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Aaj Ka Panchang : 21 अक्टूबर 2025 पंचांग से जानें अमृत काल का समय

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Aaj Ka Panchang 21 October 2025 : 21 अक्टूबर 2025, मंगलवार को पड़ रही इस दीपावली पर पंचांग की झलकियां न सिर्फ पूजा के समय बताती हैं, बल्कि दिन की ऊर्जा को भी समझाती हैं। अगर आप सोच रहे हैं कि इस बार कैसे लक्ष्मी जी का स्वागत करें, तो चलिए, सीधे-सीधे बात करते हैं – बिना किसी घुमाव के, बस वही जो वाकई काम आएगा।

आज का पंचांग: तिथि, नक्षत्र और योग की बुनियाद

21 अक्टूबर 2025 का पंचांग नई दिल्ली के आसपास के इलाकों के लिए है, जहां सूर्योदय सुबह 6:30 बजे होगा और सूर्यास्त शाम 5:52 बजे। चंद्रोदय भी सुबह 6:06 बजे है, जबकि चंद्रास्त 5:41 बजे। तिथि की बात करें तो कृष्ण पक्ष की अमावस्या दोपहर 5:54 बजे तक चलेगी, उसके बाद शुक्ल पक्ष की प्रतिपदा शुरू हो जाएगी।

यह अमावस्या ही दीपावली का दिल है, जब अंधेरे को रोशनी से जीतने की कहानी दोहराई जाती है। नक्षत्र चित्रा रात 10:58 बजे तक रहेगा, जो रचनात्मकता और सौंदर्य का प्रतीक माना जाता है – सोचिए, दीये सजाने के लिए कितना परफेक्ट! योग में विष्कम्भ सुबह 3:16 बजे अगले दिन तक है, जो स्थिरता लाता है, यानी इस दिन की शुरुआत ही मजबूत नींव देगी।

करण की जोड़ी नाग दोपहर 5:55 बजे तक और किंस्तुघ्न सुबह 7:04 बजे तक, ये छोटी-छोटी डिटेल्स हैं जो दिन को संतुलित रखती हैं। विक्रम संवत 2082 कलयुक्त और शक संवत 1947 विश्ववासु के साथ, यह पंचांग दक्षिणायन और शरद ऋतु की छांव में बंधा है।

शुभ मुहूर्त 

दीपावली जैसे मौके पर समय की पाबंदी तो बनती है। अभिजीत मुहूर्त दोपहर 11:48 बजे से 12:34 बजे तक है, जो लक्ष्मी पूजन के लिए सबसे ऊर्जावान समय साबित हो सकता है – घर की दहलीज पर दीप जलाएं, तो वैभव का द्वार खुलने लगेगा। अमृत काल दोपहर 3:50 बजे से शाम 5:37 बजे तक फैला है, यानी सूर्यास्त से ठीक पहले का वो घंटा जब हर काम फलदायी लगता है।

ब्रह्म मुहूर्त सुबह 4:54 से 5:42 बजे तक जागरण और स्नान के लिए आदर्श है, खासकर अगर आप सुबह की आरती से दिन शुरू करना चाहें। चौघड़िया की मानें तो दिन में लभ (10:46 AM से 12:11 PM) और अमृत (12:11 PM से 1:36 PM) शुभ हैं, जबकि रात में शुभ (10:36 PM से 12:11 AM) और अमृत (12:11 AM से 1:46 AM) पर ध्यान दें। ये मुहूर्त न सिर्फ धार्मिक हैं, बल्कि व्यावहारिक भी – मसलन, दोस्तों को आमंत्रित करने या मिठाई बांटने का प्लान इन्हीं में फिट होगा।

अशुभ समय 

हर सिक्के के दो पहलू होते हैं, वैसे ही पंचांग में भी। राहु काल दोपहर 3:01 से 4:27 बजे तक है, तो इस दौरान बड़े फैसले या पूजा टाल दें – बेहतर है, चाय की चुस्की लें या परिवार से गपशप करें। यमगंड सुबह 9:20 से 10:46 बजे और गुलिक काल दोपहर 12:11 से 1:36 बजे तक, ये समय आराम या हल्के कामों के लिए रखें।

दुर्मुहूर्त सुबह 8:46 से 9:32 बजे और रात 10:55 से 11:46 बजे तक हैं, जहां नई चीजें शुरू करने से परहेज करें। वर्ज्यम काल सुबह 5:10 से 6:57 बजे तक है, जो चंद्रमा की गति से जुड़ा। इनसे बचना आसान है, बस घड़ी पर नजर रखें – दीपावली की खुशी बरकरार रहेगी।

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