महिलाएं जब पहली बार यौन सबंध बनाती है तो, दिखते है ये बदलाव

आपको बता दें कि पहली बार शारीरिक संबंध बनाने पर हो रहे शारीरिक बदलावों से महिला असहज हो सकती है. यह बात सच है कि यौन संबंध या शारीरिक संबंध बनाने से  एक खास एहसास होता है.

लेकिन,खास बात यह है कि यौन संबंध बनाना जितना भावनाओं से जुड़ा है, उतना ही शारीरिक स्वास्थ्य से भी जुड़ा हुआ है. देखा जाता है कि जब कोई महिला पहली बार यौन संबंध स्थापित करती है, तो उसके शरीर में कई बड़े बदलाव होते हैं. इससे कारण  वह थोड़ी असहज और चिंताग्रस्त हो सकती है.

जानिए क्या बदलाव आते है. 

देखने वाली बात यह है कि जब कोई महिला पहली बार यौन संबंध बनाती है, तो उसके अंदर कई भावनात्मक, दिमागी व शारीरिक बदलाव होते हैं. लेकिन कुछ लोग इस बदलाव को  वर्जिनिटी से जोड़कर देखते हैं. हालांकि, बता दें कि  वर्जिनिटी एक प्रकार का मिथ है. और कुछ भी नहीं है. 

खासकर जब महिला पहली बार यौन संध बनाती है तो , उसके जननांग की इलास्टिसिटी पर फर्क पड़ता है. ऐसा नहीं है कि महिला की  जननांग में भी बदलाव आता है.

इसका यह फायदा होता है कि  वह बच्चे के जन्म के लिए जरूरी खिंचाव तक सहन कर सकती है. लेकिन इंटरकोर्स के माध्यम से कुछ हद तक महिला जननांग को खिंचाव की आदत होने लगती है.

जब पहली बार यौन संबंध बनाती है तो  महिलाओं  के शरीर में कई हॉर्मोन्स का उत्पादन शुरू होता है या बढ़ जाता है. इसमें खास बात यह है कि इसके दौरान एंडोर्फिन, डोपामाइन, ऑक्सीटोसिन हॉर्मोन का स्तर बढ़ने लगता है. जो कि महिला को मानसिक रूप से शांत और खुशनुमा बनाते हैं.

यह भी देखा गया है कि पहली बार शारीरिक संबंध बनाने पर कुछ महिलाओं के स्तनों में बदलाव आ जाता है. इसका कारण यह है कि कामोत्तेजना के दौरान ब्रेस्ट में ब्लड फ्लो बढ़ जाता है, जिससे उनका साइज बढ़ा हो जाता है.

इस कामोत्तेजना के बढ़ने के कारण कारण शरीर में बढ़ा ब्लड फ्लो महिलाओं के निप्पल को भी प्रभावित करता है. इसके कारण देखा जा सकता है कि निप्पल ज्यादा संवेदनशील हो जाते हैं. निप्पल नरम हो जाते है. 

आपको बता दें कि मरिलाओं में पहली बार यौन संबंध बनाने पर महिला के क्लिटोरियस और यूट्रस पर भी असर पड़ता है. क्योंकि, ब्लड फ्लो बढ़ने के कारण क्लिटोरियस में फूल जाता है और संवेदनशील हो जाता है.

इसके साथ ही यूट्रस में संकुचन शुरू हो जाता है. धीरे-धीरे यह संकुचन बेहतर होता रहता है.

इसके साथ ही देखा जाता है कि जब महिलाएं पहली बार यौन संबंध बनाती है तो उनके शरीर में ब्लड फ्लो बढ़ने, ऑक्सीजन में बढ़ोतरी व गुड हॉर्मोन्स का उत्पादन त्वचा पर भी असर डालता है.

आपको बता दें कि इसका असर  महिलाओं के  पीरियड्स पर भी पड़ता है. उनके पहली बार शारीरिक संबंध बनाने पर हुए हॉर्मोनल चेंज के कारण पीरियड्स में देरी हो सकती है. हालांकि, बता दें कि इससे गर्भावस्था का कोई संबंध नहीं है.

गर्भवती हो सकती है महिला?

हां,  पहली बार सबंध बनाने पर भी महिलाएं गर्भवती होने की संभावना होती है. यह बात सच है कि जब भी पुरुषों के शुक्राणु महिला के जननांग में प्रवेश करेंगे, उतनी ही बार गर्भावस्था की संभावना हो सकती है.इसलिए योजना के साथ ही सबंध को बनाए. 

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