PF Final Settlement : कर्मचारी भविष्य निधि संगठन (EPFO) ने हाल ही में एक ऐसी बैठक की, जिसमें बड़ा फैसला लिया गया है, जो बेरोजगार कर्मचारियों के लिए झटके की तरह है। अब तक आप 2 महीने की बेरोजगारी के बाद अपने PF (Provident Fund) का पैसा निकाल सकते थे, लेकिन अब इसके लिए 12 महीने तक इंतजार करना होगा।
EPFO ने यह फैसला पेंशन फंड को मजबूत करने और अनावश्यक निकासी को रोकने के लिए लिया है। अब पीएफ सेटलमेंट (PF Final Settlement) के लिए बेरोजगारी की अवधि को 2 महीने से बढ़ाकर 12 महीने कर दिया गया है।
इसके अलावा, अंतिम पेंशन निकासी की न्यूनतम अवधि भी 2 महीने से बढ़ाकर 36 महीने कर दी गई है। यह बदलाव देश के लाखों कर्मचारियों और 30 करोड़ से ज्यादा EPFO सदस्यों को प्रभावित करेगा।
कब से लागू होंगे नए नियम?
खबरों के मुताबिक, EPFO के ये नए नियम अगले 1 से 2 महीनों में लागू हो जाएंगे। साथ ही, EPFO ने कुछ खास परिस्थितियों में निकासी को आसान बनाने के लिए भी कदम उठाए हैं। शिक्षा, विवाह, आवास और विशेष परिस्थितियों के लिए निकासी नियमों में ढील दी गई है। इन बदलावों का मकसद पेंशन फंड (Pension Fund) को लंबे समय तक सुरक्षित और टिकाऊ बनाना है, ताकि लोग अपनी पूरी बचत को जल्दी न निकाल लें।
नियमों में क्या-क्या बदला?
नए नियमों के तहत, बेरोजगारी के दौरान कर्मचारी अपने PF खाते से 75% राशि निकाल सकते हैं, जैसा पहले था। लेकिन बाकी 25% राशि, जिसे “लॉक-इन अमाउंट” कहा जा रहा है, अब केवल 12 महीने की बेरोजगारी के बाद ही निकाली जा सकेगी। पहले यह समयसीमा सिर्फ 2 महीने थी। इसकी वजह से कई कर्मचारी जल्दी ही पूरा पैसा निकाल लेते थे, जिससे उनके भविष्य का पेंशन फंड (Pension Fund) कमजोर हो जाता था।
EPFO के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया, “हमने देखा कि कई कर्मचारी बेरोजगारी के 2 महीने बाद ही पूरा PF निकाल लेते हैं और कुछ महीनों में नई नौकरी शुरू कर लेते हैं। इससे उनका पेंशन फंड टूट जाता है, और लंबे समय में उन्हें नुकसान होता है।” आंकड़ों के मुताबिक, करीब 50% कर्मचारियों के खातों में सेटलमेंट के समय 20,000 रुपये से भी कम राशि होती है। साथ ही, 75% निकासी 4 साल के अंदर हो जाती है, जिसके चलते रिटायरमेंट के समय पर्याप्त फंड नहीं बच पाता।
निकासी के नियमों में और क्या राहत?
EPFO ने कुछ खास परिस्थितियों में निकासी के लिए कई रियायतें भी दी हैं। शिक्षा के लिए अब कर्मचारी 10 बार तक निकासी कर सकते हैं, पहले यह सीमा सिर्फ 3 बार थी। विवाह के लिए 5 बार तक आंशिक निकासी की जा सकती है। आवास के लिए निकासी की न्यूनतम सेवा अवधि को 5 साल से घटाकर 12 महीने कर दिया गया है। इसके अलावा, कर्मचारी अब ‘विशेष परिस्थितियों’ में बिना कारण बताए भी आंशिक निकासी कर सकेंगे।
इन सभी बदलावों का लक्ष्य कर्मचारियों को ज्यादा लचीलापन देना है, लेकिन साथ ही यह सुनिश्चित करना भी है कि उनका पेंशन फंड (Pension Fund) पूरी तरह खत्म न हो। EPFO का यह कदम कर्मचारियों के भविष्य को सुरक्षित करने की दिशा में एक बड़ा प्रयास है।









