Personal Loan Rejection : आज के इस महंगाई भरे दौर में कभी-कभी पैसे की तंगी इतनी तेज आ जाती है कि कुछ समझ ही नहीं आता। जेब खाली, बैंक अकाउंट में बैलेंस जीरो – दोस्तों-रिश्तेदारों से मांगो तो ना-ना कर देते हैं। आखिरकार एक ही रास्ता बचता है, लोन लेना। खासकर (Personal Loan) तो आसान लगता है, तुरंत कैश मिल जाता है। लेकिन कई बार बिना किसी ठोस वजह के आवेदन ठुकरा दिया जाता है।
ये तो मानो दुख में नमक छिड़कने जैसा है! अगर आपका (Personal Loan) रिजेक्ट हो गया है, तो घबराएं नहीं। बैंक और NBFC आमतौर पर वही 5 वजहों से मना करते हैं। हम बता रहे हैं इन्हें, ताकि अगली बार (Personal Loan Rejection) की गलती न हो।
कमजोर क्रेडिट स्कोर और आय की कमी
(Personal Loan) आवेदन ठुकराने का सबसे बड़ा कारण होता है कम (Credit Score)। लोन देने वाले ज्यादातर 700 से ऊपर का स्कोर पसंद करते हैं। अगर आपका (Credit Score) कम है, तो इसका मतलब पिछली EMI लेट हुईं, डिफॉल्ट किया या क्रेडिट कार्ड का इस्तेमाल ज्यादा हो गया।
इससे बैंक को लगता है कि रिस्क ज्यादा है। ऊपर से अगर आपकी मंथली इनकम बैंक के मिनिमम क्राइटेरिया से कम है, तो (Personal Loan Rejection) पक्का। सलाह? अपना (Credit Score) चेक करें और सुधारें, ताकि अगला (Personal Loan) आसानी से मिले।
नौकरी की अस्थिरता
आजकल जॉब चेंज करना आम बात है, लेकिन बार-बार नौकरी बदलना या फ्रीलांसिंग से स्टेबल इनकम न दिखना बैंक को परेशान कर देता है। वो चाहते हैं कि आपके पास रेगुलर और भरोसेमंद कमाई का सोर्स हो, ताकि (Personal Loan) की EMI टाइम पर चुक जाए। अगर हाल ही में जॉब जॉइन की है या लंबा सर्विस हिस्ट्री नहीं, तो (Personal Loan Rejection) हो सकता है। थोड़ा सब्र रखें, स्टेबल जॉब दिखाएं तो (Personal Loan) अप्रूव होने के चांस बढ़ जाते हैं।
पहले से ज्यादा कर्ज
अगर आपके सिर पर पहले से क्रेडिट कार्ड बिल, दूसरे लोन या उधार चढ़ा हुआ है, तो आपका डेट-टू-इनकम रेशियो (Debt-to-Income Ratio) हाई हो जाता है। बैंक देखते हैं कि नया (Personal Loan) लेकर आप पुरानी EMI के साथ नई भी मैनेज कर पाओगे या नहीं। ज्यादा मौजूदा कर्ज होने पर (Personal Loan Rejection) की संभावना बढ़ जाती है। पुराने लोन क्लियर करें, तब नया (Personal Loan) ट्राई करें – ये फॉर्मूला काम आएगा।
दस्तावेजों में चूक
कई बार नाम गलत, एड्रेस अधूरा, पुरानी फोटो या सिग्नेचर मैच न करना जैसी छोटी-मोटी गलतियां (Personal Loan Rejection) का सबब बन जाती हैं। ऊपर से अगर आप कई बैंकों में एक साथ अप्लाई करते हैं, तो क्रेडिट रिपोर्ट पर कई हार्ड इंक्वायरी आ जाती हैं। बैंक इसे रेड फ्लैग समझ लेते हैं। टिप: दस्तावेज अपडेट रखें और एक-एक करके अप्लाई करें। इससे (Personal Loan) मिलने के चांस मजबूत हो जाते हैं।
उम्र, पात्रता या क्रेडिट हिस्ट्री की कमी
कई बैंक और NBFC की उम्र लिमिट होती है, साथ ही मिनिमम क्रेडिट हिस्ट्री की डिमांड। अगर आप बहुत युवा हैं या क्रेडिट प्रोफाइल नया-नया है, तो बैंक को भरोसा नहीं होता। कभी-कभी सिटिजनशिप, रेसिडेंसी स्टेटस या प्रोफेशनल लाइसेंस के क्राइटेरिया मैच न करने पर भी (Personal Loan Rejection) हो जाता है। चेक करें अपनी पात्रता, ताकि (Personal Loan) प्रोसेस स्मूथ चले।









