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अब मेरठ से हरिद्वार-ऋषिकेश तक दौड़ेगी रैपिड रेल, CM Dhami ने केंद्र से मांगी ₹325 करोड़ की मदद

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नई दिल्ली, 04 अप्रैल 2026 (दून हॉराइज़न)। उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने शनिवार को राष्ट्रीय राजधानी में केंद्रीय ऊर्जा, आवास एवं शहरी कार्य मंत्री मनोहर लाल खट्टर से मुलाकात कर देवभूमि के भविष्य के बुनियादी ढांचे की रूपरेखा पेश की। धामी ने आगामी कुंभ-2027 की भव्यता और हरिद्वार की यातायात व्यवस्था सुधारने के लिए केंद्र सरकार से विशेष वित्तीय और तकनीकी सहयोग का आह्वान किया।

मुलाकात के दौरान मुख्यमंत्री ने हरिद्वार में गंगा कॉरिडोर परियोजना को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए इसके लिए ₹325 करोड़ की धनराशि तत्काल स्वीकृत करने का अनुरोध किया। यह बजट विशेष रूप से कॉरिडोर क्षेत्र के विकास और सौंदर्यीकरण पर खर्च किया जाएगा। सरकार का लक्ष्य कुंभ मेले से पहले हरिद्वार के बुनियादी ढांचे को वैश्विक स्तर का बनाना है ताकि करोड़ों श्रद्धालुओं को सुगम अनुभव मिल सके।

कुंभ-2027 की सुरक्षा और सुंदरता को ध्यान में रखते हुए सीएम धामी ने हरिद्वार की जर्जर विद्युत व्यवस्था को बदलने का प्रस्ताव रखा। उन्होंने पहले चरण में बिजली की लाइनों को भूमिगत (अंडरग्राउंड) करने और सिस्टम के ऑटोमेशन के लिए ₹325 करोड़ की मांग की। इसके साथ ही, दूसरे चरण के लिए भी करीब ₹425 करोड़ का एस्टीमेट केंद्रीय मंत्री को सौंपा गया, जिस पर खट्टर ने सकारात्मक रुख दिखाया है।

परिवहन के मोर्चे पर उत्तराखंड सरकार ने एक बड़ा दांव खेला है। मुख्यमंत्री ने मेरठ तक आने वाले रीजनल रैपिड ट्रांजिट सिस्टम (आरआरटीएस) को बढ़ाकर हरिद्वार और ऋषिकेश तक लाने का प्रस्ताव दिया। इसके अतिरिक्त, देहरादून-हरिद्वार-ऋषिकेश मेट्रो कॉरिडोर के विकास की मांग भी रखी गई। धामी ने तर्क दिया कि इन रेल परियोजनाओं से हाईवे पर दबाव कम होगा और प्रदूषण में भारी गिरावट आएगी।

बैठक में हरिद्वार के घाटों के नवीनीकरण और आवासीय सुविधाओं के सुदृढ़ीकरण पर भी विस्तार से बात हुई। मुख्यमंत्री ने जोर देकर कहा कि आधुनिक परिवहन नेटवर्क न केवल तीर्थयात्रियों को सुविधा देगा, बल्कि स्थानीय आर्थिक गतिविधियों और पर्यटन को भी नई ऊंचाई पर ले जाएगा। केंद्रीय मंत्री मनोहर लाल खट्टर ने इन सभी प्रस्तावों पर त्वरित और सकारात्मक कार्यवाही का भरोसा दिया है।

गौरतलब है कि हरिद्वार में वर्तमान में बिजली की झूलती लाइनें न केवल शहर की सुंदरता बिगाड़ती हैं, बल्कि भीड़भाड़ वाले मेलों के दौरान बड़े हादसों का सबब भी बनती हैं। यूपी के काशी विश्वनाथ कॉरिडोर और अयोध्या के कायाकल्प के बाद, केंद्र अब हरिद्वार को भी उसी तर्ज पर ‘स्मार्ट पिलग्रिम सिटी’ के रूप में विकसित करने की तैयारी में है, जिसमें मेट्रो कनेक्टिविटी एक गेम-चेंजर साबित होगी।

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