देहरादून। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने सोमवार को राज्य सरकार के चार वर्ष पूरे होने के उपलक्ष्य में आयोजित ‘4 साल बेमिसाल’ कार्यक्रम को संबोधित किया। परेड ग्राउंड में विशाल जनसभा के बीच सीएम ने कहा कि चार साल पहले जनता ने मिथकों को तोड़कर सेवा का जो अवसर दिया था, आज वह संकल्प ‘सिद्धि’ में बदल रहा है।
उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के उस कथन को दोहराया जिसमें 21वीं सदी के तीसरे दशक को उत्तराखंड का दशक बताया गया था।
मुख्यमंत्री ने आंकड़ों के जरिए बताया कि पिछले चार वर्षों में उत्तराखंड की आर्थिकी में डेढ़ गुना से अधिक की वृद्धि हुई है। राज्य की सकल घरेलू उत्पाद (GSDP) में 7.23 प्रतिशत की बढ़ोतरी के साथ ही प्रति व्यक्ति आय में भी 41 प्रतिशत का इजाफा हुआ है।
औद्योगिक क्षेत्र में भी राज्य ने लंबी छलांग लगाई है, जहां स्टार्टअप्स की संख्या 700 से बढ़कर 1750 के पार पहुंच गई है। निवेश के मोर्चे पर ग्लोबल इन्वेस्टमेंट समिट के माध्यम से 3.76 लाख करोड़ के प्रस्ताव मिले, जिनमें से 1 लाख करोड़ रुपये धरातल पर उतर चुके हैं।
प्रशासनिक कड़ाई का जिक्र करते हुए सीएम धामी ने कहा कि देवभूमि के स्वरूप को बचाने के लिए सख्त धर्मांतरण और दंगा विरोधी कानून लागू किए गए हैं। भ्रष्टाचार पर प्रहार करते हुए उन्होंने स्पष्ट किया कि अब केवल ‘छोटी मछलियां’ ही नहीं, बल्कि बड़े सिंडिकेट भी सलाखों के पीछे हैं। राज्य में अब तक 30 हजार युवाओं को सरकारी नौकरियां दी जा चुकी हैं।
साथ ही, अतिक्रमण के खिलाफ अभियान चलाकर 12 हजार एकड़ सरकारी जमीन को भू-माफियाओं के कब्जे से मुक्त कराया गया है।
पलायन की समस्या पर प्रहार करते हुए मुख्यमंत्री ने दावा किया कि सरकारी प्रयासों से रिवर्स पलायन में 44 प्रतिशत की वृद्धि हुई है। लखपति दीदी योजना के तहत 2.65 लाख महिलाएं आर्थिक रूप से सशक्त हुई हैं। उन्होंने घोषणा की कि इसी साल जुलाई से उत्तराखंड के सभी मदरसों में केवल सरकारी बोर्ड द्वारा मान्यता प्राप्त पाठ्यक्रम ही पढ़ाया जाएगा, ताकि शिक्षा व्यवस्था में एकरूपता बनी रहे।









