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Uttarakhand Police Recruitment 2025 : 104 दरोगा और 88 PAC कमांडर नियुक्त, देहरादून में सीएम धामी ने बांटे जॉइनिंग लेटर

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देहरादून में मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने 215 पुलिस अधिकारियों को नियुक्ति पत्र सौंपे। सीएम ने नवनियुक्त दरोगाओं को सीधा संदेश दिया कि लिखित परीक्षा तो बस शुरुआत थी, उनकी ‘असली परीक्षा’ अब फील्ड पर जनता के बीच शुरू होगी।

देहरादून : बुधवार का दिन 215 युवाओं के लिए सपनों के सच होने जैसा रहा। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने मुख्य सेवक सदन में आयोजित समारोह में पुलिस विभाग के 215 नवनियुक्त अधिकारियों को नियुक्ति पत्र सौंपे।

खाकी वर्दी मिलने की खुशी के बीच सीएम ने इन युवाओं को भविष्य की चुनौतियों के लिए आगाह भी किया। उन्होंने साफ शब्दों में कहा कि अब तक की परीक्षा तो केवल एक पड़ाव थी, असली इम्तिहान अब शुरू हो रहा है, जब उन्हें जनता की सुरक्षा और कानून व्यवस्था की जिम्मेदारी निभानी होगी।

किसे मिली कौन सी जिम्मेदारी?

पुलिस बेड़े में शामिल हुए इन नए अधिकारियों से विभाग को नई ऊर्जा मिलेगी। नियुक्त होने वालों में 104 उप-निरीक्षक (Civil Police), 88 गुल्म नायक (PAC), और 23 अग्निशमन द्वितीय अधिकारी शामिल हैं। मुख्यमंत्री ने नवनियुक्त अधिकारियों को प्रेरित करते हुए कहा कि उन्हें अब अनुशासन और समर्पण के साथ अपने कर्तव्यों का पालन करना होगा। राज्य की सुरक्षा व्यवस्था अब इनके कंधों पर है।

बॉर्डर स्टेट की चुनौतियां अलग हैं

उत्तराखंड सामान्य राज्य नहीं है। मुख्यमंत्री ने याद दिलाया कि यह प्रदेश दो अंतरराष्ट्रीय और दो आंतरिक सीमाओं से जुड़ा है। यहां पुलिस का काम सिर्फ कानून व्यवस्था तक सीमित नहीं है। चारधाम यात्रा का सफल संचालन हो या आपदा प्रबंधन, हर मोर्चे पर पुलिस की भूमिका सबसे अहम होती है। इसके अलावा साइबर क्राइम, नशा तस्करी और महिला अपराध जैसे मुद्दों पर भी पुलिस को ‘स्मार्ट पुलिसिंग’ के विजन के साथ काम करना होगा।

पुलिस वेलफेयर पर 500 करोड़ खर्च

सरकार पुलिसकर्मियों को सिर्फ काम ही नहीं दे रही, बल्कि उनकी सुविधाओं का भी ख्याल रख रही है। सीएम धामी ने बताया कि पिछले तीन वर्षों में पुलिस आवासों के निर्माण के लिए करीब 500 करोड़ रुपये स्वीकृत किए गए हैं। जवानों को कैशलेस इलाज की सुविधा दी गई है। साथ ही, अपराधियों से दो कदम आगे रहने के लिए पुलिस फोर्स को आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) और डेटा एनालिटिक्स जैसी आधुनिक तकनीकों में प्रशिक्षित किया जा रहा है।

पारदर्शिता का परिणाम है यह भर्ती

मुख्यमंत्री ने इस भर्ती प्रक्रिया को पारदर्शी सिस्टम की जीत बताया। उन्होंने कहा कि राज्य में देश का सबसे सख्त नकल विरोधी कानून लागू है। इसी का नतीजा है कि पिछले चार वर्षों में 26 हजार से अधिक युवाओं को बिना किसी धांधली के सरकारी नौकरी मिली है। भर्ती परीक्षाओं में पारदर्शिता आने से मेहनती छात्रों का भरोसा सिस्टम पर बढ़ा है। कार्यक्रम में कैबिनेट मंत्री गणेश जोशी, डीजीपी दीपम सेठ और अन्य वरिष्ठ अधिकारी भी मौजूद रहे।

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