देहरादून। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के नेतृत्व वाली उत्तराखंड सरकार ने आज अपने कार्यकाल के चार गौरवशाली वर्ष पूरे कर लिए हैं। 23 मार्च 2022 को दूसरी बार सत्ता संभालने के बाद, सीएम धामी ने न केवल राजनीतिक चुनौतियों का सामना किया, बल्कि ‘धुरंधर’ कार्यशैली से उत्तराखंड को राष्ट्रीय पटल पर एक नई पहचान दिलाई है।
मुख्यमंत्री ने इस अवसर पर प्रदेश की जनता का आभार जताते हुए कहा कि यह चार साल सुशासन और अंत्योदय के संकल्प को समर्पित रहे हैं। उन्होंने स्पष्ट किया कि ‘विकसित उत्तराखंड’ का लक्ष्य अब दूर नहीं है और 2047 तक राज्य को अग्रणी बनाने की दिशा में बुनियादी ढांचा तैयार किया जा चुका है।
आर्थिक मोर्चे पर बड़ी उपलब्धि: प्रति व्यक्ति आय 41% बढ़ी
ताजा आर्थिक सर्वेक्षण और बजट आंकड़ों के अनुसार, धामी सरकार के पिछले चार वर्षों में राज्य की प्रति व्यक्ति आय में 41% का प्रभावशाली इजाफा हुआ है। राज्य का सकल घरेलू उत्पाद (GSDP) वित्त वर्ष 2024-25 में 3.81 लाख करोड़ रुपये तक पहुंच गया है, जो 2021-22 में मात्र 2.54 लाख करोड़ रुपये था। इसके अलावा, खनन सुधारों के चलते राजस्व 400 करोड़ से बढ़कर 1200 करोड़ रुपये हो गया है।
UCC और नकल माफिया पर प्रहार
धामी सरकार की सबसे बड़ी उपलब्धि समान नागरिक संहिता (UCC) का क्रियान्वयन रही है। 27 जनवरी 2025 को लागू होने के बाद, हाल ही में ‘UCC संशोधन अध्यादेश 2026’ के जरिए इसे और भी प्रभावी बनाया गया है। इसके तहत अब तक 5 लाख से अधिक विवाह पंजीकरण ऑनलाइन संपन्न हो चुके हैं। साथ ही, नकल विरोधी कानून के तहत माफियाओं को जेल भेजकर 30,000 युवाओं को पारदर्शी तरीके से सरकारी नौकरी दी गई है।
कैबिनेट विस्तार और 2027 की तैयारी
हाल ही में मुख्यमंत्री ने अपने मंत्रिमंडल का विस्तार करते हुए खजान दास, मदन कौशिक और भरत सिंह चौधरी समेत 5 नए मंत्रियों को शपथ दिलाई है। यह कदम न केवल क्षेत्रीय संतुलन साधने के लिए है, बल्कि आगामी 2027 विधानसभा चुनावों से पहले प्रशासनिक गति को तेज करने का संकेत भी है। वर्तमान में 12,000 एकड़ से अधिक सरकारी भूमि को अतिक्रमण मुक्त कराना और भ्रष्टाचार के खिलाफ ‘जीरो टॉलरेंस’ की नीति सरकार की प्राथमिकता बनी हुई है।









