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Open Kitchen Vastu : ओपन किचन वास्तु टिप्स: जानें कैसे घर में बढ़ाएं खुशहाली

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Open Kitchen Vastu : आजकल मॉडर्न घरों में ओपन किचन की लोकप्रियता तेजी से बढ़ रही है। खाना बनाते हुए घरवालों से बातचीत करना, बच्चों पर नजर रखना और मेहमानों के साथ जुड़ाव महसूस करना इसे खास बनाता है।

लेकिन जितना यह देखने में आकर्षक लगता है, उतना ही महत्वपूर्ण है कि इसका वास्तु संतुलन सही हो। किचन को घर का ‘अग्नि स्थान’ कहा जाता है।

यहां मौजूद ऊर्जा सीधे घर की खुशहाली, रिश्तों और सेहत पर असर डालती है। अगर ओपन किचन बनाते समय थोड़ी भी चूक हो जाए, तो घर में तनाव, अनबन, अचानक खर्च या नकारात्मक ऊर्जा बढ़ सकती है। लेकिन सही उपाय अपनाकर इसे पूरी तरह संतुलित रखा जा सकता है।

पानी और आग का संतुलन: खुशहाली की कुंजी

ओपन किचन में सबसे महत्वपूर्ण बात है पानी और आग का संतुलन। रसोई में सिंक और गैस स्टोव को एक-दूसरे के पास नहीं रखना चाहिए। ये दोनों तत्व उल्टी ऊर्जा वाले हैं। यदि पास-पास रख दिए जाएं तो घर में झगड़े, तनाव या मनमुटाव बढ़ सकता है।

अगर जगह की कमी है, तो इनके बीच छोटे फूलदान या मिट्टी का गमला रख सकते हैं। यह दोनों तत्वों को अलग रखकर किचन की ऊर्जा को शांत करता है।

परिणाम तुरंत महसूस होने लगता है, और घर में सकारात्मक ऊर्जा बढ़ती है।

ओपन किचन में अदृश्य सीमा का महत्व

ओपन किचन में दीवार नहीं होने के कारण उसकी ऊर्जा सीधे घर के अन्य हिस्सों में फैल सकती है। इससे घर में अनचाही उलझनें या थकान जैसी नकारात्मक भावनाएँ बढ़ सकती हैं।

वास्तु के अनुसार किचन में एक स्पष्ट सीमा होना जरूरी है। पुराने समय में रसोई में दहलीज बनाई जाती थी ताकि उसकी ऊर्जा पूरे घर में फैल न सके।

आज ओपन किचन में आप किचन की शुरुआत पर सुंदर पर्दा लगा सकते हैं। जब किचन इस्तेमाल में न हो, तो पर्दा बंद रखना घर के एनर्जी फ्लो को संतुलित करता है।

अगर पर्दा संभव न हो, तो किचन के अंत में ट्रायंगल क्रिस्टल लटका दें। यह एक अदृश्य चौखट का काम करता है और रसोई की ऊर्जा को बाकी घर से अलग रखता है। इसके बाद घर में शांति बनी रहती है और चिड़चिड़ापन या अनबन जैसी चीजें कम होती हैं।

रंग और प्रकाश: खुशहाली का मार्ग

किचन में रंग और लाइटिंग दोनों ही ऊर्जा को प्रभावित करते हैं। हल्के और सकारात्मक रंग जैसे हल्का पीला, क्रीम, हल्का नारंगी या गुलाबी घर में पॉजिटिव फीलिंग लाते हैं।

गहरे रंग किचन को छोटा और भारी दिखाते हैं, जिससे अनजानी बेचैनी और तनाव बढ़ सकते हैं। प्रकाश या लाइटिंग भी महत्वपूर्ण है।

यदि किचन सही दिशा में नहीं है या थोड़ी नेगेटिविटी महसूस होती है, तो दक्षिण-पूर्व दिशा में लाल बल्ब लगाकर सुबह-शाम कुछ समय के लिए जलाएं। यह अग्नि तत्व को संतुलित करता है और घर में बरकत, सकारात्मक ऊर्जा और शांति बनाए रखता है।

ओपन किचन बनाना केवल सजावट का मामला नहीं है। वास्तु के अनुसार सही संतुलन और ऊर्जा का ध्यान रखना जरूरी है।

पानी और आग का संतुलन, अदृश्य सीमा और सही रंग-प्रकाश अपनाकर आप न केवल अपने किचन को सुंदर बना सकते हैं, बल्कि घर की खुशहाली और रिश्तों में मिठास भी बनाए रख सकते हैं।

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