पिथौरागढ़, 12 अप्रैल 2026 (दून हॉराइज़न)।
Pithoragarh Son Kills Father : पिथौरागढ़ जिला मुख्यालय से करीब 12 किलोमीटर दूर पुरान गांव में रिश्तों के कत्ल की एक दहला देने वाली वारदात सामने आई है। नशे की गिरफ्त में फंसे एक युवक ने मामूली विवाद के बाद अपने ही पिता पर हथौड़े से ताबड़तोड़ हमला कर उनकी जान ले ली। शनिवार को पुलिस ने आरोपी बेटे गौरव को गिरफ्तार कर लिया है। मृतक की पहचान 50 वर्षीय बिशन राम के रूप में हुई है, जो पेशे से राज मिस्त्री थे।
नशे में धुत्त बेटे ने किया जानलेवा हमला
पुलिस से मिली जानकारी के अनुसार, शुक्रवार रात बिशन राम का अपने छोटे बेटे गौरव (28) के साथ किसी पुरानी बात को लेकर विवाद हो गया था। विवाद इतना बढ़ा कि गौरव ने घर में रखे हथौड़े से अपने पिता के सिर, छाती और पैरों पर कई प्रहार किए।
हमले की गंभीरता का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि बिशन राम की पसलियां और पैर की हड्डी टूट गई थी। वारदात को अंजाम देने के बाद आरोपी बेटा पश्चाताप करने के बजाय दूसरे कमरे में जाकर चैन से सो गया, जबकि उसके पिता रात भर लहूलुहान हालत में कमरे में तड़पते रहे।
किराए के कमरे में रहने लगा था परिवार
मृतक के भतीजे सूरज कुमार ने बताया कि गौरव लंबे समय से नशे का आदि है और आए दिन घर में हंगामा करता था। बेटे की इस प्रताड़ना और गांव में होने वाली बदनामी से तंग आकर बिशन राम ने एक महीने पहले ही गांव छोड़ दिया था। वह अपनी पत्नी, बहू और बड़े बेटे के बच्चों के साथ ऐंचोली में किराए का कमरा लेकर रहने लगे थे। उन्हें लगा था कि दूर रहने से शायद शांति मिल जाएगी, लेकिन नियति को कुछ और ही मंजूर था।
वाहन न मिलना बना मौत का कारण
शुक्रवार को बिशन राम काम के सिलसिले में वापस अपने गांव पुरान आए थे। शाम को काम खत्म करने के बाद उन्होंने वापस ऐंचोली जाने की कोशिश की, लेकिन उन्हें कोई जीप या वाहन नहीं मिला। मजबूरन उन्हें गांव वाले घर में ही रुकना पड़ा। उनके साथ उनकी बेटी का बेटा सिद्धार्थ भी था, जो पास ही अपने मामा सूरज के घर सो गया था। शनिवार सुबह जब सिद्धार्थ नाना को बुलाने पहुंचा, तब इस वीभत्स हत्याकांड का खुलासा हुआ।
इलाज के दौरान तोड़ा दम
घटना की सूचना मिलने पर पुलिस की मदद से घायल बिशन राम को जिला अस्पताल पहुंचाया गया। डॉक्टरों ने उनकी गंभीर स्थिति को देखते हुए ऑपरेशन की तैयारी शुरू की थी, लेकिन तब तक काफी देर हो चुकी थी। शनिवार दोपहर करीब पौने तीन बजे उन्होंने दम तोड़ दिया। पुलिस का मानना है कि यदि वारदात की सूचना रात में ही मिल जाती और उन्हें समय पर उपचार मिल जाता, तो शायद उनकी जान बचाई जा सकती थी।









