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मेरठ से हरिद्वार-ऋषिकेश तक दौड़ेगी मेट्रो? उत्तराखंड सरकार ने केंद्र के सामने रखा बड़ा प्लान

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नई दिल्ली/देहरादून, 05 अप्रैल 2026 (दून हॉराइज़न)। उत्तराखंड में साल 2027 में होने वाले महाकुंभ को लेकर मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने दिल्ली के गलियारों में हलचल तेज कर दी है। मुख्यमंत्री ने शनिवार को केंद्रीय ऊर्जा, आवास और शहरी मामलों के मंत्री मनोहर लाल खट्टर से मुलाकात कर हरिद्वार-ऋषिकेश क्षेत्र के कायाकल्प के लिए भारी-भरकम प्रस्ताव सौंपे हैं।

धामी ने स्पष्ट किया कि आगामी कुंभ मेले के दौरान बिजली की निर्बाध और सुरक्षित आपूर्ति के लिए हाई-वोल्टेज लाइनों को अंडरग्राउंड करना बेहद जरूरी है। इसके लिए उन्होंने दो चरणों में कुल 750 करोड़ रुपये के बजट की मांग की है। पहले चरण में 325 करोड़ और दूसरे चरण में 425 करोड़ रुपये खर्च कर पूरे सिस्टम को ऑटोमेटिक बनाने की तैयारी है।

मेरठ से हरिद्वार तक मेट्रो का विस्तार

मुख्यमंत्री ने केवल बिजली ही नहीं, बल्कि यातायात के मोर्चे पर भी उत्तराखंड को यूपी से जोड़ने की बड़ी पैरवी की है। उन्होंने दिल्ली-मेरठ के बीच चल रहे RRTS (रीजनल रैपिड ट्रांजिट सिस्टम) को अब मेरठ से बढ़ाकर हरिद्वार और ऋषिकेश तक लाने का अनुरोध किया है। इसके साथ ही देहरादून-हरिद्वार-ऋषिकेश मेट्रो कॉरिडोर को भी केंद्र की प्राथमिकता में शामिल करने को कहा है।

केंद्रीय मंत्री मनोहर लाल खट्टर ने इन प्रस्तावों पर सकारात्मक रुख दिखाते हुए अधिकारियों को जल्द कार्रवाई के निर्देश दिए हैं। गंगा घाटों के सौंदर्यीकरण और शहरी इंफ्रास्ट्रक्चर के विकास पर भी केंद्र सरकार ने सहयोग का भरोसा दिया है।

सड़कों के लिए बरसे 461 करोड़ रुपये

एक तरफ जहां कुंभ के प्रस्तावों पर चर्चा चल रही है, वहीं दूसरी तरफ केंद्रीय सड़क परिवहन मंत्री नितिन गडकरी ने उत्तराखंड को 461 करोड़ रुपये की सौगात दे दी है। यह बजट विशेष रूप से चारधाम मार्ग और सीमांत जिलों में भूस्खलन (लैंडस्लाइड) प्रभावित सड़कों के स्थायी उपचार के लिए जारी किया गया है।

इस बजट का सबसे बड़ा हिस्सा, करीब 233 करोड़ रुपये, उत्तरकाशी जिले के राष्ट्रीय राजमार्ग-134 (यमुनोत्री मार्ग) पर स्थित 17 संवेदनशील स्थलों के लिए है। वहीं, पिथौरागढ़ में एनएच-9 के तवाघाट-घटियाबागड़ खंड पर 228 करोड़ रुपये से 3 बड़े लैंडस्लाइड जोन का ट्रीटमेंट किया जाएगा।

जानकारों की मानें तो मेरठ-हरिद्वार RRTS विस्तार न केवल श्रद्धालुओं बल्कि दैनिक यात्रियों के लिए गेम-चेंजर साबित होगा। वर्तमान में दिल्ली-मेरठ कॉरिडोर 160 किमी/घंटा की रफ्तार से संचालित है, इसके हरिद्वार तक जुड़ने से दिल्ली से हरिद्वार का सफर महज 90 से 100 मिनट में सिमट सकता है। इसके अलावा, यमुनोत्री मार्ग पर होने वाले सुरक्षा कार्य इस साल की चारधाम यात्रा के दौरान ‘जीरो ब्लॉकेज’ सुनिश्चित करने की दिशा में बड़ा कदम हैं।

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