Muhurat Trading 2025 : भारतीय शेयर बाजार के लिए दिवाली सिर्फ एक त्योहार नहीं, बल्कि एक नई शुरुआत का उत्सव है। दलाल स्ट्रीट पर इस समय रौनक देखते ही बन रही है और निवेशक साल के सबसे शुभ कारोबारी सत्र का इंतजार कर रहे हैं। इस साल दिवाली के मौके पर ‘मुहूर्त ट्रेडिंग (Muhurat Trading)’ का विशेष आयोजन मंगलवार, 21 अक्टूबर 2025 को किया जा रहा है।
लेकिन इस बार एक ऐसा बड़ा बदलाव हुआ है, जिसने सबका ध्यान खींचा है।
हर साल यह खास ट्रेडिंग सेशन (Special Trading Session) देर रात या शाम को आयोजित होता था, लेकिन इस बार यह 1 घंटे का विशेष कारोबार दिन के समय में होगा।
यह बदलाव परंपरा से थोड़ा हटकर है, लेकिन निवेशकों का उत्साह कम नहीं हुआ है। मुहूर्त ट्रेडिंग (Muhurat Trading) को लेकर बाजार में पहले से ही खलबली मची हुई है, और हर कोई जानना चाहता है कि इस बार क्या होगा।
आखिर क्यों होती है यह 1 घंटे की खास ‘ट्रेडिंग’?
दिवाली को सिर्फ रोशनी का त्योहार नहीं, बल्कि हिंदू नववर्ष की शुरुआत भी माना जाता है। इसे ‘संवत’ कहते हैं। जैसे व्यापारी इस दिन अपने नए बही-खाते शुरू करते हैं, ठीक उसी तरह शेयर बाजार के निवेशक भी इस दिन को निवेश की नई शुरुआत के लिए सबसे पवित्र मानते हैं।
‘मुहूर्त’ का अर्थ है ‘शुभ समय’। मान्यता है कि इस 1 घंटे के शुभ समय में किया गया निवेश सौभाग्य और समृद्धि लाता है। यह सत्र सिर्फ मुनाफा कमाने के लिए नहीं, बल्कि एक परंपरा को निभाने के लिए ज्यादा अहम है। कई निवेशक इस दिन कुछ शेयर खरीदते हैं, भले ही छोटी मात्रा में खरीदें, और उन्हें लंबे समय तक (लॉन्ग टर्म) के लिए अपने पोर्टफोलियो में रखते हैं।
यह एक तरह से नए संवत में बाजार का ‘शगुन’ करने जैसा है। यही वजह है कि इस एक घंटे के कारोबार पर पूरे देश की नजर टिकी होती है। मुहूर्त ट्रेडिंग (Muhurat Trading) की यह परंपरा सालों से चली आ रही है, जो बाजार को नई ऊर्जा देती है।
कैसा रहा है मुहूर्त ट्रेडिंग का 10 साला ‘रिपोर्ट कार्ड’?
अगर हम बेंचमार्क इंडेक्स निफ्टी 50 (Nifty 50) के पिछले 10 मुहूर्त ट्रेडिंग (Muhurat Trading) सत्रों को देखें, तो 8 बार बाजार बढ़त के साथ हरे निशान में बंद हुआ है। यानी 10 में से 8 बार निवेशकों ने इस दिन पैसा बनाया है। बाजार का मिजाज ज्यादातर सकारात्मक ही रहा है।
सिर्फ दो बार ऐसा हुआ जब बाजार गिरावट के साथ बंद हुआ। आखिरी बार साल 2017 में निफ्टी 50 (Nifty 50) ने 0.63% की मामूली गिरावट दर्ज की थी। लेकिन उसके बाद से बाजार ने पीछे मुड़कर नहीं देखा। पिछले लगातार सात सालों से मुहूर्त ट्रेडिंग (Muhurat Trading) पर बाजार ने निवेशकों को पॉजिटिव रिटर्न दिया है।
इस दौरान निफ्टी 50 (Nifty 50) ने औसतन 0.35% का रिटर्न दिया है। साल 2022 का मुहूर्त सत्र तो पिछले दशक का सबसे शानदार सत्र रहा था, जब बाजार ने 0.87% की जोरदार छलांग लगाई थी। निफ्टी 50 (Nifty 50) का यह ट्रैक रिकॉर्ड मुहूर्त ट्रेडिंग (Muhurat Trading) को और भी खास बनाता है।
दिवाली से पहले ही बाजार ‘रॉकेट’
इस साल मुहूर्त ट्रेडिंग (Muhurat Trading) को लेकर उत्साह इसलिए भी ज्यादा है क्योंकि बाजार का मौजूदा सेंटिमेंट बेहद मजबूत है। दिवाली की रौनक बाजार में पहले से ही दिखनी शुरू हो गई है। पिछले सिर्फ चार कारोबारी सत्रों पर नजर डालें तो निफ्टी 50 (Nifty 50) ने 750 अंकों से ज्यादा की जबरदस्त बढ़त हासिल कर ली है।
बाजार में दिवाली से पहले ही एक तरह का ‘बुल रन (Bull Run)’ देखने को मिल रहा है। यह मजबूत गति इस बात का संकेत दे रही है कि मुहूर्त ट्रेडिंग (Muhurat Trading) के लिए एक सकारात्मक मंच तैयार हो चुका है। जब बाजार में पहले से ही इतनी तेजी हो, तो विशेष सत्र से उम्मीदें और बढ़ जाती हैं। बुल रन (Bull Run) की यह रफ्तार निवेशकों को और उत्साहित कर रही है।
बाजार के जानकार भी ‘बुलिश’
जानकारों का मानना है कि बाजार का माहौल सकारात्मक बना हुआ है और मुहूर्त ट्रेडिंग (Muhurat Trading) के लिए यह सेंटिमेंट और भी मजबूत हो सकता है। मास्टर कैपिटल सर्विसेज के रिसर्च एंड एडवाइजरी के एवीपी विष्णु कांत उपाध्याय ने कहा कि मजबूत टेक्निकल संकेतकों और लगातार बेहतर होते बुनियादी कारकों (Fundamental Factors) के साथ बाजार का मिजाज बहुत पॉजिटिव है।
निवेशकों का भरोसा लौट रहा है। बुल रन (Bull Run) के संकेत साफ हैं, और निफ्टी 50 (Nifty 50) आगे भी चमक सकता है।









