पौड़ी गढ़वाल के बहुचर्चित अंकिता भंडारी हत्याकांड में एक बार फिर सियासी पारा चढ़ गया है. वजह है एक्ट्रेस उर्मिला सनावर का एक हालिया वीडियो.
इस वीडियो में उर्मिला ने हत्याकांड से जुड़े उस कथित ‘वीआईपी’ का नाम उजागर करने का दावा किया है, जिसकी चर्चा लंबे समय से दबी हुई थी. साथ ही उन्होंने वीडियो में कई नेताओं पर गंभीर आरोप लगाए हैं.
इस नए घटनाक्रम पर अब अंकिता की मां सोनी देवी ने सीधी प्रतिक्रिया दी है. उन्होंने स्पष्ट कहा है कि अगर उर्मिला के पास इस मामले से जुड़े कोई भी ठोस सबूत हैं, तो उन्हें बिना देरी किए अदालत के सामने पेश करना चाहिए.
न्याय के लिए सबूत सामने आना जरूरी
सोनी देवी ने भावुक होते हुए कहा कि सच्चाई का सामने आना बेहद जरूरी है. जो भी वीआईपी या प्रभावशाली लोग इस जघन्य अपराध में शामिल हैं, उन्हें कानून के तहत सख्त से सख्त सजा मिलनी चाहिए. उन्होंने बताया कि उनकी बेटी पर एक रसूखदार व्यक्ति के दबाव में गलत काम करने के लिए मजबूर किया गया था.
जब अंकिता ने अनैतिक कार्य करने से साफ इनकार कर दिया, तो उसकी बेरहमी से हत्या कर दी गई. यह लड़ाई अब सिर्फ उनकी बेटी की नहीं, बल्कि उत्तराखंड की हर बेटी की सुरक्षा का सवाल है. भविष्य में ऐसी घटना दोबारा न हो, इसके लिए सभी तथ्यों का निष्पक्ष तरीके से कोर्ट के सामने आना अनिवार्य है.
उर्मिला की सुरक्षा को लेकर जताई चिंता
अंकिता की मां ने न्याय प्रणाली पर भरोसा जताते हुए उर्मिला सनावर की सुरक्षा को लेकर भी गहरी आशंका व्यक्त की है. सोनी देवी ने कहा कि जिस तरह उनकी बेटी अंकिता को रिसॉर्ट की संदिग्ध गतिविधियों की जानकारी थी और वह उसे सार्वजनिक करना चाहती थी, उसी वजह से उसे मार दिया गया.
उन्हें डर है कि कहीं उर्मिला के साथ भी इसी तरह की कोई अनहोनी न हो जाए. इसलिए प्रशासन को उर्मिला की सुरक्षा के कड़े इंतजाम करने चाहिए. सोनी देवी का कहना है कि जब से उनकी बेटी इस दुनिया से गई है, परिवार एक पल के लिए भी चैन से नहीं सो पाया है.
वर्षों से उठ रहे वीआईपी पर सवाल
सोनी देवी ने सोशल मीडिया पर उर्मिला सनावर का वह बयान सुना है, जिसमें लंबे समय से चर्चाओं में रहे वीआईपी का नाम सार्वजनिक करने की बात कही गई है. अंकिता की मां का कहना है कि जिस नाम को लेकर सालों से सवाल उठते रहे, आज उर्मिला ने उसे सबूतों के साथ सामने रखने का दावा किया है.
उन्होंने उर्मिला से अपील की है कि वह अपने पास मौजूद सभी सबूत जल्द से जल्द अदालत को सौंपें. ऐसा करना सिर्फ अंकिता के न्याय के लिए ही नहीं, बल्कि पूरे उत्तराखंड की बेटियों के सुरक्षित भविष्य के लिए भी जरूरी है.









