Papankusha Ekadashi Muhurat : अक्टूबर की पहली एकादशी पापांकुशा एकादशी इस साल आश्विन माह के शुक्ल पक्ष में आ रही है।
इस दिन भले ही भद्रा और चोर पंचक लग रहे हों, लेकिन साथ ही सर्वार्थ सिद्धि योग और रवि योग भी बन रहे हैं, जिससे व्रत और पूजा के लिए यह दिन बेहद शुभ माना जाता है।
पापांकुशा एकादशी पर भक्त भगवान विष्णु की आराधना करते हैं और व्रत कथा सुनते हैं। ऐसा कहा जाता है कि इस दिन भगवान के आशीर्वाद से पाप नष्ट होते हैं और मोक्ष की प्राप्ति होती है।
पापांकुशा एकादशी 2025 तिथि और समय
वैदिक पंचांग के अनुसार, इस साल पापांकुशा एकादशी की तिथि 2 अक्टूबर, गुरुवार, शाम 07:10 बजे से शुरू होकर 3 अक्टूबर, शुक्रवार, शाम 06:32 बजे तक रहेगी।
चूंकि उदयातिथि को देखते हुए व्रत 3 अक्टूबर को रखा जाएगा, इसलिए सभी भक्त इसी दिन व्रत करेंगे।
पापांकुशा एकादशी मुहूर्त
- पूजा का शुभ मुहूर्त: सुबह 06:15 बजे से 10:41 बजे तक
- ब्रह्म मुहूर्त: 04:38 बजे से 05:26 बजे तक
- अभिजीत मुहूर्त: 11:46 बजे से 12:34 बजे तक
शुभ योग
इस वर्ष पापांकुशा एकादशी पर दो शुभ योग बन रहे हैं:
- सर्वार्थ सिद्धि योग
- रवि योग
ये योग सुबह 06:15 बजे से 09:34 बजे तक रहेंगे और इनमें किए गए कार्यों की सफलता निश्चित मानी जाती है। इसके अलावा, दिन में धृति योग सुबह से रात 09:46 बजे तक और उसके बाद शूल योग रहेगा। श्रवण नक्षत्र प्रातःकाल से 09:34 बजे तक और इसके बाद धनिष्ठा नक्षत्र रहेगा।
भद्रा और पंचक
- भद्रा: सुबह 06:57 बजे से शाम 06:32 बजे तक
- चोर पंचक: रात 09:27 बजे से अगले दिन पारण पर सुबह 06:16 बजे तक
व्रत पारण समय
जो भक्त पापांकुशा एकादशी का व्रत 3 अक्टूबर को रखेंगे, उनका पारण 4 अक्टूबर, शनिवार को सुबह 06:16 से 08:37 बजे तक होगा।
इस दौरान पारण करके व्रत को पूर्ण करना चाहिए। द्वादशी का समापन शाम 05:09 बजे होगा।









