Karwa Chauth Moon Timing : करवा चौथ भारतीय संस्कृति का एक महत्वपूर्ण त्योहार है, जिसमें व्रती महिलाएं अपने पति की लंबी उम्र और खुशहाल जीवन के लिए निर्जला व्रत करती हैं।
इस दिन व्रती रात में चंद्रमा को अर्घ्य देती हैं और चंद्र दर्शन के बाद ही व्रत का पारण करती हैं। इसलिए हर व्रती महिला के लिए यह जानना बेहद जरूरी है कि उनके शहर में करवा चौथ का चांद कितने बजे नजर आएगा।
हर साल चंद्रमा का उदय समय अलग-अलग शहरों में भिन्न होता है। इससे पहले कि आप चांद को अर्घ्य दें, यह जानना जरूरी है कि आपका शहर किस समय चांद देख पाएगा।
आइए जानते हैं 10 अक्टूबर 2025 को प्रमुख शहरों में चांद निकलने का समय।
प्रमुख शहरों में करवा चौथ 2025 का चांद निकलने का समय
- दिल्ली: रात 08:13 बजे
- गांधीनगर: रात 08:46 बजे
- अहमदाबाद: रात 08:47 बजे
- शिमला: रात 08:06 बजे
- भोपाल: रात 08:26 बजे
- नोएडा: रात 08:12 बजे
- गुरुग्राम: रात 08:14 बजे
- हरिद्वार: रात 08:05 बजे
- इंदौर: रात 08:34 बजे
- भुवनेश्वर: शाम 07:58 बजे
- रायपुर: रात 08:01 बजे
- लखनऊ: रात 08:02 बजे
- कानपुर: रात 08:06 बजे
- गोरखपुर: रात 07:52 बजे
- प्रयागराज: रात 08:02 बजे
- मुंबई: रात 08:55 बजे
- कोलकाता: रात 07:42 बजे
- चेन्नई: रात 08:38 बजे
- हरादून: रात 08:05 बजे
- चंडीगढ़: रात 08:09 बजे
- जयपुर: रात 08:23 बजे
- पटना: रात 07:48 बजे
- जम्मू: रात 08:11 बजे
करवा चौथ व्रत की महत्ता
करवा चौथ का व्रत सिर्फ एक धार्मिक परंपरा नहीं है, बल्कि यह पति और परिवार के लिए महिलाओं के प्रेम और समर्पण का प्रतीक भी है। माना जाता है कि इस दिन व्रत रखने से पति की आयु लंबी होती है और परिवार में सुख-समृद्धि बनी रहती है।
व्रती महिलाओं के लिए यह दिन बेहद खास होता है क्योंकि उन्हें चंद्रमा के दर्शन का बेसब्री से इंतजार रहता है। चंद्रमा के उदय के समय सही अर्घ्य देने से व्रत का पूर्ण फल मिलता है।
करवा चौथ व्रत की तैयारी और टिप्स
सजावट और पोशाक: व्रती महिलाएं इस दिन पारंपरिक साड़ी, लाल रंग की पोशाक और आभूषण पहनती हैं।
सौंदर्य और मेकअप: हल्का मेकअप और सिंपल हेयर स्टाइल रखें ताकि दिन और रात दोनों में आराम महसूस हो।
भोजन: दिनभर निर्जला रहने के कारण हल्का और पौष्टिक भोजन सुबह में लेना चाहिए।
ध्यान और पूजा: चांद निकलने से पहले परिवार के साथ पूजा और प्रार्थना करना शुभ माना जाता है।
शहर के अनुसार चांद का महत्व
हर शहर में चंद्रमा के उदय का समय अलग होता है, इसलिए व्रती महिलाओं को अपने शहर का सही समय जानना बहुत जरूरी है।
इससे न केवल व्रत का फल सुनिश्चित होता है बल्कि यह त्योहार और भी खास बन जाता है।









