---Advertisement---

Uttarakhand : ‘साक्ष्य मिटाने वाले ही मांग रहे सबूत’- अंकिता केस में कांग्रेस ने सरकार को घेरा

---Advertisement---

अंकिता भंडारी हत्याकांड में उर्मिला सनावर के वीडियो के बाद सियासी पारा फिर चढ़ गया है। सरकार ने सबूत मांगते हुए चुनौती दी, तो कांग्रेस ने पलटवार करते हुए आरोप लगाया कि सबूत तो प्रशासन और सरकार ने खुद नष्ट कर दिए हैं।

देहरादून : अंकिता भंडारी हत्याकांड एक बार फिर सियासत के केंद्र में आ गया है। उर्मिला सनावर द्वारा जारी वीडियो और ‘वीआईपी’ के नाम को लेकर मचे घमासान के बीच आज शुक्रवार (2 जनवरी) को सरकार ने अपनी चुप्पी तोड़ी। कैबिनेट मंत्री सुबोध उनियाल ने इस मामले पर प्रेस कॉन्फ्रेंस कर सरकार का पक्ष रखा। सरकार के बयान के तत्काल बाद कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष गणेश गोदियाल ने तीखी प्रतिक्रिया दी है।

Uttarakhand : तपोवन में दूर होगी पानी की किल्लत, शुरू हुई 43 करोड़ की पंपिंग योजना

मंत्री सुबोध उनियाल की सीधी चुनौती

कैबिनेट मंत्री सुबोध उनियाल ने देहरादून में मीडिया से रूबरू होते हुए साफ कहा कि सरकार किसी भी तरह की जांच से इनकार नहीं कर रही है। उन्होंने चुनौती देते हुए कहा कि जो लोग इस मुद्दे को दोबारा उठा रहे हैं, वे केवल बातें न करें बल्कि कोई वैलिड (पुख्ता) सबूत लेकर सामने आएं।

उनियाल ने अपील की कि जिसके पास भी साक्ष्य हैं, वे पुलिस के पास जाएं। पुलिस उन सबूतों के आधार पर निष्पक्ष जांच कराएगी। सरकार का कहना है कि बिना ठोस आधार के केवल आरोप लगाने से जांच आगे नहीं बढ़ सकती।

आंख पर पट्टी, कान में रुई’- कांग्रेस का हमला

सरकार के इस बयान पर कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष गणेश गोदियाल ने तीखा पलटवार किया। गोदियाल ने कहा कि सरकार दहाड़ते हुए सबूत मांग रही है, लेकिन हकीकत यह है कि सरकार ने अपनी आंखों पर पट्टी बांध ली है और कानों में रुई भर ली है। उनका कहना है कि सरकार के केवल मुंह खुले हैं, जबकि आंख और कान बंद हैं।

CM Dhami का रियलिटी चेक, खैरीमान सिंह गांव पहुंचकर परखा सरकारी शिविर का काम

गोदियाल ने गंभीर आरोप लगाते हुए पूछा कि क्या यह किसी से छिपा है कि सबूत किसने नष्ट किए? उन्होंने कहा कि रिजॉर्ट में साक्ष्य मिटाने के लिए कौन अधिकारी जिम्मेदार थे और किस पर बुलडोजर चलाने का दबाव था, यह सरकार को भली-भांति पता है।

सुप्रीम कोर्ट की निगरानी में सीबीआई जांच की मांग

गणेश गोदियाल ने कहा कि अगर जांच एजेंसियां पूछताछ करें, तो सबूत वहीं से मिलेंगे जहां उन्हें मिटाया गया था। उन्होंने एसआईटी जांच पर भी सवाल उठाते हुए कहा कि उसी एसआईटी से साक्ष्य सामने आएंगे जिसने पहले जांच की थी। कांग्रेस ने मांग दोहराई है कि सरकार को फिजूल के स्पष्टीकरण देने के बजाय इस पूरे प्रकरण की जांच सुप्रीम कोर्ट के न्यायाधीश की देखरेख में सीबीआई से करानी चाहिए।

कांग्रेस अध्यक्ष ने कहा कि जोर से बोलने से झूठ सच नहीं हो जाता। सरकार को कथित वीआईपी का नाम पता है, लेकिन अब सबूत नष्ट होने के बाद वह जानबूझकर साक्ष्य प्रस्तुत करने की चुनौती दे रही है।

आखिर क्यों फिर गरमाया मामला?

अंकिता भंडारी हत्याकांड में तीनों दोषियों (पुलकित आर्य, सौरभ भास्कर, अंकित गुप्ता) को कोर्ट उम्रकैद की सजा सुना चुकी है और वे जेल में हैं। मामला शांत था, लेकिन हाल ही में खुद को पूर्व बीजेपी विधायक सुरेश राठौर की कथित पत्नी बताने वाली उर्मिला सनावर का एक वीडियो वायरल हुआ।

इस वीडियो में उर्मिला सनावर ने एक वीआईपी का नाम लिया है। चर्चा है कि यह वही वीआईपी है जिसे ‘स्पेशल सर्विस’ देने के लिए पुलकित आर्य अंकिता पर दबाव बना रहा था। इसी वीडियो के बाद विपक्ष ने सरकार को घेरना शुरू कर दिया है। मूल रूप से पौड़ी की रहने वाली 19 वर्षीय अंकिता, ऋषिकेश के वनंत्रा रिजॉर्ट में रिसेप्शनिस्ट थी, जिसकी हत्या 18 सितंबर 2022 को नहर में धक्का देकर कर दी गई थी।

Join WhatsApp

Join Now
---Advertisement---

Leave a Comment