बिहार से लेकर पूर्वी उत्तर प्रदेश में दिखेगा चक्रवात असनी का असर

बिहार से लेकर पूर्वी उत्तर प्रदेश में दिखेगा चक्रवात असनी का असर

— इन जगहों पर तेज आंधी के साथ बारिश के बने आसार

कानपुर, 09 मई (हि.स.)। असनी चक्रवात का सर्वाधिक असर बंगाल, ओडिशा और आंध्रप्रदेश में देखने को मिलेगा। पूर्वी एवं तराई के जिलों तक असर हो सकता है। इस चक्रवात में हवा की रफ्तार 90 से 120 किलोमीटर प्रति घंटा होने की संभावना जताई जा रही है, हालांकि बिहार और पूर्वी उत्तर प्रदेश तक आते-आते इसका असर काफी कम हो जाएगा। यह बातें सोमवार को चन्द्रशेखर आजाद कृषि प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय के मौसम वैज्ञानिक डा. एस एन सुनील पाण्डेय ने कही।

उन्होंने बताया कि दक्षिण-पश्चिम और उससे सटे पश्चिम मध्य बंगाल की खाड़ी के ऊपर गंभीर चक्रवात असनी उत्तर-पश्चिम दिशा में चला गया है। 9 मई को 5:30 बजे आईएसटी, पश्चिम मध्य और उससे सटे दक्षिण बंगाल की खाड़ी के ऊपर 13.7 उत्तर और देशांतर 86.3 पूर्व के पास था। यह था कार निकोबार से लगभग 870 किमी पश्चिम उत्तर-पश्चिम, पोर्ट ब्लेयर से 730 किमी पश्चिम उत्तर पश्चिम, विशाखापत्तनम से 550 किमी दक्षिण पूर्व और पुरी से 680 किमी दक्षिण दक्षिण-पूर्व में था। यह 10 मई की रात तक उत्तर पश्चिम दिशा में बढ़ना जारी रखेगा। इसके बाद, यह उत्तर-पूर्व दिशा में ओडिशा तट से उत्तर-पश्चिम बंगाल की खाड़ी की ओर मुड़ेगा। अगले 48 घंटों में इसके कमजोर होकर चक्रवात में बदलने की आशंका है। एक चक्रवाती हवाओं का क्षेत्र उत्तर पश्चिमी मध्य प्रदेश और आसपास के क्षेत्रों पर बना हुआ है। एक और चक्रवाती हवाओं का क्षेत्र दक्षिण तटीय आंध्र प्रदेश पर है। एक ताजा पश्चिमी विक्षोभ 11 मई की रात तक पश्चिमी हिमालय के पास पहुंच जाएगा।

श्रीलंका ने दिया असनी नाम

उन्होंने बताया कि असनी चक्रवात को श्रीलंका की ओर से नामकरण किया गया है। असनी का असर सिंहली भाषा में क्रोध होता है। इसके बाद क्षेत्र में अगला जो भी चक्रवात उठेगा, उसका नाम सीतारंग होगा। यह नाम थाईलैंड का दिया हुआ है। भविष्य में उठने वाले कई चक्रवातों के नाम पहले से तय हो चुके हैं। यह नामकरण क्षेत्र के अलग-अलग देश करते हैं। सभी देशों को बारी-बारी से मौका दिया जाता है।

कानपुर में यह रहा तापमान

मौसम वैज्ञानिक ने बताया कि कानपुर में अधिकतम तापमान 38 और न्यूनतम तापमान 25 डिग्री सेल्सियस रहा। सुबह की सापेक्षिक आर्द्रता 70 प्रतिशत और दोपहर की सापेक्षिक आर्द्रता 39 प्रतिशत रही। हवाओं की दिशाएं उत्तर पूर्वी रहीं जिनकी औसत गति 8.1 किमी प्रति घंटा रही। बताया कि भारतीय मौसम विभाग से प्राप्त मौसम पूर्वानुमान के अनुसार, अगले दो दिनों में हल्की से मध्यम बादल छाए रहने के साथ उमस भरी गर्मी बनी रहने के आसार हैं किंतु वर्षा की कोई संभावना नहीं है तथा दिन का तापमान मई उत्तर चढ़ाव एवं हवाओं की गति तेज रहने के आसार हैं।

हिन्दुस्थान समाचार/अजय/मोहित

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