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Uttarakhand News : धामी कैबिनेट की मुहर, 2015 से पहले नियुक्त कर्मचारियों की बढ़ेगी सैलरी

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उत्तराखंड कैबिनेट ने 10 साल की सेवा पूरी करने वाले उपनल कर्मचारियों को ‘समान काम-समान वेतन’ देने पर मुहर लगा दी है। इसके तहत विभागों को दो महीने के भीतर कर्मचारियों से सीधा अनुबंध करना होगा, जिससे उपनल की भूमिका समाप्त हो जाएगी।

Uttarakhand News : उत्तराखंड सरकार ने लंबे समय से आंदोलित उपनल कर्मचारियों की प्रमुख मांग को मान लिया है। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी की अध्यक्षता में हुई कैबिनेट बैठक में तय किया गया कि 10 साल की सेवा पूरी कर चुके उपनल कर्मचारियों को ‘समान काम के लिए समान वेतन’ दिया जाएगा।

वन मंत्री सुबोध उनियाल की अध्यक्षता वाली सब-कमेटी ने पहले 12 साल की सिफारिश की थी, जिसे घटाकर कैबिनेट ने 10 साल कर दिया है। इस फैसले का लाभ पहले चरण में उन कर्मचारियों को मिलेगा जिनकी नियुक्ति साल 2015 से पहले हुई है। हालांकि, नियमितीकरण की नीति पर अभी कोई निर्णय नहीं हो सका है।

दो महीने में खत्म होगा ‘बिचौलिया’ सिस्टम

सचिव (गोपन) शैलेश बगौली ने स्पष्ट किया कि अब विभागों को अपने यहां तैनात उपनल कर्मियों से दो माह के भीतर सीधा अनुबंध (Direct Contract) करना होगा। अनुबंध होते ही इन कर्मचारियों का उपनल से संबंध समाप्त हो जाएगा।

भविष्य में उपनल केवल पूर्व सैनिकों के पुनर्वास का कार्य देखेगा, जबकि विभागों में आउटसोर्सिंग के लिए अलग व्यवस्था बनेगी। 2015 से 2018 के बीच नियुक्त कर्मचारियों के लिए सरकार भविष्य में फैसला लेगी। मुख्यमंत्री धामी ने कहा कि सरकार उपनल कर्मियों के योगदान को गंभीरता से मानती है और उनके कल्याण के लिए संवेदनशील है।

खेल महाकुंभ में अब 5 लाख तक के इनाम

कैबिनेट ने खिलाड़ियों के प्रोत्साहन के लिए भी खजाना खोल दिया है। खेल महाकुंभ के तहत अब विधानसभा, लोकसभा और राज्य स्तर पर नकद पुरस्कार दिए जाएंगे।

विधायक खेल महोत्सव में विजेता न्याय पंचायत को एक लाख रुपये और ट्रॉफी मिलेगी। सांसद खेल महोत्सव में विजेता जिले को दो लाख रुपये दिए जाएंगे। वहीं, राज्य स्तर पर मुख्यमंत्री खेल महोत्सव जीतने वाले जिले को पांच लाख रुपये और चैंपियनशिप ट्रॉफी से नवाजा जाएगा।

यूसीसी के लिए आएगा अध्यादेश, 16 नए कोर्ट बनेंगे

समान नागरिक संहिता (UCC) संशोधन विधेयक में तकनीकी और भाषाई त्रुटियों को सुधारने के लिए सरकार अब अध्यादेश लाएगी। इसके अलावा, प्रदेश में न्याय व्यवस्था को सुदृढ़ करने के लिए 16 नए विशेष न्यायालयों की स्थापना को मंजूरी मिली है। देहरादून, हरिद्वार, नैनीताल और ऊधमसिंहनगर में बनने वाले इन कोर्ट्स के लिए 144 नए पद सृजित किए जाएंगे।

अन्य अहम फैसले

सरकार ने अल्मोड़ा और चंपावत के साइंस सेंटर में 12 और दून विवि के हिंदू अध्ययन केंद्र में 6 पदों को मंजूरी दी है। केदारनाथ धाम में खच्चरों की लीद से ईंधन (पेलेट) बनाने के पायलट प्रोजेक्ट को भी हरी झंडी मिली है। इसके साथ ही बागवानी मिशन में एंटी-हेल नेट पर 25 प्रतिशत अतिरिक्त सब्सिडी और होम स्टे नियमावली-2026 को भी कैबिनेट ने अनुमोदित कर दिया है।

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