हरिद्वार, 10 अप्रैल 2026 (दून हॉराइज़न)। उत्तराखंड के हरिद्वार जिले में पुलिस ने एक ऐसी बांग्लादेशी महिला को गिरफ्तार किया है, जो अपने पहले पति के हमशक्ल के प्यार में भारत आई और फिर फर्जी दस्तावेजों के आधार पर यहीं की नागरिक बनकर रहने लगी। ज्वालापुर क्षेत्र में चलाए गए ‘Operation Prahar’ के दौरान पुलिस ने इस मामले का खुलासा किया।
आरोपी महिला के साथ ही उसे शरण देने और फर्जी आईडी बनवाने में मदद करने वाले उसके भारतीय पति को भी हिरासत में लिया गया है।
सोशल मीडिया से शुरू हुई ‘हमशक्ल’ की तलाश
एसएसपी नवनीत सिंह भुल्लर ने मामले की जानकारी देते हुए बताया कि गिरफ्तार महिला का असली नाम सहेला बेगम है, जो बांग्लादेश के होलिया बाघमारा की निवासी है। पूछताछ में सामने आया कि सहेला का अपने पहले पति अमीर हमजा से विवाद चल रहा था। इसी दौरान सोशल मीडिया पर उसकी मुलाकात छत्तीसगढ़ निवासी श्यामदास से हुई।
सहेला के अनुसार, श्यामदास की शक्ल उसके पहले पति से काफी मिलती-जुलती थी, जिसके कारण वह उसकी ओर आकर्षित हुई और 20 मार्च 2023 को 90 दिन के वीजा पर भारत आ गई।
फर्जी दस्तावेजों से बनी ‘स्वीटी’
वीजा की अवधि समाप्त होने के बाद भी सहेला वापस नहीं लौटी। वह पहले दिल्ली और फिर हरिद्वार में श्यामदास के साथ रहने लगी। पुलिस के अनुसार, श्यामदास पिछले चार साल से हरिद्वार में एक होटल लीज पर चला रहा है। सहेला ने अपनी पहचान छिपाकर ‘स्वीटी’ नाम रख लिया और श्यामदास की मदद से फर्जी भारतीय दस्तावेज तैयार करवाए। हैरान करने वाली बात यह है कि इस दौरान महिला के नाम पर 24 मार्च 2025 को भारतीय पासपोर्ट भी जारी कर दिया गया था।
जांच में हुए चौंकाने वाले खुलासे
पुलिस जांच में पता चला है कि सहेला ने न केवल शादी का पंजीकरण कराया, बल्कि देहरादून और हरिद्वार से फर्जी तरीके से ड्राइविंग लाइसेंस, पैन कार्ड और आधार कार्ड भी हासिल किए। पूछताछ में आरोपी श्यामदास ने स्वीकार किया कि उसने एक कॉमन सर्विस सेंटर (CSC) के जरिए नया आधार कार्ड बनवाया था।
एक अन्य चौंकाने वाले तथ्य में पुलिस को पता चला कि अवैध रूप से भारत में रहने के दौरान महिला सितंबर 2025 में कुछ समय के लिए बांग्लादेश गई थी। उसने पुलिस को बताया कि वह केवल वहां की ‘मछली’ खाने के लिए सरहद पार गई और वापस लौट आई।
दस्तावेजों का विवरण (बरामदगी):
| दस्तावेज | जारी करने का स्थान/विवरण |
| असली नाम | सहेला बेगम (बांग्लादेश) |
| फर्जी नाम | स्वीटी (भारतीय) |
| भारतीय पासपोर्ट | जारी तिथि: 24 मार्च 2025 |
| ड्राइविंग लाइसेंस | देहरादून से जारी |
| अन्य दस्तावेज | आधार कार्ड, पैन कार्ड, विवाह प्रमाणपत्र |
प्रदेश में बढ़ती संदिग्ध गतिविधियां
उत्तराखंड में अवैध रूप से रह रहे विदेशियों के खिलाफ पुलिस का अभियान जारी है। हाल ही में देहरादून में भी दो बांग्लादेशी महिलाओं—बबली खातून और सुबेदा बेगम—को गिरफ्तार किया गया था, जो स्थानीय युवकों से शादी कर अपनी पहचान छिपाकर रह रही थीं। हरिद्वार पुलिस अब इस नेटवर्क की जांच कर रही है कि आखिर किन केंद्रों की मदद से इन विदेशी नागरिकों के सरकारी दस्तावेज इतनी आसानी से बन रहे हैं।









