कर रहा था। उसके मोबाइल से +44 (यूके), +971 (यूएई) और +92 (पाकिस्तान) के कोड वाले कई संदिग्ध नंबर मिले हैं, जिनसे वह लगातार संपर्क में था।
दिल्ली में वकील की हत्या का मिला था टास्क
पूछताछ में यह गंभीर तथ्य सामने आया है कि पाकिस्तानी आतंकी शहजाद भट्टी ने विक्रांत को दिल्ली में सुप्रीम कोर्ट के एक वकील पर हैंड ग्रेनेड से हमला करने का काम सौंपा था। इतना ही नहीं, आईएसआई एजेंट उससे लगातार दिल्ली की दूरी और लोकेशन के बारे में पूछताछ कर रहे थे। विक्रांत दून के महत्वपूर्ण केंद्रीय संस्थानों, सैन्य ठिकानों और प्रशासनिक कार्यालयों के वीडियो और लोकेशन भी सीमा पार भेज चुका था।
‘तहरीक-ए-तालिबान हिंदुस्तान’ का गठन
विक्रांत कश्यप के जरिए आतंकी संगठन ‘तहरीक-ए-तालिबान हिंदुस्तान’ (TTH) की जड़ें देहरादून में मजबूत करने की कोशिश की जा रही थी। एसटीएफ के मुताबिक, विक्रांत पिछले एक महीने से रडार पर था। वह सिद्धू मूसेवाला की हत्या का बदला लेने का दावा करने वाले आतंकी संगठनों की सोशल मीडिया पोस्ट से प्रभावित होकर इस दलदल में फंसा था।
गिरफ्तारी और बरामदगी
प्रेमनगर पुलिस और एसटीएफ ने जब झाझरा में दबिश दी, तो विक्रांत के पास से .32 बोर की विदेशी (इटालियन मार्क) पिस्टल और सात जिंदा कारतूस बरामद हुए। पुलिस अधिकारियों के अनुसार, अब रिमांड के दौरान उन लोगों की पहचान की जाएगी जो देहरादून या दिल्ली में उसके मददगार हो सकते हैं। इस पूरी कार्रवाई में एसटीएफ के एएसपी विवेक कुमार और डिप्टी एसपी आरबी चमोला की टीम मुख्य भूमिका में रही।
जांच का अगला चरण
पुलिस अब यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि विक्रांत को हथियारों की सप्लाई किसने की और उसे फंडिंग किस जरिए से भेजी जा रही थी। उसके संपर्क में आए कुछ अन्य स्थानीय युवकों से भी पूछताछ की जा सकती है।









