Satya Pal Malik : जम्मू-कश्मीर के पूर्व राज्यपाल सत्यपाल मलिक का मंगलवार को निधन हो गया। 79 वर्षीय मलिक ने दिल्ली के राममनोहर लोहिया (RML) अस्पताल में दोपहर 1 बजकर 10 मिनट पर अपनी अंतिम सांस ली। वह लंबे समय से बीमार थे और अस्पताल में उनका इलाज चल रहा था। सत्यपाल मलिक ने बिहार, जम्मू-कश्मीर, मेघालय और गोवा जैसे राज्यों में राज्यपाल के रूप में अपनी सेवाएं दी थीं।
उनके निधन की खबर उनके आधिकारिक X हैंडल से साझा की गई, जिसमें लिखा गया, “पूर्व गवर्नर चौधरी सत्यपाल सिंह मलिक जी नहीं रहे।”
अस्पताल में थी गंभीर हालत
सत्यपाल मलिक की तबीयत पिछले कुछ समय से खराब थी। मई 2025 में उनके X हैंडल पर एक तस्वीर पोस्ट की गई थी, जिसमें वह अस्पताल में भर्ती नजर आ रहे थे। तस्वीर से उनकी गंभीर हालत का अंदाजा लगाया जा सकता था। उन्होंने उस समय ट्वीट कर कहा था, “मेरे बहुत से शुभचिंतकों के फोन आ रहे हैं, जिन्हें मैं उठा नहीं पा रहा।
मेरी हालत बहुत खराब है। मैं फिलहाल राममनोहर लोहिया अस्पताल, दिल्ली में भर्ती हूं और किसी से बात करने की स्थिति में नहीं हूं।” 11 मई को उन्हें पेशाब से जुड़ी समस्या के कारण अस्पताल में भर्ती कराया गया था। उनकी किडनी की समस्या गंभीर होने के कारण उन्हें ICU में शिफ्ट करना पड़ा था।
जम्मू-कश्मीर के लिए यादगार कार्यकाल
सत्यपाल मलिक का राजनीतिक और प्रशासनिक जीवन बेहद प्रेरणादायक रहा। 30 सितंबर 2017 को वह बिहार के राज्यपाल बने। इसके बाद अगस्त 2018 में उन्हें जम्मू-कश्मीर और फिर 2020 में मेघालय का राज्यपाल नियुक्त किया गया। 24 जुलाई 1946 को उत्तर प्रदेश के बागपत जिले में जन्मे मलिक का राजनीतिक सफर कई दलों से होकर गुजरा।
वह भारतीय क्रांति दल, भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस, जनता दल, लोक दल और समाजवादी पार्टी जैसे दलों से जुड़े और बाद में बीजेपी में शामिल हुए। 1989 में वह अलीगढ़ से सांसद चुने गए और 1980 से 1989 तक राज्यसभा के सदस्य भी रहे।
नेताओं ने जताया शोक
सत्यपाल मलिक के निधन पर जननायक जनता पार्टी (JJP) के नेता दुष्यंत चौटाला ने गहरा दुख व्यक्त किया है। उन्होंने अपने X हैंडल पर पोस्ट कर लिखा, “पूर्व राज्यपाल सत्यपाल मलिक जी के निधन की खबर अत्यंत दुखद है। उनकी आत्मा को शांति मिले।” उनके निधन से देश ने एक अनुभवी और समर्पित राजनेता को खो दिया है।









