Jio Platforms Equity Value : देश की बड़ी ब्रोकरेज कंपनी आईसीआईसीआई सिक्योरिटीज ने जियो प्लेटफॉर्म (Jio Platforms) की इक्विटी वैल्यू (Equity Value) को अपग्रेड कर दिया है। सितंबर 2027 तक ये 148 अरब अमेरिकी डॉलर (करीब 13,000 अरब रुपए) पहुंच जाएगी।
उनकी नई रिपोर्ट में कहा गया है कि वित्त वर्ष 2025 से 2028 के बीच जियो प्लेटफॉर्म (Jio Platforms) का EBITDA/PAT CAGR फाइनेंशियल परफॉर्मेंस 18 से 21 प्रतिशत की रफ्तार से बढ़ेगा। वित्त वर्ष 2028 तक कंपनी का फ्री कैश फ्लो (Free Cash Flow) भी 558 अरब रुपए तक पहुंच सकता है। ऊपर से स्पेक्ट्रम की कीमतों में गिरावट की उम्मीद है, जो सीधे जियो प्लेटफॉर्म (Jio Platforms) को फायदा पहुंचाएगी।
पुरानी वैल्यू से 12 अरब डॉलर ज्यादा, IPO का इंतजार बढ़ा
पिछले महीने जे पी मॉर्गन ने जियो प्लेटफॉर्म (Jio Platforms) की इक्विटी वैल्यू (Equity Value) को 136 अरब डॉलर (करीब 11,936 अरब रुपए) आंका था। आईसीआईसीआई सिक्योरिटीज ने इससे 12 अरब डॉलर (करीब 1,050 अरब रुपए) ज्यादा का अनुमान लगाया है।
याद रहे, हाल ही में रिलायंस की सालाना मीटिंग में मुकेश अंबानी ने 2026 की पहली छमाही में जियो का IPO लाने का ऐलान किया था। इस इक्विटी वैल्यू (Equity Value) में उछाल से निवेशकों की दिलचस्पी और तेज हो जाएगी।
एयरटेल को भी बूस्ट, टारगेट प्राइस 2400 रुपए
ब्रोकरेज फर्म ने भारती एयरटेल को भी ‘बाय’ रेटिंग दी है। उनका रिवाइज्ड वैल्यूएशन में एयरटेल का टारगेट प्राइस 1960 रुपए से बढ़ाकर 2400 रुपए कर दिया गया है। वजह बताई गई बढ़ती विजिबिलिटी और बेहतर फाइनेंस स्ट्रक्चर।
नए बिजनेस से वैल्यू क्रिएशन, 5G का दबदबा
आईसीआईसीआई सिक्योरिटीज का कहना है कि जियो प्लेटफॉर्म (Jio Platforms) कंटेंट, स्टोरेज, डिजिटल एंटरप्राइज सॉल्यूशन, MSME के लिए मैनेज्ड सर्विस और रिलायंस इंटेलिजेंस के AI डिप्लॉयमेंट जैसे नए बिजनेस को तेजी से बढ़ा रहा है।
ये मीडियम टर्म में ज्यादा वैल्यू क्रिएट करेंगे। वित्त वर्ष 2025 से 2028 के बीच नॉन-कनेक्टिविटी बिजनेस का ग्रोथ रेट 46.7% रहेगा। साथ ही, 5G रोलआउट (5G Rollout) और 6G पेटेंट्स से फायदा मिलेगा। 5G मार्केट में जियो का शेयर 66 फीसदी से ज्यादा है।
टेलीकॉम सेक्टर क्यों चमक रहा?
रिपोर्ट में भारतीय टेलीकॉम कंपनियों की वैल्यूएशन अपग्रेड के कई कारण बताए गए हैं। इनमें बेहतर बिजनेस, शानदार फाइनेंशियल स्ट्रक्चर, 5G पुश (5G Push) और डाउनग्रेड की कम संभावना शामिल है। कंपनियां फिक्स्ड ब्रॉडबैंड, वैल्यू-एडेड सर्विसेज के साथ एंटरप्राइज ऑफरिंग्स बढ़ा रही हैं, जैसे डेटा सेंटर, SaaS और मैनेज्ड सर्विसेज।









