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Dehradun : वन विभाग की जमीन पर बना दी सड़क, डीएम सविन बंसल ने चलवा दिया बुलडोजर

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देहरादून में डीएम सविन बंसल के निर्देश पर प्रशासन ने बिष्ट गांव (घंघोड़ा) में वन भूमि पर अवैध रूप से बनाए गए पक्के रास्ते और निर्माण को ध्वस्त कर दिया है। भू-माफिया निजी जमीन बेचने के लिए सरकारी जंगल की जमीन पर सड़क बना रहे थे। डीएम ने चेतावनी दी है कि अतिक्रमण में यदि किसी सरकारी कर्मचारी की मिलीभगत पाई गई, तो उस पर भी सख्त विधिक कार्रवाई होगी।

देहरादून : जिला प्रशासन ने शुक्रवार, 23 जनवरी 2026 को सरकारी और वन भूमि पर अवैध कब्जे के खिलाफ बड़ी कार्रवाई की है। जिलाधिकारी सविन बंसल के सख्त निर्देशों के बाद उप जिलाधिकारी (SDM) न्याय कुमकुम जोशी के नेतृत्व में राजस्व और वन विभाग की संयुक्त टीम ने बिष्ट गांव, घंघोड़ा में अवैध निर्माण ध्वस्त कर दिया। प्रशासन ने स्पष्ट संदेश दिया है कि सरकारी जमीन का एक भी इंच अतिक्रमण बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।

प्लॉट बेचने के लिए सरकारी जंगल में बना दी सड़क

इस कार्रवाई के दौरान एक बड़ा फर्जीवाड़ा सामने आया। प्रशासन की जांच में पता चला कि बिष्ट गांव में कुछ लोग निजी भूमि (जो अनुसूचित जाति के व्यक्तियों की है) पर अवैध प्लॉटिंग कर उसे बेचने की तैयारी कर रहे थे। जिस निजी जमीन पर प्लॉटिंग हो रही थी, वहां तक जाने के लिए कोई वैध रास्ता नहीं था।

जमीन बेचने वालों ने इसका ‘अवैध तोड़’ निकाला और वन विभाग की संरक्षित भूमि (खसरा संख्या 949-क) पर कब्जा करके पक्का रास्ता बना दिया। यह रास्ता पूरी तरह कानून के खिलाफ था। प्रशासन ने तुरंत कार्रवाई करते हुए इस अवैध रास्ते और वहां किए गए अन्य निर्माणों को जेसीबी से ध्वस्त कर वन भूमि को वापस अपने कब्जे में ले लिया।

इन खसरा नंबरों पर हुई कार्रवाई

प्रशासन ने तकनीकी विवरण जारी करते हुए बताया कि जिस जमीन को मुक्त कराया गया है, वह राजस्व अभिलेखों में वन विभाग और जंगल-झाड़ी के नाम पर दर्ज है।

  • खसरा संख्या 949 (क): कुल रकबा 1.3700 हेक्टेयर (वन विभाग के नाम दर्ज)।
  • खसरा संख्या 986: रकबा 0.1700 हेक्टेयर (जंगल-झाड़ी श्रेणी)।
  • अतिरिक्त हिस्सा: खसरा संख्या 949 (क) का 0.3700 हेक्टेयर (वन विभाग)।

प्रशासन ने स्पष्ट किया कि इन जमीनों पर किसी भी तरह का निर्माण, खरीद-फरोख्त या रास्ता बनाना पूर्णतः प्रतिबंधित है।

अधिकारी मिले तो नपेंगे

जिलाधिकारी सविन बंसल ने इस मामले में बेहद सख्त रुख अपनाया है। उन्होंने चेतावनी दी है कि सरकारी जमीनों पर अतिक्रमण को लेकर नियमित ड्राइव चलाई जा रही है। डीएम ने दो टूक कहा कि अगर अतिक्रमण के मामलों में किसी विभाग के अधिकारी, कर्मचारी या किसी अन्य व्यक्ति की मिलीभगत पाई गई, तो उनके खिलाफ सिर्फ विभागीय जांच नहीं, बल्कि कड़ी विधिक (कानूनी) कार्रवाई भी की जाएगी।

जनता के लिए जरूरी सलाह

जिला प्रशासन ने आम जनता से अपील की है कि देहरादून में जमीन खरीदने से पहले सतर्क रहें। किसी भी प्लॉट को खरीदने से पहले राजस्व अभिलेखों (खतौनी) की विधिवत जांच जरूर करें। अक्सर भू-माफिया सरकारी जमीन पर रास्ता दिखाकर पीछे की जमीन बेच देते हैं, जिससे बाद में खरीदार को नुकसान उठाना पड़ता है। प्रशासन ने लोगों से अवैध कब्जे और प्लॉटिंग की सूचना तुरंत उपलब्ध कराने की अपील भी की है।

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