Smart Glasses : लेंसकार्ट ने अपने अपकमिंग बी कैमरा स्मार्टग्लासेस (B Camera Smartglasses) में एक ऐसा फीचर लॉन्च किया है, जो आपकी जिंदगी को और आसान बनाने वाला है। इसका नाम है डायरेक्ट यूपीआई पेमेंट्स (Direct UPI Payments)! जी हां, अब आप इन स्मार्ट चश्मों से सिर्फ क्यूआर कोड स्कैन करके चुटकियों में पेमेंट कर सकेंगे, ना फोन नंबर की जरूरत, ना ही पिन डालने का झंझट।
इस धमाकेदार इनोवेशन की घोषणा कंपनी ने मुंबई के ग्लोबल फिनटेक फेस्टिवल में की। जल्द ही लॉन्च होने वाले लेंसकार्ट बी कैमरा स्मार्टग्लासेस (B Camera Smartglasses) में न सिर्फ एडवांस्ड डिजाइन होगा, बल्कि इसे इस्तेमाल करना भी बेहद आसान होगा।
कैसे करेगा काम?
लेंसकार्ट के इन स्मार्ट चश्मों में डायरेक्ट यूपीआई इंटीग्रेशन (Direct UPI Integration) की खासियत है, जो चश्मे को आपके बैंक अकाउंट से सिक्योर तरीके से जोड़ता है। बस वॉइस कमांड देकर आप ऑथेंटिकेशन और पेमेंट पूरा कर सकते हैं। शॉपिंग के दौरान अब आपको फोन निकालने या पिन डालने की जरूरत नहीं पड़ेगी।
लेंसकार्ट ने नेशनल पेमेंट्स कॉरपोरेशन ऑफ इंडिया (NPCI) के यूपीआई सर्कल फीचर को इन चश्मों में जोड़ा है, ताकि हर ट्रांजैक्शन सिक्योर, प्राइवेट और रियल-टाइम में वेरिफाइड हो। इसकी वजह से आप बिना किसी परेशानी के तेजी से पेमेंट कर सकेंगे।
लेंसकार्ट की नई सोच
लेंसकार्ट के चेयरमैन, सीईओ और को-फाउंडर पीयूष बंसल ने कहा, “स्मार्ट चश्मे हमारी जिंदगी का अहम हिस्सा बन रहे हैं। पेमेंट्स (Payments) अब हमारी रोजमर्रा की जिंदगी का बड़ा हिस्सा हैं। हमारा मकसद है कि लेंसकार्ट बी कैमरा स्मार्टग्लासेस (B Camera Smartglasses) के जरिए पेमेंट को इतना आसान बनाया जाए कि यूजर्स को अलग से कुछ करने की जरूरत ही न पड़े।”
ये चश्मे एडवांस्ड ऑन-द-गो पीओवी कैमरा और बिल्ट-इन एआई फीचर्स से लैस हैं, जो विजन, इंटेलिजेंस और कॉमर्स को एक साथ जोड़ते हैं। इस तरह लेंसकार्ट टेक्नोलॉजी की दुनिया में एक बड़ा कदम उठा रहा है।
स्मार्ट ग्लासेज का बढ़ता बाजार
इंडस्ट्री के अनुमानों के मुताबिक, ग्लोबल स्मार्ट ग्लास शिपमेंट्स 2022 से तीन गुना से ज्यादा बढ़ चुके हैं। IMARC ग्रुप की मार्केट रिसर्च के अनुसार, भारत में एआर और वीआर आईवेयर मार्केट (AR and VR Eyewear Market) 2024 में 608 मिलियन डॉलर तक पहुंच गया। गेमिंग, हेल्थकेयर और एजुकेशन में बढ़ती डिमांड की वजह से 2033 तक ये 1.67 बिलियन डॉलर तक पहुंच सकता है।
ग्लोबल स्मार्ट ग्लास मार्केट (Smart Glass Market), जिसकी मौजूदा वैल्यू 6 बिलियन डॉलर से ज्यादा है, 2032 तक 15.08 बिलियन डॉलर तक पहुंचने की उम्मीद है, जो 10.3% की सीएजीआर से बढ़ रहा है। काउंटरपॉइंट रिसर्च के मुताबिक, मेटा अपनी रे-बैन मेटा लाइन के साथ इस सेगमेंट में लीडर है और 2024 तक ग्लोबल मार्केट का 60% हिस्सा कब्जा लेगा।
एपल और गूगल भी इस रेस में हैं, जबकि श्याओमी, सैमसंग, बायडू और बाइटडांस 2025-26 तक अपने प्रोडक्ट्स लॉन्च कर सकते हैं।









