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Rishikesh Violence : लाठीचार्ज की अफवाह फैलाने वालों की खैर नहीं, पुलिस का सख्त एक्शन

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ऋषिकेश में अतिक्रमण हटाने गई टीम पर भारी पथराव के बाद स्थिति तनावपूर्ण हो गई, जिससे 6 ट्रेनें लेट हुईं और हजारों यात्री फंस गए। पुलिस ने उपद्रवियों और सोशल मीडिया पर अफवाह फैलाने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई शुरू कर दी है।

देहरादून : सुप्रीम कोर्ट के आदेश का पालन कराने ऋषिकेश पहुंची प्रशासन की टीम को रविवार को भारी विरोध का सामना करना पड़ा। वन विभाग की भूमि से अवैध अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई के दौरान माहौल उस वक्त तनावपूर्ण हो गया जब भीड़ हिंसक हो उठी।

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उपद्रवियों ने न केवल सरकारी कार्य में बाधा डाली, बल्कि पुलिस और प्रशासन की संयुक्त टीम पर पथराव भी कर दिया। इस घटना ने पूरे इलाके में अफरा-तफरी का माहौल पैदा कर दिया।

हजारों यात्रियों की सांसें अटकीं

विरोध प्रदर्शन का सबसे बुरा असर आम जनता पर पड़ा। अतिक्रमण कार्रवाई से नाराज लोगों ने नेशनल हाईवे और रेलवे ट्रैक दोनों को पूरी तरह ब्लॉक कर दिया। इस चक्काजाम के कारण ऋषिकेश से गुजरने वाली 6 प्रमुख ट्रेनें अपने निर्धारित समय से काफी लेट हो गईं। स्टेशनों पर हजारों यात्री घंटों तक परेशान रहे। इसके अलावा, इमरजेंसी सेवाओं और एंबुलेंस को भी रास्ता नहीं मिल पाया, जिससे मरीजों की जान पर बन आई।

एसएसपी ने संभाली कमान, फ्लैग मार्च

हालात बिगड़ते देख एसएसपी देहरादून खुद मौके पर पहुंचे। उन्होंने तुरंत अधिकारियों से स्थिति का जायजा लिया और अतिरिक्त फोर्स को तैनात किया। पुलिस ने सख्ती दिखाते हुए रेल और सड़क मार्ग को खाली कराया और यातायात बहाल किया।

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सुरक्षा की दृष्टि से ऋषिकेश के श्यामपुर क्षेत्र में पुलिस ने फ्लैग मार्च निकाला है ताकि दोबारा कोई अप्रिय घटना न हो।

अफवाह फैलाने वालों पर होगी FIR

घटना के बाद सोशल मीडिया पर यह खबर फैलाई गई कि पुलिस ने प्रदर्शनकारियों पर लाठीचार्ज किया है। पुलिस ने इसका सख्ती से खंडन किया है। अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि भीड़ ने पहले ट्रैक जाम किया, फिर समझाने पर टीम पर पत्थर बरसाए, जिसमें कई कर्मचारी चोटिल हुए। पुलिस ने साफ कर दिया है कि लाठीचार्ज की झूठी अफवाह फैलाने वालों और जनता को भड़काने वालों को चिन्हित किया जा रहा है।

सरकारी काम में बाधा डालने, हिंसा भड़काने और हजारों यात्रियों को मुसीबत में डालने वालों के खिलाफ पुलिस अब नामजद मुकदमा दर्ज कर रही है। कानून हाथ में लेने वालों को बख्शा नहीं जाएगा।

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