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Mannat 9th September 2025 Written Update : दादी की बिगड़ती तबीयत से बढ़ा तनाव, कोर्ट में छाया सन्नाटा

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Mannat 9th September 2025 Written Update : आज के धमाकेदार एपिसोड में मन्नत का माहौल गम और शक से भरा हुआ है। दादाजी की दर्दनाक मौत से पूरा परिवार सदमे में डूबा है, और मन्नत तो पूरी तरह टूट चुकी है। उसका दिल चूर-चूर हो गया है, हर कदम भारी लग रहा है। लेकिन इस काले वक्त में विक्रांत उसके साथ खड़ा है, अपना ख्याल रख रहा है और सहारा दे रहा है। भले ही दादाजी की मौत के आसपास की घटनाओं पर मन्नत की बात से वो सहमत न हो, लेकिन मन्नत के प्रति उसकी वफादारी कभी नहीं डगमगाती।

प्यार की गहराई में छिपी सच्चाई

मन्नत और विक्रांत के बीच इमोशनल दूरी बढ़ती जा रही है, लेकिन एक गहरी और सच्ची बात सामने आ रही है: दिल की गहराई में विक्रांत जानता है कि मन्नत झूठ नहीं बोलती। उसकी सच्चाई और दर्द हर शब्द और चेहरे की हाव-भाव से झलक रहा है।

सच्चाई के दो अलग-अलग पहलुओं पर खड़े होने के बावजूद, दोनों एक खूबसूरत पल शेयर करते हैं जहां विक्रांत अपने हाथों से मन्नत को खाना खिलाता है—ये एक साधारण लेकिन गहरा प्यार और दया का इशारा है। ये सीन देखकर आंखें नम हो जाती हैं, जो बताता है कि राय भले ही टकराएं, लेकिन एक-दूसरे के लिए सच्ची फिक्र हमेशा बरकरार रहती है।

मन्नत की आंखों में आंसू आ जाते हैं, कमजोरी से नहीं बल्कि विक्रांत के प्यार की गर्माहट महसूस करने से इस दर्द भरे वक्त में। तनाव बढ़ाने के लिए उसकी मां बीच में आती है और ज्ञान की बातें कहती है: जो होगा, वो किस्मत से होगा। वो मन्नत को याद दिलाती है कि सही रास्ते पर रहो—हमेशा अन्याय के खिलाफ लड़ो, चाहे हालात कितने भी उलझे क्यों न हों।

दादाजी की मौत का रहस्य गहराता जाता है

इधर दादाजी की मौत का रहस्य और गहरा हो रहा है। ऐश्वर्या राय सिंह और मल्लिका की शरारती चालें साफ दिख रही हैं, जो वरुण को मुख्य संदिग्ध बना रही हैं। लेकिन विक्रांत किसी और पर शक करता है—अनीरूद्ह पर, जो अभी जेल में बंद है। सुराग उसी की तरफ इशारा कर रहे हैं: मल्लिका के अपहरण के दौरान अनीरूद्ह के आदमी सीन पर पाए गए थे। परिवार को एक नोट भी मिला था जिसमें अनीरूद्ह की रिहाई की मांग की गई थी। अगर वो शामिल न होता तो ऐसा मैसेज क्यों आता?

मन्नत की दिल दहला देने वाली दुविधा

मन्नत एक दिल तोड़ने वाली दुविधा में फंसी हुई है। वो जानती है कि उसके पिता अनीरूद्ह बेकसूर हैं और उनकी बेगुनाही साबित करने का पूरा इरादा रखती है। फिर भी, वो विक्रांत को खोना नहीं चाहती। बार-बार वो कहती है कि वरुण गुनहगार नहीं है, लेकिन विक्रांत मानने को तैयार नहीं।

कोर्ट में बढ़ता तनाव

कोर्ट में तनाव चरम पर है जब पूरा परिवार अनीरूद्ह की सुनवाई के लिए इकट्ठा होता है। माहौल बेहद तनावपूर्ण है, खासकर दादी की सेहत जो इस स्ट्रेस से और बिगड़ रही है। मन्नत, जो अब दुश्मन की तरह देखी जा रही है, अकेली खड़ी है—अपने पिता के लिए न्याय की लड़ाई लड़ रही है जबकि पूरा जहां उसके खिलाफ हो गया लगता है। विक्रांत शक के कगार पर है और मन्नत सच्चाई को थामे रखने को बेताब है। सवाल ये है: क्या धोखे की इस आंधी में प्यार टिक पाएगा?

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