Vastu For Dining Room : क्या आपने कभी ध्यान दिया है कि कभी-कभी घर में खाना खाते समय मन बेमन लगता है, या परिवार के सदस्य आपस में तालमेल नहीं बना पाते? इसका कारण अक्सर डाइनिंग एरिया का वास्तु दोष हो सकता है।
वास्तु शास्त्र के अनुसार, घर में खाने का स्थान सही दिशा और व्यवस्था में होने से न केवल स्वास्थ्य अच्छा रहता है, बल्कि परिवार के सदस्य भी एक-दूसरे के साथ सुखपूर्वक भोजन कर पाते हैं।
डाइनिंग टेबल की सही स्थिति
वास्तु के अनुसार, डाइनिंग टेबल को किसी भी बीम के नीचे नहीं रखना चाहिए। बीम के नीचे भोजन करने से मानसिक थकान और बेमनियत की भावना बढ़ती है।
टेबल की दिशा भी महत्वपूर्ण है। इसे पूर्व या पश्चिम दिशा में रखना सबसे शुभ माना जाता है।
टेबल का आकार और कुर्सियों की संख्या
डाइनिंग टेबल का आकार ऐसा होना चाहिए कि इसके चारों ओर बैठे लोग सहज रूप से भोजन कर सकें।
वास्तु के अनुसार, टेबल का अनुपात 12 से ज्यादा नहीं होना चाहिए, ताकि भोजन करते समय किसी के मन में दूसरे के लिए नकारात्मक विचार न आए।
कुर्सियों की संख्या हमेशा सम संख्या में रखनी चाहिए। इससे परिवार में सामंजस्य और संतुलन बना रहता है।
साथ ही, यह ध्यान रखें कि टेबल और कुर्सियों को दीवार से चिपका कर न रखें, और टॉयलेट वाली दीवार के पास डाइनिंग सेटअप न बनाएं।
दीवारों का रंग और मुख्य द्वार की स्थिति
डाइनिंग हॉल की दीवारों का रंग हल्का पीला, क्रीम या हल्का ऑरेंज होना शुभ माना जाता है। यह रंग खाने के समय मानसिक शांति और सकारात्मकता लाता है।
इसके अलावा, घर का मुख्य द्वार और डाइनिंग एरिया आमने-सामने नहीं होना चाहिए, क्योंकि इससे घर में ऊर्जा का संतुलन बिगड़ सकता है।
अन्य वास्तु सुझाव
डाइनिंग एरिया को साफ-सुथरा और रोशन रखें। खाना खाने के समय मोबाइल और अन्य इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों से दूरी बनाएं।
डाइनिंग हॉल में पौधे रख सकते हैं, लेकिन फूल या गमले को टेबल के ऊपर न रखें।
वास्तु शास्त्र के ये सरल उपाय अपनाकर आप न सिर्फ खाने के अनुभव को सुखद बना सकते हैं, बल्कि परिवार के सदस्यों के बीच सकारात्मक संबंध भी बढ़ा सकते हैं।









